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Kushinagar News: पानी कम होने के बाद बावजूद गंडक ने शुरू किया कटान
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पिपराघाट के मोतीराय टोला के पास गण्डक के कटान से भयभीत लोग।संवाद
- पिपराघाट गांव के मोतीराय टोला के पास कटान कर रही गंडक नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गंडक नदी में पानी कम होने के बाद भी पिपराघाट के मोतीराय टोला में नदी ने कटान शुरू कर दिया है। नदी के कटान से चार लोगों की झोपड़ियां शनिवार को हटानी पड़ी हैं। गांव के अन्य लोगों को भी नदी के कटान का खतरा बना है।
सेवरही के पिपराघाट का मोतीराय टोला नरवाजोत बांध के दोनों ओर बसा है। नदी क्षेत्र में गंडक के किनारे बसे दस परिवार हमेशा गंडक के निशाने पर रहता है। मानसून शुरू होने के साथ ही इस टोले पर पानी भर जाता है। लोग बांध पर शरण लेने के लिए विवश हो जाते हैं। गंडक नदी में इस समय पानी कम होने के बाद भी कटान जारी है। इसके कारण गांव के नत्थू, गनेश, शर्मा, मंशा समेत चार लोगों को अपनी झोपड़ी हटानी पड़ी हैं। उनके घर की जमीन भी कटान की भेंट चढ़ गई है। यही हाल छबीला, खजांची, बंधु, राहुल, प्रहलाद आदि लोगों की है। इन लोगो के झोपड़ियों पर भी कटान का खतरा मंडराने लगा है। जानकारी होने पर शनिवार को पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू, ग्राम प्रधान रामाजी निषाद, बीडीसी सरल शर्मा, पन्नालाल यादव, द्वारिका सिंह, सुदामा यादव, विवेक यादव आदि लोग गांव में पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। गांव के लोगो का कहना था कि यदि समय रहते कटान रोकने का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया, तो टोले के सभी दस परिवारों को पलायन करना पड़ सकता है। इसकी सूचना बाढ़ खंड के अभियंताओं को देकर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव ने कहा कि नदी बंधे से दूर है। इस टोले पर बचाव के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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तमकुहीरोड। गंडक नदी में पानी कम होने के बाद भी पिपराघाट के मोतीराय टोला में नदी ने कटान शुरू कर दिया है। नदी के कटान से चार लोगों की झोपड़ियां शनिवार को हटानी पड़ी हैं। गांव के अन्य लोगों को भी नदी के कटान का खतरा बना है।
सेवरही के पिपराघाट का मोतीराय टोला नरवाजोत बांध के दोनों ओर बसा है। नदी क्षेत्र में गंडक के किनारे बसे दस परिवार हमेशा गंडक के निशाने पर रहता है। मानसून शुरू होने के साथ ही इस टोले पर पानी भर जाता है। लोग बांध पर शरण लेने के लिए विवश हो जाते हैं। गंडक नदी में इस समय पानी कम होने के बाद भी कटान जारी है। इसके कारण गांव के नत्थू, गनेश, शर्मा, मंशा समेत चार लोगों को अपनी झोपड़ी हटानी पड़ी हैं। उनके घर की जमीन भी कटान की भेंट चढ़ गई है। यही हाल छबीला, खजांची, बंधु, राहुल, प्रहलाद आदि लोगों की है। इन लोगो के झोपड़ियों पर भी कटान का खतरा मंडराने लगा है। जानकारी होने पर शनिवार को पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू, ग्राम प्रधान रामाजी निषाद, बीडीसी सरल शर्मा, पन्नालाल यादव, द्वारिका सिंह, सुदामा यादव, विवेक यादव आदि लोग गांव में पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। गांव के लोगो का कहना था कि यदि समय रहते कटान रोकने का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया, तो टोले के सभी दस परिवारों को पलायन करना पड़ सकता है। इसकी सूचना बाढ़ खंड के अभियंताओं को देकर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव ने कहा कि नदी बंधे से दूर है। इस टोले पर बचाव के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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