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Kushinagar News: आठ बेरोजगारों से 4.35 लाख की ठगी
Wed, 04 Jun 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 04 Jun 2025 12:56 AM IST
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पडरौना। जिले में बेरोजगार युवकों को ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) व आधार कार्ड सेंटर दिलाने के नाम पर एक जालसाज ने लाखों की ठगी की है। इसके जाल में फंसे आठ युवकों से 4.35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। एक युवक की शिकायत पर केस दर्ज हो चुका है जबकि अन्य लोगों का मामला भी पुलिस तक पहुंच गया है। ठगी के शिकार हुए लोगों का आरोप है कि काम नहीं होने पर वे जब दिए गए रुपये वापस मांगने लगे तो आरोपी दबंगई दिखाते हुए धमकी देने लगा। जानकारी के अनुसार जालसाज ने सीएसपी व आधार सेंटर दिलाने के नाम पर युवाओं को झांसे में लिया, लेकिन न तो उन्हें लाइसेंस मिला न रुपये लौटाए। इस पर ठगी के शिकार हुए लोग कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस के पास पहुंचने लगे। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत चाफ निवासी विशाल कुशवाहा पुत्र सूरज कुशवाहा ने 30 मई को एसपी से की गई शिकायत में बताया कि सेवरही थाना क्षेत्र के नगर पंचायत सेवरही के खालवा टोला निवासी मुबारक अंसारी ने उसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) दिलाने का झांसा दिया। मुबारक ने झांसे में लेकर विशाल से कुल 88,000 रुपये अपने खाते में जमा करा लिया व आवश्यक दस्तावेज भी ले लिया। एक वर्ष बाद जब विशाल ने काम नहीं होने की स्थिति में जालसाज से रुपये वापस मांगे तो उसने जान-माल की धमकी दी। इस पर विशाल ने 20 मई को थाना सेवरही में लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई नहीं होने पर 30 मई को एसपी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी के आदेश पर दो जून को विशुनपुरा थाने में केस दर्ज किया गया। वहीं पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने सिर्फ औपचारिकता निभाई है और गंभीर आरोपों को नजरअंदाज कर दिया गया है। लेनदेन के सभी दस्तावेज थाने में सौंपे थे, जिसमें भुगतान की रसीदें, बातचीत के सबूत और बैंक से जुड़ी जानकारी शामिल थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर में ठगी और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराएं शामिल ही नहीं कीं सिर्फ कोरमपूर्ति की है। फुलेना कुशवाहा पुत्र विंध्याचल कुशवाह निवासी ग्राम जरार पोस्ट किन्नर पट्टी ने थाना कोतवाली पडरौना ने दो जून को थाना कोतवाली पडरौना में शिकायत देते बताया कि वह अपने परिवार के भरण पोषण के लिए जन सेवा केंद्र चलाता है। अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) का लाइसेंस लेना चाहता था।
इसी बीच उसकी मुलाकात सेवरही थाना क्षेत्र के खालवा टोला, नगर पंचायत सेवरही निवासी से मुबारक अंसारी से हुई। उसने स्वयं को बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ा बताते हुए उसे झांसे में ले लिया। मुबारक के मांगने पर उसने छह किश्तों में 88700 रुपये मुबारक अंसारी के खाते में जमा किया और कागजात दे दिया। जब लाइसेंस नहीं मिला तो उसने दिए गए रुपए वापस मांगे तो आरोपी उसे धमकाने लगा। इस पर उसने पुलिस को शिकायत की लेकिन इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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कार्रवाई नहीं होने पर 30 मई को एसपी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी के आदेश पर दो जून को विशुनपुरा थाने में केस दर्ज किया गया। वहीं पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने सिर्फ औपचारिकता निभाई है और गंभीर आरोपों को नजरअंदाज कर दिया गया है। लेनदेन के सभी दस्तावेज थाने में सौंपे थे, जिसमें भुगतान की रसीदें, बातचीत के सबूत और बैंक से जुड़ी जानकारी शामिल थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर में ठगी और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराएं शामिल ही नहीं कीं सिर्फ कोरमपूर्ति की है। फुलेना कुशवाहा पुत्र विंध्याचल कुशवाह निवासी ग्राम जरार पोस्ट किन्नर पट्टी ने थाना कोतवाली पडरौना ने दो जून को थाना कोतवाली पडरौना में शिकायत देते बताया कि वह अपने परिवार के भरण पोषण के लिए जन सेवा केंद्र चलाता है। अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) का लाइसेंस लेना चाहता था।
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इसी बीच उसकी मुलाकात सेवरही थाना क्षेत्र के खालवा टोला, नगर पंचायत सेवरही निवासी से मुबारक अंसारी से हुई। उसने स्वयं को बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ा बताते हुए उसे झांसे में ले लिया। मुबारक के मांगने पर उसने छह किश्तों में 88700 रुपये मुबारक अंसारी के खाते में जमा किया और कागजात दे दिया। जब लाइसेंस नहीं मिला तो उसने दिए गए रुपए वापस मांगे तो आरोपी उसे धमकाने लगा। इस पर उसने पुलिस को शिकायत की लेकिन इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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