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शहर में झूलते तारों से दुर्घटना की आशंका
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ऊंची हो गईं सड़कें, लटक रहे जर्जर तार, खतरे की बढ़ी आशंका
पडरौना (कुशीनगर)। शहर में लगे ज्यादातर तार-पोल सत्तर के दशक से भी पुराने हैं। अब वे जर्जर हो चुके हैं। इतने वर्षों में सड़कें बनने और उनके उच्चीकरण से अब जमीन से तारों की ऊंचाई कम रह गई है। इन दिनों गन्ना लदी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्रकों में फंसकर आए दिन तार टूट रहे हैं लिहाजा बिजली गुल हो जा रही है। जबकि हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
पडरौना शहर में वर्षों पुराने बिजली के पोल तथा जगह-जगह झूल रहे तारों के कारण शहरवासी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नगर के कई स्थानों पर झूलते तार और झुके पोल के कारण हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है। आबादी क्षेत्र में हैवी लाइन को हटाने, झूलते तारों को ऊंचा कराने और झुके पोल की जगह नए पोल लगवाने में बिजली निगम रुचि नहीं ले रहा है। जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
नगर से होकर गुजर रहे बाईपास के अलावा शहर सहित अन्य सड़कों से प्रतिदिन भारी वाहनों का आवागमन रहता है। इन दिनों गन्ना लदी ट्राली-ट्रैक्टर भी काफी संख्या में आ जा रहे हैं। इन वाहनों की आवाजाही के कारण झूलते तारों से हादसे होने की आशंका बनी हुई है। कई बार बड़े वाहनों में झूलते तार फंस जा रहे हैं, जिससे बिजली गुल हो जा रही है। यह स्थिति सड़कें ऊंची हो जाने और ओवरलोड वाहनों के चलते उत्पन्न हुई है। अभी एक सप्ताह पहले ही पडरौना नगर के कुबेरस्थान रोड पर रात के करीब दस बजे गन्ना लदी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राली में फंस जाने से तार टूटकर सड़क पर गिर गए थे जिससे भोर तक आवागमन ठप रहा था। पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया है जो तारों पर टिका है। आसपास रहने वाले लोगों के घरों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी। लाइनमैन के आकर तार-ठीक करने के बाद आवागमन बहाल हो पाया था। इन्हें व्यवस्थित कराने और जर्जर बिजली के तार बदलने की दिशा में विद्युत निगम की तरफ से कोई सार्थक प्रयास नहीं किया जा रहा है।
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विद्युत निगम के जेई बोले
पडरौना विद्युत उपकेंद्र के जेई सर्वेश दुबे ने बताया कि शहर के कई स्थानों पर जर्जर तार और पोल बदल दिए गए हैं। शेष स्थानों के जर्जर पोल और तार को बदलने के लिए प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इसके अलावा जो मरम्मत के लायक हैं। उनकी मरम्मत कराई जा रही है।
उपभोक्ता बोले
जर्जर तारों में फाल्ट के कारण कट जाती है बिजली
शहर के कुंदन वर्मा ने बताया कि बिजली के तार व खंभों की समय पर मरम्मत नहीं होने से कई जगह झुक गए हैं। बिजली के तार भी झूल रहे हैं, लेकिन इसे व्यवस्थित नहीं किया जा रहा है। बेलवा चुंगी निवासी सूरज कुमार ने बताया कि शहर की सड़कों पर झूलते तार अक्सर गन्ना लदी ट्रालियों में फंसकर टूट जाते हैं। इसके अलावा तारों के आपस में टकराने से बिजली गुल हो जाती है। बेलवा चुंगी बाईपास सड़क के किनारे लगे बिजली के खंभों के तार नजदीक आ गए हैं। अमित पटवा ने बताया कि शहर में कई दशक पूर्व बिजली के तार और पोल लगाए थे। कई स्थानों पर तो बिजली लाइन को प्रारंभ होने के समय जो पोल और एल्यूमीनियम के तार लगे थे, उसे भी बदले नहीं गया है। इस समय पोल की स्थिति ऐसी हो गई है कि पूरी तरह जीर्ण- शीर्ण अवस्था में होने से तार-पोल मरम्मत लायक भी नहीं रह गए हैं। इसके बावजूद उन्हें बदलने की पहल नहीं की जा रही है। वाल्मीकि नगर निवासी अजीत गोंड ने बताया कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों को ऊंचा करने के लिए जिम्मेदारों से कई बार मांग की है। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते लोगों को दुर्घटना होने की आशंका बनी है।
