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चूड़ीहारी टोले में फाॅगिंग कराई गई
अमर उजाला ब्यूरो/कुशीनगर
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:53 PM IST
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दुदही। दुदही के चूड़ीहारी टोले में इंसेफेलाइटिस से एक ही परिवार की दो बच्चियों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की संवेदना जगी।
इंसेफेलाइटिस से बच्चियों के मौत की सूचना मिलने पर सीएमओ चूड़ीहारी टोले में पहुंचे। वह पीड़ित परिवार के घर जाकर मिले और बीमारी के बारे में जानकारी ली।
वर्षों से खराब पड़े इंडिया मार्क टू हैंडपंप की मरम्मत कराई गई और गांव में साफ-सफाई के साथ फाॅगिंग भी हुई। दुदही के बीआरसी के सामने स्थित चूड़ीहारी टोले में करीब एक सप्ताह से बच्चे इंसेफेलाइटिस रोग से पीड़ित हैं।
यहां के एक ही परिवार की दो बच्चियों अंशू छह वर्ष की मेडिकल कॉलेज में और दूसरी बच्ची प्रिया की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
उनके परिवारवालों के मुताबिक डॉक्टरों ने एईएस से मौत होना बताया था। इस परिवार के लोग विपत्ति से उबरे भी नहीं थे कि तीसरी बच्ची आरती भी बीमारी की चपेट में आ गई।
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परिवार के लोग उसका इलाज एक निजी अस्पताल में करा रहे हैं। इस टोले के लोग भी बीमारी को लेकर चिंतित हैं। गांववालों के मुताबिक तकरीबन 500 की आबादी पर यहां एक इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगाया गया है, जो काफी दिनाें से दूषित पानी दे रहा था।
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इंसेफेलाइटिस से बच्चियों के मौत की सूचना मिलने पर सीएमओ चूड़ीहारी टोले में पहुंचे। वह पीड़ित परिवार के घर जाकर मिले और बीमारी के बारे में जानकारी ली।
वर्षों से खराब पड़े इंडिया मार्क टू हैंडपंप की मरम्मत कराई गई और गांव में साफ-सफाई के साथ फाॅगिंग भी हुई। दुदही के बीआरसी के सामने स्थित चूड़ीहारी टोले में करीब एक सप्ताह से बच्चे इंसेफेलाइटिस रोग से पीड़ित हैं।
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यहां के एक ही परिवार की दो बच्चियों अंशू छह वर्ष की मेडिकल कॉलेज में और दूसरी बच्ची प्रिया की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
उनके परिवारवालों के मुताबिक डॉक्टरों ने एईएस से मौत होना बताया था। इस परिवार के लोग विपत्ति से उबरे भी नहीं थे कि तीसरी बच्ची आरती भी बीमारी की चपेट में आ गई।
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परिवार के लोग उसका इलाज एक निजी अस्पताल में करा रहे हैं। इस टोले के लोग भी बीमारी को लेकर चिंतित हैं। गांववालों के मुताबिक तकरीबन 500 की आबादी पर यहां एक इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगाया गया है, जो काफी दिनाें से दूषित पानी दे रहा था।