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Kushinagar News: इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से छीना परिवार का सहारा
Sat, 04 Jul 2026 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:47 AM IST
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रामकोला। महराजगंज के श्यामदेऊरवा में संदिग्ध हालात में गोली लगने से जान गंवाने वाले बिरौली गांव निवासी केशव यादव के 23 वर्षीय बेटे अजय यादव की मौत से परिवार का इकलौता सहारा छिन गया है। अजय अपने घर का मुख्य कमाऊ सदस्य था, जिसकी कमाई से परिवार का खर्च चलता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही कुसम्हा टोला बिरौली स्थित घर में कोहराम मच गया और माता-पिता समेत भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक अजय यादव अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह पिछले आठ महीने से महराजगंज के रुद्रपुर भलुही स्थित विश्व शांति निकेतन डिग्री कॉलेज परिसर में संचालित कौशल विकास केंद्र में कार्यरत था। उसी की कमाई से छोटे भाई विजय (18 वर्ष) और बहनों गूंजा (21 वर्ष) व नीलम (20 वर्ष) की पढ़ाई-लिखाई और घर का खर्च संभाल रहा था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर की आर्थिक रीढ़ ही टूट गई है।
दूसरी ओर, जहां पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, वहीं परिजन इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर रहे हैं। परिजनों ने सीधे तौर पर अजय की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अजय स्वभाव से बेहद शांत और सीधा था, वह ऐसा आत्मघाती कदम कभी नहीं उठा सकता था। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर हॉस्टल की छत पर अजय के पास अवैध पिस्टल कहां से आई? उन्होंने मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
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मृतक अजय यादव अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह पिछले आठ महीने से महराजगंज के रुद्रपुर भलुही स्थित विश्व शांति निकेतन डिग्री कॉलेज परिसर में संचालित कौशल विकास केंद्र में कार्यरत था। उसी की कमाई से छोटे भाई विजय (18 वर्ष) और बहनों गूंजा (21 वर्ष) व नीलम (20 वर्ष) की पढ़ाई-लिखाई और घर का खर्च संभाल रहा था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर की आर्थिक रीढ़ ही टूट गई है।
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दूसरी ओर, जहां पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, वहीं परिजन इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर रहे हैं। परिजनों ने सीधे तौर पर अजय की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अजय स्वभाव से बेहद शांत और सीधा था, वह ऐसा आत्मघाती कदम कभी नहीं उठा सकता था। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर हॉस्टल की छत पर अजय के पास अवैध पिस्टल कहां से आई? उन्होंने मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
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