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Kushinagar News: किसानों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण पर जोर

Thu, 20 Aug 2026 02:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:15 AM IST
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Emphasis on timely resolution of farmers' problems
पडरौना। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। किसी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में किसानों ने कृषि, गन्ना, सिंचाई, जलभराव, फसल क्षति और विभिन्न कृषि योजनाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं।
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किसान दिवस में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि छह अगस्त को आजमगढ़ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के 30 किसानों को मखाना उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक और प्रबंधन की जानकारी लेने के लिए भेजा गया था। प्रशिक्षण से लौटे किसानों ने मखाना की खेती से संबंधित अनुभव साझा करते हुए उत्पादन के लिए आवश्यक मशीनों की उपलब्धता कराने की मांग की। डीएम ने कहा कि जिले में जलभराव वाले क्षेत्रों और मखाना उत्पादन के लिए उपयुक्त भूमि का उपयोग कर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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शहतूत लगाकर रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर
रेशम उत्पादन को लेकर भी किसानों को जानकारी दी गई। बताया गया कि रेशम विभाग की ओर से किसानों को शहतूत के पौधे निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। शहतूत की खेती के साथ रेशम कीट पालन कर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। किसानों को शहतूत रेशम के साथ एरी और मूंगा रेशम उत्पादन की गतिविधियों और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। गन्ना क्रय केंद्र बलवनिया, खड्डा से जुड़ी समस्या एक किसान ने जिलाधिकारी के सामने रखी। इस पर जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को तत्काल समस्या का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने गन्ना आयुक्त को भी पत्र भेजने के निर्देश दिए। क्षतिग्रस्त गन्ने के सर्वे और शिकायतों का मामला भी बैठक में उठा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। जिले में जलभराव की समस्या को देखते हुए उन्होंने जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सूखा, बाढ़, तूफान और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में इन योजनाओं से आर्थिक सुरक्षा मिलती है। खरीफ फसलों के लिए किसान अधिकतम दो प्रतिशत और उद्यानिकी फसलों के लिए पांच प्रतिशत तक प्रीमियम देकर योजना का लाभ ले सकते हैं। किसानों को योजना में नामांकन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी अभिलेख, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर समेत आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, अधिशासी अभियंता विद्युत, जिला समन्वयक
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फसल बीमा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए किसान मौजूद रहे।
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