{"_id":"5f8b3a678ebc3e9bc61cb4c7","slug":"durgaworshiped-in-home-and-temples-kushinagar-news-gkp369830999","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों और मंदिरों में शुरू हुई मां दुर्गा की आराधना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों और मंदिरों में शुरू हुई मां दुर्गा की आराधना
विज्ञापन
घरों और मंदिरों में शुरू हुई मां दुर्गा की आराधना
- सभी देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- अनेक जगहों पर न मास्क का उपयोग हुआ न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अपने-अपने क्षेत्र के देवी मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की स्तुति की और परिवार के सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। अनेक घरों और पंडालों में कलश स्थापना के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई। हालांकि ज्यादातर स्थानों पर न तो श्रद्धालु मास्क लगाए दिखे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया।
शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्राचीन खह्नवार मंदिर, पडरौना के दुर्गा मंदिर, बलुचहां के लखरांव मंदिर, खिरकिया माता मंदिर, रामकोला के धर्मसमधा मंदिर, पिजावा स्थान, मैनपुर कोट स्थान, कुलकुला देवी मंदिर, मथौली बाजार इलाके के चेड़ा देवी मंदिर व सिंहासनी माता मंदिर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन व पूजन के लिए आते रहे हैं। वहां भव्य मेला भी लगता था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस साल मंदिरों पर न तो भीड़ जुटाने का निर्देश है और न ही मेला के आयोजन का। इसी तरह पडरौना नगर के छावनी स्थित महादेव मंदिर, रेलवे स्टेशन, राज दरबार, तिलक चौक, मशीनरी मार्केट सहित अनेक स्थानों पर दशकों पहले से दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं, लेकिन महामारी के चलते ही यह पहला ऐसा अवसर है, जब पूर्व के वर्षों की भांति पंडाल स्थापित नहीं हो रहे हैं।
इस बार के शारदीय नवरात्र में देवी मंदिरों पर पूजा-अर्चना के दौरान दो गज की दूरी और मास्क के उपयोग का प्रशासन की तरफ से निर्देश दिया गया था, लेकिन ज्यादातर मंदिरों में लोगों ने इसका पालन नहीं किया और धक्का-मुक्की के बीच पूजा-अर्चना की।
विज्ञापन
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ हो गई। श्रद्घालुओं ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना के साथ कोरोना महामारी से लोगों को बचाने की प्रार्थना की। छतुवनिया माता मंदिर, सच्चा दरबार मंदिर, बेलवा भवानी मंदिर, सोना भवानी मंदिर, योगेश्वरी माता मंदिर, बसई देवी भवानी मंदिर, काली माता मंदिर, जलपा माई मंदिर, बनही देवी मंदिर, डीह भवानी मंदिर, चीनी मिल गेट दुर्गा मंदिर, अष्टभुजी भवानी मंदिर, सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर, पिंडी भवानी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। इसी तरह जिले के अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
धर्मसमधा मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़-
रामकोला। कस्बे के धर्मसमधा मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। यहां पंक्ति में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने अपनी बारी का इंतजार किया और एक-एक कर पूजा की। श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए मां दुर्गा के मंदिर के समक्ष कपूर-अगरबत्ती जलाकर प्रसाद चढ़ाया और मन्नतें पूरी करने के लिए आराधना की। मंदिर के पुजारी लालमणि तिवारी ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए पंक्ति में पूजा किए जाने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
- सभी देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- अनेक जगहों पर न मास्क का उपयोग हुआ न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अपने-अपने क्षेत्र के देवी मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की स्तुति की और परिवार के सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। अनेक घरों और पंडालों में कलश स्थापना के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई। हालांकि ज्यादातर स्थानों पर न तो श्रद्धालु मास्क लगाए दिखे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया।
शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्राचीन खह्नवार मंदिर, पडरौना के दुर्गा मंदिर, बलुचहां के लखरांव मंदिर, खिरकिया माता मंदिर, रामकोला के धर्मसमधा मंदिर, पिजावा स्थान, मैनपुर कोट स्थान, कुलकुला देवी मंदिर, मथौली बाजार इलाके के चेड़ा देवी मंदिर व सिंहासनी माता मंदिर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन व पूजन के लिए आते रहे हैं। वहां भव्य मेला भी लगता था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस साल मंदिरों पर न तो भीड़ जुटाने का निर्देश है और न ही मेला के आयोजन का। इसी तरह पडरौना नगर के छावनी स्थित महादेव मंदिर, रेलवे स्टेशन, राज दरबार, तिलक चौक, मशीनरी मार्केट सहित अनेक स्थानों पर दशकों पहले से दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं, लेकिन महामारी के चलते ही यह पहला ऐसा अवसर है, जब पूर्व के वर्षों की भांति पंडाल स्थापित नहीं हो रहे हैं।
विज्ञापन
इस बार के शारदीय नवरात्र में देवी मंदिरों पर पूजा-अर्चना के दौरान दो गज की दूरी और मास्क के उपयोग का प्रशासन की तरफ से निर्देश दिया गया था, लेकिन ज्यादातर मंदिरों में लोगों ने इसका पालन नहीं किया और धक्का-मुक्की के बीच पूजा-अर्चना की।
विज्ञापन
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ हो गई। श्रद्घालुओं ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना के साथ कोरोना महामारी से लोगों को बचाने की प्रार्थना की। छतुवनिया माता मंदिर, सच्चा दरबार मंदिर, बेलवा भवानी मंदिर, सोना भवानी मंदिर, योगेश्वरी माता मंदिर, बसई देवी भवानी मंदिर, काली माता मंदिर, जलपा माई मंदिर, बनही देवी मंदिर, डीह भवानी मंदिर, चीनी मिल गेट दुर्गा मंदिर, अष्टभुजी भवानी मंदिर, सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर, पिंडी भवानी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। इसी तरह जिले के अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
धर्मसमधा मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़-
रामकोला। कस्बे के धर्मसमधा मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। यहां पंक्ति में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने अपनी बारी का इंतजार किया और एक-एक कर पूजा की। श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए मां दुर्गा के मंदिर के समक्ष कपूर-अगरबत्ती जलाकर प्रसाद चढ़ाया और मन्नतें पूरी करने के लिए आराधना की। मंदिर के पुजारी लालमणि तिवारी ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए पंक्ति में पूजा किए जाने की व्यवस्था की गई है।