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पुरानी रेल परियोजना शुरू कराने की मांग
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दल्ली में रेल मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन सौंपते सांसद विजय कुमार दुबे।
- फोटो : KUSHINAGAR
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पुरानी रेल परियोजना शुरू कराने की मांग
कसया (कुशीनगर)। कुशीनगर को रेल लाइन से जोड़ने की पुरानी मांग फिर उठा है। सांसद ने शुक्रवार को रेलमंत्री से संसद भवन में मिलकर इसके लिए पत्र सौंपा है। सांसद ने रेलमंत्री को बताया कि भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के लिए वर्ष-2017 में ही 1345 करोड़ रुपये की परियोजना बनी थी, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर को रेल पथ से जोड़ने की मांग लंबे समय से हो रही है। सभी बौद्ध केंद्रों के मध्य में स्थित कुशीनगर अब तक रेल पथ से नहीं जुड़ा है, जबकि यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बन चुका है। गोरखपुर से कुशीनगर होते हुए पडरौना तक 64.5 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए वर्ष-2017 में सर्वे का कार्य पूरा हुआ था। इस रेल पथ पर सरदारनगर, बनचवरा, रामपुर सौहरौना, हाटा, हेतिमपुर, कुशीनगर में रेलवे स्टेशन भी प्रस्तावित है, लेकिन परियोजना के लिए प्रस्तावित 1345 करोड़ के लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं होने के चलते काम नहीं शुरू हो सका। सांसद विजय कुमार दूबे ने रेल मंत्री पियूष गोयल से मिलकर इस परियोजना के लिए वित्तीय सहमति दिलाते हुए कार्य शुरू कराने की मांग की। अपने पत्र के समर्थन में सांसद ने मुख्यमंत्री की तरफ से लिखे गए पत्र का भी हवाला दिया है। सांसद के अनुसार रेल मंत्री ने इस मामले में विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सांसद विजय कुमार दुबे ने बताया कि रेलमंत्री को कुशीनगर को रेलमार्ग से जोड़ने की बहुप्रतीक्षित परियोजना पर कार्य शुरू कराने के लिए पत्र दिया गया है। इस रेल लाइन का निर्माण होने से पर्यटन स्थली कुशीनगर रेल लाइन से जुड़ जाएगा इससे देश भर के बौद्ध धर्मावलंबियों के साथ ही अन्य पर्यटकों के भी कुशीनगर आने की राह आसान होगी।
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कसया (कुशीनगर)। कुशीनगर को रेल लाइन से जोड़ने की पुरानी मांग फिर उठा है। सांसद ने शुक्रवार को रेलमंत्री से संसद भवन में मिलकर इसके लिए पत्र सौंपा है। सांसद ने रेलमंत्री को बताया कि भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के लिए वर्ष-2017 में ही 1345 करोड़ रुपये की परियोजना बनी थी, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर को रेल पथ से जोड़ने की मांग लंबे समय से हो रही है। सभी बौद्ध केंद्रों के मध्य में स्थित कुशीनगर अब तक रेल पथ से नहीं जुड़ा है, जबकि यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बन चुका है। गोरखपुर से कुशीनगर होते हुए पडरौना तक 64.5 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए वर्ष-2017 में सर्वे का कार्य पूरा हुआ था। इस रेल पथ पर सरदारनगर, बनचवरा, रामपुर सौहरौना, हाटा, हेतिमपुर, कुशीनगर में रेलवे स्टेशन भी प्रस्तावित है, लेकिन परियोजना के लिए प्रस्तावित 1345 करोड़ के लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं होने के चलते काम नहीं शुरू हो सका। सांसद विजय कुमार दूबे ने रेल मंत्री पियूष गोयल से मिलकर इस परियोजना के लिए वित्तीय सहमति दिलाते हुए कार्य शुरू कराने की मांग की। अपने पत्र के समर्थन में सांसद ने मुख्यमंत्री की तरफ से लिखे गए पत्र का भी हवाला दिया है। सांसद के अनुसार रेल मंत्री ने इस मामले में विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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सांसद विजय कुमार दुबे ने बताया कि रेलमंत्री को कुशीनगर को रेलमार्ग से जोड़ने की बहुप्रतीक्षित परियोजना पर कार्य शुरू कराने के लिए पत्र दिया गया है। इस रेल लाइन का निर्माण होने से पर्यटन स्थली कुशीनगर रेल लाइन से जुड़ जाएगा इससे देश भर के बौद्ध धर्मावलंबियों के साथ ही अन्य पर्यटकों के भी कुशीनगर आने की राह आसान होगी।
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