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Kushinagar News: डीएम से की बांसी नदी की सफाई की मांग
Wed, 20 Sep 2023 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 20 Sep 2023 01:09 AM IST
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-नारायणी नदी के पानी को छोड़ने की मांग
-विशुनपुरा क्षेत्र के जंगल सिंघापट्टी के ग्रामीणों ने सौंपा मांग पत्र
मंसाछापर। विशुनपुरा क्षेत्र के जंगल सिंघापट्टी की ग्राम प्रधान की अगुवाई में गांव के लोग मंगलवार को डीएम से मिलकर मांग पत्र सौंपा। इसमें बांसी नदी की साफ-सफाई कराने और नारायणी नदी का पानी बांसी नदी में छोड़ने की मांग की।
बांसी नदी इस समय जलकुंभी से पट गई है। इस वर्ष अधिक बरसात नहीं होने के कारण नदी का पानी भी सूखने के कगार पर है। मंगलवार को जंगल सिंघापट्टी की ग्राम प्रधान सावित्री देवी की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे गांव के कन्हैया प्रसाद, विभूति, अनुराग गौड़, रामबहाल, हरिहर, बलिराम आदि लोगों ने डीएम को मांग पत्र सौंपा। लोगों ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा पर बांसी नदी में यूपी और बिहार के लाखों लोग स्नान करते हैं। वहां भव्य मेला भी लगता है। लेकिन इसकी समुचित देखरेख नहीं हो पा रही है। जलकुंभी से नदी पटा हुआ है।
लोगों ने कहा कि पूर्व में अधिकारियों की तरफ से कार्ययोजना बनाई गई थी। इसमें बड़ी गंडक नदी से बांसी नदी को जोड़ने की बात कही गई थी। इससे हमेशा बांसी नदी में पानी भरा रहेगा। डीएम से कहा कि जब तक नारायणी नदी से बांसी नदी को नहीं जोड़ा जाता है, तब तक धौरहरा गांव की नहर का पानी बांसी नदी में छोड़ दिया जाए। ग्राम प्रधान सावित्री सिंह ने बताया की डीएम ने आश्वासन दिया है कि बुधवार को इससे जुड़े सभी अफसरों के साथ मीटिंग कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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-विशुनपुरा क्षेत्र के जंगल सिंघापट्टी के ग्रामीणों ने सौंपा मांग पत्र
मंसाछापर। विशुनपुरा क्षेत्र के जंगल सिंघापट्टी की ग्राम प्रधान की अगुवाई में गांव के लोग मंगलवार को डीएम से मिलकर मांग पत्र सौंपा। इसमें बांसी नदी की साफ-सफाई कराने और नारायणी नदी का पानी बांसी नदी में छोड़ने की मांग की।
बांसी नदी इस समय जलकुंभी से पट गई है। इस वर्ष अधिक बरसात नहीं होने के कारण नदी का पानी भी सूखने के कगार पर है। मंगलवार को जंगल सिंघापट्टी की ग्राम प्रधान सावित्री देवी की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे गांव के कन्हैया प्रसाद, विभूति, अनुराग गौड़, रामबहाल, हरिहर, बलिराम आदि लोगों ने डीएम को मांग पत्र सौंपा। लोगों ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा पर बांसी नदी में यूपी और बिहार के लाखों लोग स्नान करते हैं। वहां भव्य मेला भी लगता है। लेकिन इसकी समुचित देखरेख नहीं हो पा रही है। जलकुंभी से नदी पटा हुआ है।
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लोगों ने कहा कि पूर्व में अधिकारियों की तरफ से कार्ययोजना बनाई गई थी। इसमें बड़ी गंडक नदी से बांसी नदी को जोड़ने की बात कही गई थी। इससे हमेशा बांसी नदी में पानी भरा रहेगा। डीएम से कहा कि जब तक नारायणी नदी से बांसी नदी को नहीं जोड़ा जाता है, तब तक धौरहरा गांव की नहर का पानी बांसी नदी में छोड़ दिया जाए। ग्राम प्रधान सावित्री सिंह ने बताया की डीएम ने आश्वासन दिया है कि बुधवार को इससे जुड़े सभी अफसरों के साथ मीटिंग कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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