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Kushinagar News: जांच करने पहुंचे औषधि निरीक्षक, अस्पताल बंद कर भाग निकला डॉक्टर
Wed, 15 Apr 2026 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 15 Apr 2026 01:27 AM IST
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कसया। नगर के देवरिया मार्ग स्थित सिसवा महंथ में संचालित कथित आयुर्वेद अस्पताल की लंबे समय से मिल रही शिकायतों की जांच के लिए मंगलवार को औषध निरीक्षक दीपक पांडेय पहुंचे।
इसकी भनक लगते ही अस्पताल संचालित करने वाला डॉक्टर शटर बंद कर भाग निकला। उसने अपना बैग पास की एक दुकान पर छोड़ गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह अस्पताल कई महीनों से एक कमरे में संचालित हो रहा था और यहां मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ लगती थी। आसपास के लोगों का कहना है कि दूर-दराज से भी मरीज इलाज के लिए यहां आते थे। बताया जाता है कि संबंधित डॉक्टर सप्ताह में दो दिन ही अस्पताल आता था। मंगलवार को हड़बड़ी में डॉक्टर अपना बैग पास की दुकान पर रखा और यह कहकर चला गया कि कोई जरूरी काम आ गया है। बाद में जानकारी हुई कि औषध निरीक्षक जांच के लिए पहुंच चुके हैं। इसके बाद वह लौटकर नहीं आया।
मौके पर मरीजों को दी जा रही दवाओं के पर्चे पर ‘’वैद्य पंडित एके तिवारी, गठिया रोग विशेषज्ञ” लिखा मिला। साथ ही रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित था। हालांकि, रजिस्ट्रेशन नंबर की सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है।
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औषध निरीक्षक दीपक पांडेय ने बताया कि फर्जी तरीके से अस्पताल संचालन की शिकायत मिल रही थी। उसके आधार पर जांच की गई। डॉक्टर के भाग जाने के बावजूद आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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इसकी भनक लगते ही अस्पताल संचालित करने वाला डॉक्टर शटर बंद कर भाग निकला। उसने अपना बैग पास की एक दुकान पर छोड़ गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह अस्पताल कई महीनों से एक कमरे में संचालित हो रहा था और यहां मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ लगती थी। आसपास के लोगों का कहना है कि दूर-दराज से भी मरीज इलाज के लिए यहां आते थे। बताया जाता है कि संबंधित डॉक्टर सप्ताह में दो दिन ही अस्पताल आता था। मंगलवार को हड़बड़ी में डॉक्टर अपना बैग पास की दुकान पर रखा और यह कहकर चला गया कि कोई जरूरी काम आ गया है। बाद में जानकारी हुई कि औषध निरीक्षक जांच के लिए पहुंच चुके हैं। इसके बाद वह लौटकर नहीं आया।
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मौके पर मरीजों को दी जा रही दवाओं के पर्चे पर ‘’वैद्य पंडित एके तिवारी, गठिया रोग विशेषज्ञ” लिखा मिला। साथ ही रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित था। हालांकि, रजिस्ट्रेशन नंबर की सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है।
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औषध निरीक्षक दीपक पांडेय ने बताया कि फर्जी तरीके से अस्पताल संचालन की शिकायत मिल रही थी। उसके आधार पर जांच की गई। डॉक्टर के भाग जाने के बावजूद आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।