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Kushinagar News: ईडी के छापों से टूटा ड्रग माफिया का नेटवर्क, रातों-रात बदले रूट
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पड़रौना। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताबड़तोड़ छापे ने कुशीनगर-बिहार बॉर्डर के ड्रग माफियाओं में खलबली मचा दी है।
हालात ऐसे हैं कि जो नेटवर्क कल तक खुलेआम सिरप खपा रहा था, वह अब रातों-रात ठिकाने बदलने, मोबाइल स्विच ऑफ करने और डिजिटल निशान मिटाने में जुट गया है। सूत्र बताते हैं कि कई जगहों पर गोदाम खाली कर दिए गए, तो कहीं खेप को खेत-खलिहानों और ग्रामीण रास्तों से गायब कर दिया गया।
ईडी की कार्रवाई शुरू होने के बाद धंधेबाज व्हाट्सऐप कॉल, कैश ट्रांजैक्शन और कोडवर्ड-सब बदल दिए हैं। सिरप की बोतलें अब मेडिकल दुकानों से ज्यादा घरों, निजी वाहनों और अस्थायी ठिकानों में छिपाई जा रही हैं। जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कागजों में दवाओं की खपत और बिक्री का फर्जी हिसाब तैयार किया जा रहा है।
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ईडी और एसआईटी की जांच में कोडीन सिरप के अवैध धंधे का तार कुशीनगर से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि तमाम फर्जी आधार पर सिर्फ कागज में फर्म बनाकर माल मंगाने का दिखावा किया गया है और हकीकत में वह माल यहां पहुंचा ही नहीं बल्कि नशे के धंधेबाजों के हाथ सौंप दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा की जा रही छापे की कार्रवाई के कारण कोडीन सिरप के धंधेबाज अब ढूढने पर भी नहीं मिल रहे हैं। क्योंकि अब वह छापे और धरपकड़ के भय से वह भागते फिर रहे हैं।
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हालात ऐसे हैं कि जो नेटवर्क कल तक खुलेआम सिरप खपा रहा था, वह अब रातों-रात ठिकाने बदलने, मोबाइल स्विच ऑफ करने और डिजिटल निशान मिटाने में जुट गया है। सूत्र बताते हैं कि कई जगहों पर गोदाम खाली कर दिए गए, तो कहीं खेप को खेत-खलिहानों और ग्रामीण रास्तों से गायब कर दिया गया।
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ईडी की कार्रवाई शुरू होने के बाद धंधेबाज व्हाट्सऐप कॉल, कैश ट्रांजैक्शन और कोडवर्ड-सब बदल दिए हैं। सिरप की बोतलें अब मेडिकल दुकानों से ज्यादा घरों, निजी वाहनों और अस्थायी ठिकानों में छिपाई जा रही हैं। जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कागजों में दवाओं की खपत और बिक्री का फर्जी हिसाब तैयार किया जा रहा है।
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ईडी और एसआईटी की जांच में कोडीन सिरप के अवैध धंधे का तार कुशीनगर से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि तमाम फर्जी आधार पर सिर्फ कागज में फर्म बनाकर माल मंगाने का दिखावा किया गया है और हकीकत में वह माल यहां पहुंचा ही नहीं बल्कि नशे के धंधेबाजों के हाथ सौंप दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा की जा रही छापे की कार्रवाई के कारण कोडीन सिरप के धंधेबाज अब ढूढने पर भी नहीं मिल रहे हैं। क्योंकि अब वह छापे और धरपकड़ के भय से वह भागते फिर रहे हैं।