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Kushinagar News: स्वस्थ और दीर्घायु होने के लिए नियमित करें योग
Sun, 23 Jun 2024 04:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 23 Jun 2024 04:45 AM IST
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हाटा। श्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय योग कार्यशाला एवं व्याख्यानमाला का शनिवार को समापन हुआ। इसमें वक्ताओं ने स्वस्थ और दीर्घायु होने के लिए नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि कुलपति लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नयी दिल्ली प्रोफेसर मुरलीमनोहर पाठक ने कहा कि योग साधना के बिना मनुष्य का अस्तित्व खतरे में है। स्वस्थ्य और दीर्घायु होने के लिए लोगों को नियमित योग करना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर जयप्रकाश नारायण द्विवेदी ने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारे ऋषियों ने योग के बल पर स्वयं को स्वस्थ बनाए रखा और लम्बे समय तक धरती पर मानव कल्याण का कार्य किया। जेएनयू के प्रोफेसर संतोष कुमार शुक्ल ने कहा कि संपूर्ण विश्व को योग के बारे में भारत ने ही बताया। जीवन के लिए योग महत्वपूर्ण है। समाराेह को श्रीलालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सांख्य योग के प्रोफेसर मार्कंडेय नाथ त्रिपाठी, योगाचार्य अभिषेक कुमार मिश्र आदि ने संबोधित किया। संस्था के मंत्री आचार्य गंगेश्वर पांडेय एवं प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार चतुर्वेदी ने सभी का स्वागत और कॉलेज के प्रबंधक अग्निवेश मणि ने अतिथियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन संजय पांडेय ने किया।
इस दौरान पिंटू उपाध्याय, शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल, संपूर्णानंद द्विवेदी, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, डॉ. वशिष्ठ द्विवेदी, संजय दूबे, कालिका दूबे, मोहन पांडेय, डॉ. रामानुज द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि कुलपति लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नयी दिल्ली प्रोफेसर मुरलीमनोहर पाठक ने कहा कि योग साधना के बिना मनुष्य का अस्तित्व खतरे में है। स्वस्थ्य और दीर्घायु होने के लिए लोगों को नियमित योग करना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर जयप्रकाश नारायण द्विवेदी ने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारे ऋषियों ने योग के बल पर स्वयं को स्वस्थ बनाए रखा और लम्बे समय तक धरती पर मानव कल्याण का कार्य किया। जेएनयू के प्रोफेसर संतोष कुमार शुक्ल ने कहा कि संपूर्ण विश्व को योग के बारे में भारत ने ही बताया। जीवन के लिए योग महत्वपूर्ण है। समाराेह को श्रीलालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सांख्य योग के प्रोफेसर मार्कंडेय नाथ त्रिपाठी, योगाचार्य अभिषेक कुमार मिश्र आदि ने संबोधित किया। संस्था के मंत्री आचार्य गंगेश्वर पांडेय एवं प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार चतुर्वेदी ने सभी का स्वागत और कॉलेज के प्रबंधक अग्निवेश मणि ने अतिथियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन संजय पांडेय ने किया।
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इस दौरान पिंटू उपाध्याय, शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल, संपूर्णानंद द्विवेदी, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, डॉ. वशिष्ठ द्विवेदी, संजय दूबे, कालिका दूबे, मोहन पांडेय, डॉ. रामानुज द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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