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पडरौना (कुशीनगर)। शहर में लगे ज्यादातर तार-पोल सत्तर के दशक से भी पुराने हैं। अब वे जर्जर हो चुके हैं। इतने वर्षों में सड़कें बनने और उनके उच्चीकरण से अब जमीन से तारों की ऊंचाई कम रह गई है। इन दिनों गन्ना लदी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्रकों में फंसकर आए दिन तार टूट रहे हैं लिहाजा बिजली गुल हो जा रही है। जबकि हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
पडरौना शहर में वर्षों पुराने बिजली के पोल तथा जगह-जगह झूल रहे तारों के कारण शहरवासी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नगर के कई स्थानों पर झूलते तार और झुके पोल के कारण हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है। आबादी क्षेत्र में हैवी लाइन को हटाने, झूलते तारों को ऊंचा कराने और झुके पोल की जगह नए पोल लगवाने में बिजली निगम रुचि नहीं ले रहा है। जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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नगर से होकर गुजर रहे बाईपास के अलावा शहर सहित अन्य सड़कों से प्रतिदिन भारी वाहनों का आवागमन रहता है। इन दिनों गन्ना लदी ट्राली-ट्रैक्टर भी काफी संख्या में आ जा रहे हैं। इन वाहनों की आवाजाही के कारण झूलते तारों से हादसे होने की आशंका बनी हुई है। कई बार बड़े वाहनों में झूलते तार फंस जा रहे हैं, जिससे बिजली गुल हो जा रही है। यह स्थिति सड़कें ऊंची हो जाने और ओवरलोड वाहनों के चलते उत्पन्न हुई है। अभी एक सप्ताह पहले ही पडरौना नगर के कुबेरस्थान रोड पर रात के करीब दस बजे गन्ना लदी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राली में फंस जाने से तार टूटकर सड़क पर गिर गए थे जिससे भोर तक आवागमन ठप रहा था। पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया है जो तारों पर टिका है। आसपास रहने वाले लोगों के घरों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी। लाइनमैन के आकर तार-ठीक करने के बाद आवागमन बहाल हो पाया था। इन्हें व्यवस्थित कराने और जर्जर बिजली के तार बदलने की दिशा में विद्युत निगम की तरफ से कोई सार्थक प्रयास नहीं किया जा रहा है।
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विद्युत निगम के जेई बोले
पडरौना विद्युत उपकेंद्र के जेई सर्वेश दुबे ने बताया कि शहर के कई स्थानों पर जर्जर तार और पोल बदल दिए गए हैं। शेष स्थानों के जर्जर पोल और तार को बदलने के लिए प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इसके अलावा जो मरम्मत के लायक हैं। उनकी मरम्मत कराई जा रही है।
उपभोक्ता बोले
जर्जर तारों में फाल्ट के कारण कट जाती है बिजली
शहर के कुंदन वर्मा ने बताया कि बिजली के तार व खंभों की समय पर मरम्मत नहीं होने से कई जगह झुक गए हैं। बिजली के तार भी झूल रहे हैं, लेकिन इसे व्यवस्थित नहीं किया जा रहा है। बेलवा चुंगी निवासी सूरज कुमार ने बताया कि शहर की सड़कों पर झूलते तार अक्सर गन्ना लदी ट्रालियों में फंसकर टूट जाते हैं। इसके अलावा तारों के आपस में टकराने से बिजली गुल हो जाती है। बेलवा चुंगी बाईपास सड़क के किनारे लगे बिजली के खंभों के तार नजदीक आ गए हैं। अमित पटवा ने बताया कि शहर में कई दशक पूर्व बिजली के तार और पोल लगाए थे। कई स्थानों पर तो बिजली लाइन को प्रारंभ होने के समय जो पोल और एल्यूमीनियम के तार लगे थे, उसे भी बदले नहीं गया है। इस समय पोल की स्थिति ऐसी हो गई है कि पूरी तरह जीर्ण- शीर्ण अवस्था में होने से तार-पोल मरम्मत लायक भी नहीं रह गए हैं। इसके बावजूद उन्हें बदलने की पहल नहीं की जा रही है। वाल्मीकि नगर निवासी अजीत गोंड ने बताया कि क्षतिग्रस्त पोल और झूलते तारों को ऊंचा करने के लिए जिम्मेदारों से कई बार मांग की है। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते लोगों को दुर्घटना होने की आशंका बनी है।