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Kushinagar News: बांसी नदी के जीर्णोद्धार की कवायद तेज, सर्वे शुरू
Sat, 06 Sep 2025 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 06 Sep 2025 01:44 AM IST
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मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक की जीवनरेखा कही जाने वाली बांसी नदी के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। इसके विकास के लिए अधिकारियों के निरीक्षण का दौर चल रहा है। हर बिंदुओं पर अधिकारी नजर डाल रहे हैं। जिससे इस नदी का जीर्णोद्धार हाे सके।
बीडीओ अखण्ड प्रताप ने शुक्रवार को तकनीकी सहायकों के साथ नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। पता चला कि नदी की जमीन पर अतिक्रमण कर लोगों ने धान की खेती कर रखी हैं। खड्डा ब्लॉक के कटाई भरपुरवा से लेकर बांसी तक 12 गांव से होकर यह नदी बिहार होते निकली है।
प्रसिद्ध बांसी नदी के जीर्णोद्धार के लिए डीएम सख्त हो गए हैं। शुक्रवार को पूरे दिन बीडीओ की अगुवाई में कर्मचारी पैदल ही चलकर सर्वे किए। इसमें कई जगहों पर तो नदी का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। कई जगहों पर लोग अतिक्रमण कर खेती कर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि बांसी नदी कभी पूरे क्षेत्र की सिंचाई और जलस्रोत की धुरी हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे अतिक्रमण और अवैध खेती के कारण इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया। अब प्रशासन की सक्रियता से लोगों में उम्मीद जगी है कि नदी फिर से जीवनदायिनी रूप में लौट सकेगी।
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बीडीओ अखण्ड प्रताप ने शुक्रवार को तकनीकी सहायकों के साथ नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। पता चला कि नदी की जमीन पर अतिक्रमण कर लोगों ने धान की खेती कर रखी हैं। खड्डा ब्लॉक के कटाई भरपुरवा से लेकर बांसी तक 12 गांव से होकर यह नदी बिहार होते निकली है।
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प्रसिद्ध बांसी नदी के जीर्णोद्धार के लिए डीएम सख्त हो गए हैं। शुक्रवार को पूरे दिन बीडीओ की अगुवाई में कर्मचारी पैदल ही चलकर सर्वे किए। इसमें कई जगहों पर तो नदी का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। कई जगहों पर लोग अतिक्रमण कर खेती कर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि बांसी नदी कभी पूरे क्षेत्र की सिंचाई और जलस्रोत की धुरी हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे अतिक्रमण और अवैध खेती के कारण इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया। अब प्रशासन की सक्रियता से लोगों में उम्मीद जगी है कि नदी फिर से जीवनदायिनी रूप में लौट सकेगी।