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Kushinagar News: 50 हजार मांगे, 30 हजार पर माने<bha>;</bha> रिश्तेदार बनकर पहुंची ईडी की टीम
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी विजलेंस की गिरफ्त में,घेरा में आरोपी।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय सतर्कता टीम का दरवाजा खटखटाया
पडरौना। सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगना मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भारी पड़ गया। छह महीने से कार्यालय के चक्कर लगा रहे किसान से पहले 50 हजार रुपये मांगे गए। किसान ने असमर्थता जताई तो 30 हजार रुपये में बात तय हुई।किसान ने रिश्वत देने के बजाय सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत कर दी। शनिवार को टीम ने रिश्तेदार बनकर जाल बिछाया और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शांति प्रकाश द्विवेदी को कथित तौर पर 30 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया।
मामला लघु नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत अनुदान दिलाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता दिनेश कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का अनुदान दिलाने के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये मांगे गए थे। दिनेश ने रिश्वत देने के बजाय अधिकारी को रंगेहाथ पकड़वाने का फैसला किया। उन्होंने 25 अक्तूबर को सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की। शिकायत की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी घर जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान दिनेश का फोन आने के बाद वह कार्यालय पहुंचे और उसके आने का इंतजार करने लगे। अधिकारी के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों की भीड़ विकास भवन में जुट गई।
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तीन घंटे तक चली कार्रवाई, आरोपी को गोरखपुर ले गई टीम
सतर्कता अधिष्ठान की टीम आरोपी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और शिकायतकर्ता को पुलिस लाइन स्थित एक कमरे में ले गई। वहां करीब तीन घंटे तक पूछताछ और कार्रवाई की औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ गोरखपुर ले गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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पडरौना। सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगना मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भारी पड़ गया। छह महीने से कार्यालय के चक्कर लगा रहे किसान से पहले 50 हजार रुपये मांगे गए। किसान ने असमर्थता जताई तो 30 हजार रुपये में बात तय हुई।किसान ने रिश्वत देने के बजाय सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत कर दी। शनिवार को टीम ने रिश्तेदार बनकर जाल बिछाया और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शांति प्रकाश द्विवेदी को कथित तौर पर 30 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया।
मामला लघु नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत अनुदान दिलाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता दिनेश कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का अनुदान दिलाने के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये मांगे गए थे। दिनेश ने रिश्वत देने के बजाय अधिकारी को रंगेहाथ पकड़वाने का फैसला किया। उन्होंने 25 अक्तूबर को सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की। शिकायत की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
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सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी घर जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान दिनेश का फोन आने के बाद वह कार्यालय पहुंचे और उसके आने का इंतजार करने लगे। अधिकारी के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों की भीड़ विकास भवन में जुट गई।
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तीन घंटे तक चली कार्रवाई, आरोपी को गोरखपुर ले गई टीम
सतर्कता अधिष्ठान की टीम आरोपी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और शिकायतकर्ता को पुलिस लाइन स्थित एक कमरे में ले गई। वहां करीब तीन घंटे तक पूछताछ और कार्रवाई की औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ गोरखपुर ले गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।