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नए शिक्षकों के मिलने से सुधरेगी शिक्षण व्यवस्था
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नए शिक्षकों के मिलने से सुधरेगी शिक्षण व्यवस्था
पडरौना। लंबे अरसे से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में इस महीने 1860 शिक्षक मिले हैं। नए शिक्षक मिलने से पढ़ाई व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही स्कूलों की अन्य व्यवस्था भी सुधरेगी।
जिले में 824 जूनियर विद्यालय और 2179 प्राथमिक विद्यालय थे। एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों के संविलयन के बाद परिषदीय विद्यालयों की संख्या घटकर 2464 हो गई। इन विद्यालयों में करीब पौने तीन लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कान्वेंट विद्यालयों से बेहतर शैक्षिक और शिक्षणेत्तर गतिविधियां व्यवस्थित करने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग प्रयासरत हैं, लेकिन सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पठन पाठन की व्यवस्था बेहतर नहीं हो पा रही थी। पिछले महीने तक जिले के 1250 परिषदीय विद्यालय ऐसे थे, जहां एकल या दो शिक्षक ही तैनात थे। एक विद्यालय केवल शिक्षामित्रों के भरोसे था। अंतर जनपदीय तबादले से 63 शिक्षक जिले को मिलने हैं। इनमें से 54 शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इसके अलावा 1806 सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त हुए हैं। इस तरह कुल 1860 शिक्षक मिलने से शैक्षिक और शिक्षणेत्तर गतिविधियां बेहतर होने की उम्मीद है।
बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि नए शिक्षकों के मिलने निश्चित रूप से परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन और मजबूत होगा। इसके लिए सभी उत्साहित हैं। विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य और बेहतर शिक्षणेत्तर कार्यों के लिए संबंधित को निर्देश दिए गए हैं।
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पडरौना। लंबे अरसे से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में इस महीने 1860 शिक्षक मिले हैं। नए शिक्षक मिलने से पढ़ाई व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही स्कूलों की अन्य व्यवस्था भी सुधरेगी।
जिले में 824 जूनियर विद्यालय और 2179 प्राथमिक विद्यालय थे। एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों के संविलयन के बाद परिषदीय विद्यालयों की संख्या घटकर 2464 हो गई। इन विद्यालयों में करीब पौने तीन लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कान्वेंट विद्यालयों से बेहतर शैक्षिक और शिक्षणेत्तर गतिविधियां व्यवस्थित करने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग प्रयासरत हैं, लेकिन सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पठन पाठन की व्यवस्था बेहतर नहीं हो पा रही थी। पिछले महीने तक जिले के 1250 परिषदीय विद्यालय ऐसे थे, जहां एकल या दो शिक्षक ही तैनात थे। एक विद्यालय केवल शिक्षामित्रों के भरोसे था। अंतर जनपदीय तबादले से 63 शिक्षक जिले को मिलने हैं। इनमें से 54 शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इसके अलावा 1806 सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त हुए हैं। इस तरह कुल 1860 शिक्षक मिलने से शैक्षिक और शिक्षणेत्तर गतिविधियां बेहतर होने की उम्मीद है।
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बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि नए शिक्षकों के मिलने निश्चित रूप से परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन और मजबूत होगा। इसके लिए सभी उत्साहित हैं। विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य और बेहतर शिक्षणेत्तर कार्यों के लिए संबंधित को निर्देश दिए गए हैं।
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