Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar ›   death body not found ij gandak river

गंडक नदी में कहीं नहीं मिला बहता शव

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 11:13 PM IST
death body not found ij gandak river
विज्ञापन
ख़बर सुनें
गंडक नदी में कहीं नहीं मिला बहता शव
विज्ञापन

- गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बैराज से लेकर भैंसहा पीपा पुल तक नहीं मिला कोई शव
- रविवार को गंडक नदी में कई शव बहाए जाने का किया जा रहा था दावा
- खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने पीएसी की बोट के साथ कराई नदी की निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। यूपी-बिहार सीमा पर बहने वाली गंडक नदी में बिना अंतिम संस्कार कराए ही बड़ी मात्रा में शह बहवाने की घटना का अब तक कहीं प्रमाणित तथ्य नहीं मिला है। सोमवार को खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने वाल्मीकिनगर बैराज से लेकर भैसहां घाट के पीपा पुल तक नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। विधायक ने पीएसी के साथ स्टीमर से भी नदी में घूमकर देखा, लेकिन कहीं कोई शव बहता नहीं दिखा। अलबत्ता वाल्मीकिनगर बैराज के पास नदी के किनारे बड़ा घाट दिखा जहां से 100 से अधिक चिताओं के जलने के अवशेष दिख रहे थे।
रविवार को खड्डा क्षेत्र में यह अफवाह फैली कि गंडक नदी में बड़ी संख्या में बिना जलाए ही शव प्रवाहित किए गए हैं। इस अफवाह की पड़ताल के लिए रविवार को खड्डा पुलिस के अलावा तहसीलदार ने भी नदी के किनारे जाकर मल्लाहों व ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी नदी में शव बहने की बात नहीं बताई। इस बीच सोशल मीडिया के जरिए यह मामला राजधानी लखनऊ तक पहुंच गया। इस मामले की पड़ताल के लिए खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने सोमवार को नदी के किनारे खड्डा क्षेत्र के भैंसहा से लेकर नेपाल बार्डर स्थित वाल्मीकिनगर बैराज तक खुद भ्रमण किया। बकौल विधायक खड्डा क्षेत्र में गंडक नदी के दोनों तरफ पर्याप्त जगह व लकड़ी मौजूद है। ऐसे में लोग शवों को नदी में प्रवाहित करेंगे, यह बात आश्चर्यजनक लगी। इसी की पड़ताल के लिए वे सोमवार को भैंसहा घाट पहुंचे। यहां तैनात पीएसी की जल वाहिनी के साथ मोटरबोट से नदी के बीच में जाकर देखा गया, लेकिन कहीं कोई शव नहीं दिखा। विधायक के अनुसार यहां तैनात पीएसी के जवानों ने भी नदी में एक भी शव बहता नहीं दिखने की बात कही। इसके बाद वे नदी के किनारे-किनारे वाल्मीकिनगर बैराज तक गए और वहां एसएसबी के जवानों से बात की। विधायक ने बताया कि नदी में अनगिनत शव बहाए जाने की बात को एसएसबी के जवानों ने भी नकार दिया और कहा कि बैराज से जितना पानी निकल रहा है, उसके साथ शव बहने की कोई घटना अब तक नहीं देखी गई। अलबत्ता बैराज से कुछ ही दूरी पर नदी के किनारे एक श्मसान घाट जरूर दिखा जहां काफी संख्या में जली लकड़ियां दिखीं, जिन्हें देखकर ऐसा लगा कि आसपास के गांवों के लोग यहां शवों का अंतिम संस्कार करते होंगे। विधायक ने बताया कि गंडक नदी में बिना अंतिम संस्कार किए किसी शव को अब तक बहाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद उन्होंने छितौनी-बगहा रेल पुल पर कोविड हेल्प डेस्क बनाया गया है। इसके अलावा कई जगह शवों के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी भी एकत्रित कर रखी गई है। अगर नदी में कोई शव बहता दिखा तो उसे बाहर निकालकर पूरे रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया जाएगा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00