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Kushinagar News: इस्तीफा मंजूर हुए बिना ड्यूटी से गायब चार डॉक्टरों पर विभाग सख्त
Sat, 29 Nov 2025 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:14 AM IST
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हाटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा से वर्षों पहले बिना अनुमति ड्यूटी छोड़ने वाले चार डॉक्टरों पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के संज्ञान लेने के बाद विभाग ने इन चिकित्सकों की पूरी सेवा-पुस्तिका और इस्तीफे से जुड़ी फाइलों की जांच तेज कर दी है।
जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई शुरू हुई है उनमें डॉ. विशाल कौल, डॉ. मधु सिंह, डॉ. प्रशांत मिश्रा और डॉ. आशुतोष त्रिपाठी शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार चारों ने वर्षों पहले अपना इस्तीफा भेजा था, लेकिन विभाग ने इसे मंजूर नहीं किया। इसके बावजूद डॉक्टरों ने ड्यूटी पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराई और सेवा से गायब हो गए।
इस्तीफा मंजूर हुए बिना सेवा छोड़ना गंभीर लापरवाही है। उनसे पूछा गया है कि विभागीय आदेश की अवहेलना कर वे कैसे अनुपस्थित हुए और अनुपस्थिति के दौरान क्या वे किसी अन्य संस्थान में कार्यरत थे। स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश के बाद विभाग ने इन डॉक्टरों की पूरी कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है।
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इस्तीफा, अनुपस्थिति की अवधि, तैनाती रिकॉर्ड और नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हाटा सीएचसी से वर्षों पहले गायब हुए ये डॉक्टर अब विभाग की नजर में हैं।
बताया जा रहा है कि जनपद के अन्य अस्पतालों सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी बहुत से डॉक्टर ऐसे हैं जो बगैर इस्तीफा मंजूर हुए ड्यूटी छोड़कर गायब हो गए हैं। सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से अभी उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है ना कोई सूचना मांगी गई है।
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जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई शुरू हुई है उनमें डॉ. विशाल कौल, डॉ. मधु सिंह, डॉ. प्रशांत मिश्रा और डॉ. आशुतोष त्रिपाठी शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार चारों ने वर्षों पहले अपना इस्तीफा भेजा था, लेकिन विभाग ने इसे मंजूर नहीं किया। इसके बावजूद डॉक्टरों ने ड्यूटी पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराई और सेवा से गायब हो गए।
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इस्तीफा मंजूर हुए बिना सेवा छोड़ना गंभीर लापरवाही है। उनसे पूछा गया है कि विभागीय आदेश की अवहेलना कर वे कैसे अनुपस्थित हुए और अनुपस्थिति के दौरान क्या वे किसी अन्य संस्थान में कार्यरत थे। स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश के बाद विभाग ने इन डॉक्टरों की पूरी कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है।
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इस्तीफा, अनुपस्थिति की अवधि, तैनाती रिकॉर्ड और नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हाटा सीएचसी से वर्षों पहले गायब हुए ये डॉक्टर अब विभाग की नजर में हैं।
बताया जा रहा है कि जनपद के अन्य अस्पतालों सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी बहुत से डॉक्टर ऐसे हैं जो बगैर इस्तीफा मंजूर हुए ड्यूटी छोड़कर गायब हो गए हैं। सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से अभी उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है ना कोई सूचना मांगी गई है।