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Kushinagar News: अग्निकांड से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
Tue, 09 Apr 2024 03:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 09 Apr 2024 03:14 AM IST
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पडरौना। अग्निकांड से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार को एडवाइजरी जारी की है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने किसानों को पराली जलाने से बचने और आग लगने की जानकारी देने के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 1077, 05564-240590 जारी किया है।
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ तेज पछुआ हवा चल रही है। ऐसे में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे घर, खेत, खलिहान और जान-माल को क्षति पहुंचती है। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर अग्निकांड की घटनाओं को रोका जा सकता है। आग लगने की घटनाएं गांव अधिक होते हैं। ऐसे में रसोई घर यदि फूस का हो, तो उसकी दीवाल पर मिट्टी का लेप लगा दें। रसोई घर की छत ऊंची रखी जाए। आग बुझाने के लिए घर में बोरे में भरकर बालू अथवा मिट्टी और दो बाल्टी पानी अवश्य रखें। हवन आदि का काम सुबह नौ बजे से पहले कर लें। शार्ट सर्किट से बचने के लिए वायरिंग की समय पर मरम्मत करा लें। मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का इंतजाम रखें और निगरानी करते रहें। बिजली के ढीले तारों से निकली चिंगारी भी आग लगने का कारण बन जाती है। इसलिए जहां कहीं भी ढीले तार दिखें, उसकी सूचना बिजली निगम को दे। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड नंबर - 101/100 को सूचित करें। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्र ने बताया कि दीपक, लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगहों पर न रखें, जहां से गिरकर आग लगने की संभावना हो। गेहूं की मड़ाई के बाद खेत में पड़े डंठलों में आग न लगाएं। सार्वजनिक स्थान जैसे ट्रेन और बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें। उन्होंने बताया कि अग्निकांड की घटनाओं की जानकारी और रोकथाम के लिए प्रशासन ने डीएम कार्यालय में कंट्रोल रुम स्थापित किया है। जिले का कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर - 1077, 05564-240590 पर संपर्क कर आग लगने की जानकारी दे सकते हैं।
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डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ तेज पछुआ हवा चल रही है। ऐसे में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे घर, खेत, खलिहान और जान-माल को क्षति पहुंचती है। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर अग्निकांड की घटनाओं को रोका जा सकता है। आग लगने की घटनाएं गांव अधिक होते हैं। ऐसे में रसोई घर यदि फूस का हो, तो उसकी दीवाल पर मिट्टी का लेप लगा दें। रसोई घर की छत ऊंची रखी जाए। आग बुझाने के लिए घर में बोरे में भरकर बालू अथवा मिट्टी और दो बाल्टी पानी अवश्य रखें। हवन आदि का काम सुबह नौ बजे से पहले कर लें। शार्ट सर्किट से बचने के लिए वायरिंग की समय पर मरम्मत करा लें। मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का इंतजाम रखें और निगरानी करते रहें। बिजली के ढीले तारों से निकली चिंगारी भी आग लगने का कारण बन जाती है। इसलिए जहां कहीं भी ढीले तार दिखें, उसकी सूचना बिजली निगम को दे। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड नंबर - 101/100 को सूचित करें। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्र ने बताया कि दीपक, लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगहों पर न रखें, जहां से गिरकर आग लगने की संभावना हो। गेहूं की मड़ाई के बाद खेत में पड़े डंठलों में आग न लगाएं। सार्वजनिक स्थान जैसे ट्रेन और बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें। उन्होंने बताया कि अग्निकांड की घटनाओं की जानकारी और रोकथाम के लिए प्रशासन ने डीएम कार्यालय में कंट्रोल रुम स्थापित किया है। जिले का कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर - 1077, 05564-240590 पर संपर्क कर आग लगने की जानकारी दे सकते हैं।
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