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चिकित्सक सहित पांच कर्मचारी नदारद
kushinagar
Updated Wed, 06 Jul 2016 10:33 PM IST
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निरीक्षण
- फोटो : santosh verma
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रामकोला। एसडीएम कप्तानगंज ने बुधवार को साढ़े नौ बजे अचानक रामकोला सीएचसी पहुंचकर जांच शुरू कर दी। एसडीएम के पहुंचने की सूचना पर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ कर्मचारी भागते हुए अस्पताल पहुंचे। जांच के दौरान जो कर्मचारी अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे, उनके बारे में पूछताछ की। उन्होंने उपस्थिति पंजिका मंगाकर जांच की। जांच के दौरान एक संविदा चिकित्सक सहित पांच कर्मचारी अनुपस्थित मिले। एसडीएम ने जब दवा की उपलब्धता के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि एंटीबॉयोटिक और बुखार की दवा अस्पताल में है ही नहीं, जबकि इस समय अस्पताल में बुखार के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। इस पर उन्होंने मौके पर मौजूद प्रभारी चिकित्साधिकारी से नाराजगी जताई।
सीएचसी पर पहुंचे एसडीएम अरुण कुमार ने चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर रजनीश श्रीवास्तव से अस्पताल में डॉक्टर सहित पांच कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अस्पताल में मरीज देखने का समय आठ बजे से है जबकि साढ़े नौ बजे तक कर्मचारी गायब मिले। उन्होंने इस बात को लेकर भी नाराजगी जताई कि अस्पताल में बाहर की दवा लिखने को लेकर लगातार शिकायत मिल रही है। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी से कहा कि बाहर से दवा खरीदने के लिए जाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है, उसके लिए विभागीय मुख्यालय को लिखें और मंगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें । ताकि मरीज को दवा अस्पताल में ही उपलब्ध हो सके। उन्होंने उपस्थिति पंजिका में एक महिला चिकित्सक की सीएल की जगह हस्ताक्षर मिलने पर भी नाराजगी जताई।
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सीएचसी पर पहुंचे एसडीएम अरुण कुमार ने चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर रजनीश श्रीवास्तव से अस्पताल में डॉक्टर सहित पांच कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अस्पताल में मरीज देखने का समय आठ बजे से है जबकि साढ़े नौ बजे तक कर्मचारी गायब मिले। उन्होंने इस बात को लेकर भी नाराजगी जताई कि अस्पताल में बाहर की दवा लिखने को लेकर लगातार शिकायत मिल रही है। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी से कहा कि बाहर से दवा खरीदने के लिए जाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है, उसके लिए विभागीय मुख्यालय को लिखें और मंगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें । ताकि मरीज को दवा अस्पताल में ही उपलब्ध हो सके। उन्होंने उपस्थिति पंजिका में एक महिला चिकित्सक की सीएल की जगह हस्ताक्षर मिलने पर भी नाराजगी जताई।
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