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Kushinagar News: स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को जोड़ेगे डीएलएड प्रशिक्षु
Wed, 22 Jul 2026 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 22 Jul 2026 02:16 AM IST
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पडरौना। परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों को वापस कक्षा तक लाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। अब डीएलएड प्रशिक्षु गांव-गांव जाकर उन बच्चों को चिन्हित करेंगे जो स्कूल नहीं जा रहे। उन्हें स्कूल से जोड़कर शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के कई परिषदीय स्कूलों में नामांकन तो अधिक है, लेकिन नियमित रूप से आने वाले बच्चों की संख्या कम है। इसी समस्या को दूर करने के लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को मैदानी जिम्मेदारी दी गई है। बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि डीएलएड के द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं को उनके गृह क्षेत्र के स्कूलों से जोड़ा गया है। ये प्रशिक्षु घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। जिन बच्चों का नामांकन है, पर वो नहीं आ रहे, या जो कभी स्कूल ही नहीं गए, उनकी सूची बनाएंगे। फिर अभिभावकों से मिलकर काउंसलिंग करेंगे। उन्होंने बताया कि डीएलएड प्रशिक्षु अपने मोहल्ले और गांव में 6 से 14 वर्ष के बच्चों की सूची बनाएंगे। प्रशिक्षु अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाकर स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। वे स्कूल में नाम लिखवाने के बाद बच्चा नियमित आ रहा है या नहीं, इसकी निगरानी करेंगे।
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बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के कई परिषदीय स्कूलों में नामांकन तो अधिक है, लेकिन नियमित रूप से आने वाले बच्चों की संख्या कम है। इसी समस्या को दूर करने के लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को मैदानी जिम्मेदारी दी गई है। बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि डीएलएड के द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं को उनके गृह क्षेत्र के स्कूलों से जोड़ा गया है। ये प्रशिक्षु घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। जिन बच्चों का नामांकन है, पर वो नहीं आ रहे, या जो कभी स्कूल ही नहीं गए, उनकी सूची बनाएंगे। फिर अभिभावकों से मिलकर काउंसलिंग करेंगे। उन्होंने बताया कि डीएलएड प्रशिक्षु अपने मोहल्ले और गांव में 6 से 14 वर्ष के बच्चों की सूची बनाएंगे। प्रशिक्षु अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाकर स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। वे स्कूल में नाम लिखवाने के बाद बच्चा नियमित आ रहा है या नहीं, इसकी निगरानी करेंगे।
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