{"_id":"679e6cc4da8becabc606d434","slug":"development-of-places-related-to-buddha-fazilnagar-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-131303-2025-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: बुद्ध से जुड़े स्थलों का होगा विकास फाजिलनगर काे निखार की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: बुद्ध से जुड़े स्थलों का होगा विकास फाजिलनगर काे निखार की दरकार
Sun, 02 Feb 2025 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 02 Feb 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
गुरवलिया बाजार/फाजिलनगर। मोदी सरकार 3.0 के पहले पूर्णकालिक आम बजट में जिले के पर्यटन को प्रत्यक्ष रूप से विकसित करने के लिए तो कोई प्रावधान नहीं किया गया है लेकिन भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को उजागर करते हुए भगवान बुद्ध के जीवन और समय से संबंधित स्थलों के विकास के लिए बजट के प्रावधान से कहीं न कहीं बुद्ध की धरती कुशीनगर को भी फायदा मिलेगा।
इसमें सबसे अधिक भगवान बुद्ध के अंतिम भोजन स्थली फाजिलनगर (सठियांव) और आसपास के दर्जनों स्थलों की रंगत बदलने की उम्मीद जगी है। इसके अतिरिक्त, पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने, होम स्टे संचालकों को समर्थन देने के लिए मुद्रा लोन बढ़ाने की भी योजना है। ऐसे में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकता है।
बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में होटल होने के अलावा फाजिलनगर में भी बड़े-बड़े होटलों को खोलने की योजना बनी थी। उम्मीद है कि सरकार के इस सहयोग से एक बार फिर स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
जिले में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। इस दिशा में पिछले कुछ सालों में सरकार ने मुख्य रूप से बुद्ध से जुड़े स्थलों पर काम किया है। कुशीनगर महापरिनिर्वाण स्थली के अलावा देशी-विदेशी पर्यटकों का बड़ा हुजूम फाजिलनगर में सठियांव स्थित अंतिम भोजन स्थली भी पहुंचता है, लेकिन बेहतर परिवहन सुविधा, बुद्ध से जुड़े स्थलों के एक-दूसरे से कनेक्टिविटी बेहतर न होने के कारण पर्यटकों का मोहभंग होता रहा है। कुशीनगर से ही पर्यटक वापस लौट जाते हैं। सबसे पहले सड़क, ड्रेनेज, स्ट्रीट व हाईमास्ट लाइट, शुद्ध पेयजल व पौधारोपण पर कार्य कर बुद्ध के अंतिम भोजन स्थली तक जाने वाले मार्ग को चमकदार बनाया गया।
विज्ञापन
इसमें सबसे अधिक भगवान बुद्ध के अंतिम भोजन स्थली फाजिलनगर (सठियांव) और आसपास के दर्जनों स्थलों की रंगत बदलने की उम्मीद जगी है। इसके अतिरिक्त, पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने, होम स्टे संचालकों को समर्थन देने के लिए मुद्रा लोन बढ़ाने की भी योजना है। ऐसे में स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकता है।
विज्ञापन
बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में होटल होने के अलावा फाजिलनगर में भी बड़े-बड़े होटलों को खोलने की योजना बनी थी। उम्मीद है कि सरकार के इस सहयोग से एक बार फिर स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
जिले में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। इस दिशा में पिछले कुछ सालों में सरकार ने मुख्य रूप से बुद्ध से जुड़े स्थलों पर काम किया है। कुशीनगर महापरिनिर्वाण स्थली के अलावा देशी-विदेशी पर्यटकों का बड़ा हुजूम फाजिलनगर में सठियांव स्थित अंतिम भोजन स्थली भी पहुंचता है, लेकिन बेहतर परिवहन सुविधा, बुद्ध से जुड़े स्थलों के एक-दूसरे से कनेक्टिविटी बेहतर न होने के कारण पर्यटकों का मोहभंग होता रहा है। कुशीनगर से ही पर्यटक वापस लौट जाते हैं। सबसे पहले सड़क, ड्रेनेज, स्ट्रीट व हाईमास्ट लाइट, शुद्ध पेयजल व पौधारोपण पर कार्य कर बुद्ध के अंतिम भोजन स्थली तक जाने वाले मार्ग को चमकदार बनाया गया।