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Kushinagar News: दवा के दलालों का दुस्साहस, तोड़ दी मेडिकल काॅलेज की चहारदीवारी
Fri, 20 Feb 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 20 Feb 2026 02:28 AM IST
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मेडिकल कॉलेज की दीवार काटे जाने पर निरीक्षण करते कार्यवाहक प्राचार्य।स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों दलालों की सक्रिया फिर बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज की बाउंड्री से सटे संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर संचालक और दलालों की मिलीभगत से बाउंड्रीवाल कई जगह तोड़ दी गई है। कार्यवाहक प्राचार्य के निरीक्षण में इसकी जानकारी हुई। जहां पर मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं, वहां कोई बाजार नहीं है सिर्फ मेडिकल कॉलेज के भरोसे दवाओं की विक्री होती है। बीच में सख्ती के बाद बंद था, लेकिन इन दिनों मेडिकल स्टोर संचालकों की फिर सक्रियता बढ़ गई है।
मेडिकल कॉलेज की बाउंड्री से सटे आठ से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं, मेडिकल कॉलेज की बाउंड्री ऊंची कराई गई तो दुकानदारों ने अपनी दुकान की ऊंचाई बढ़ा ली और बाउंड्री पर खड़े होकर दवा बेचते हैं, मेडिकल कॉलेज से सेटिंग कर मरीजों की पर्ची लेकर दलाल जाते हैं, कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुभाष गुप्ता के निरीक्षण में पता चला कि ब्लड बैंक के पीछे जो मेडिकल कॉलेज की बाउंड्रीवाल है, उसे बीच में तोड़ दिया गया है, इसके अलावा कई सुराग तोड़कर और बनाए गए हैं, जिसकी मदद से मरीजों को दवा बिक्री की जाती है।
वहीं पोस्टमार्टम हाउस के पास करीब एक माह पहले एक और मेडिकल स्टोर बाउंड्री से सटकर खोल दिया गया है। संचालित मेडिकल स्टोर ऐसे स्थानों पर इतने ऊंचे हैं कि आम लोग वहां दवा खरीदने के लिए नहीं जा सकते हैं और न ही कोई कस्बा, या आस-पास बाजार है। इनकी बिक्री सिर्फ मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों से होनी है। लोकल के रहने के चलते मेडिकल स्टोर संचालक प्रभावी भी रहते हैं। इसके चलते कोई कुछ बोलता भी नहीं है। यह खेल मेडिकल कॉलेज के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत से चल रहा है।
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मेडिकल कॉलेज की बाउंड्री से सटे आठ से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं, मेडिकल कॉलेज की बाउंड्री ऊंची कराई गई तो दुकानदारों ने अपनी दुकान की ऊंचाई बढ़ा ली और बाउंड्री पर खड़े होकर दवा बेचते हैं, मेडिकल कॉलेज से सेटिंग कर मरीजों की पर्ची लेकर दलाल जाते हैं, कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुभाष गुप्ता के निरीक्षण में पता चला कि ब्लड बैंक के पीछे जो मेडिकल कॉलेज की बाउंड्रीवाल है, उसे बीच में तोड़ दिया गया है, इसके अलावा कई सुराग तोड़कर और बनाए गए हैं, जिसकी मदद से मरीजों को दवा बिक्री की जाती है।
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वहीं पोस्टमार्टम हाउस के पास करीब एक माह पहले एक और मेडिकल स्टोर बाउंड्री से सटकर खोल दिया गया है। संचालित मेडिकल स्टोर ऐसे स्थानों पर इतने ऊंचे हैं कि आम लोग वहां दवा खरीदने के लिए नहीं जा सकते हैं और न ही कोई कस्बा, या आस-पास बाजार है। इनकी बिक्री सिर्फ मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों से होनी है। लोकल के रहने के चलते मेडिकल स्टोर संचालक प्रभावी भी रहते हैं। इसके चलते कोई कुछ बोलता भी नहीं है। यह खेल मेडिकल कॉलेज के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत से चल रहा है।
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