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दो अफसर जांच करने आईटीआई पहुंचे
kushinagar
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:40 PM IST
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अपराध
- फोटो : santosh verma
पडरौना। करोड़ों रुपये के उपकरणों की खरीद-फरोख्त में गोलमाल के आरोपों से घिरे रहने वाले जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों पर शासन की भृकुटि तन गई है। आईटीआई में प्रशिक्षण की खातिर खरीदे गए उपकरणों की जांच के लिए जेडी की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम बुधवार को पडरौना आईटीआई पहुंची। इस टीम ने आईटीआई में उपकरण खरीद सहित कई बिंदुओं पर गहन जांच की। हालांकि प्रशिक्षण के लिए खरीदकर नौरंगिया आईटीआई में रखे गए करोड़ों रुपये उपकरणों की जांच करने के लिए टीम मौके पर नहीं गई।
हाटा में स्थापित होने वाली निर्माणाधीन आईटीआई के लिए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पडरौना की तरफ से मार्च में लगभग 3.20 करोड़ रुपये की मशीनें और उपकरण खरीदे गए थे। इनमें एक करोड़ रुपये पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से और शेष रुपये सरकारी फंड से भुगतान किए गए थे। नौरंगिया आईटीआई के प्रभारी सहित वहां कार्यरत अन्य लोगों ने उस वक्त बताया था कि सामग्रियां तत्कालीन प्राचार्य ने खरीदकर रखवाई थीं। उसके एक पखवारे बाद ही उनका तबादला हो गया। उनकी जगह कार्यभार संभालने वाले वर्तमान प्राचार्य ने उपकरण से भरे दोनों कमरे तत्काल सील करा दिए थे।
इस खबर को ‘अमर उजाला ने’ दो अप्रैल के अपने अंक में ‘तीन करोड़ के उपकरण खरीद में गोलमाल की आशंका’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर को मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया था। सचिव ने अपने पत्र में इस खबर का उल्लेख करते हुए जुलाई के अंत में व्यावसायिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के सचिव को जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच पूरी करने की अवधि 13 अगस्त तक निर्धारित की गई थी।
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यहां बता दें कि जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशक, शिक्षक सहित कई पदों पर कार्यरत कर्मचारी दस वर्ष से अधिक समय से जमे हैं। उन्हें इस तरह की कई अतिरिक्त महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जांच टीम में शामिल संयुक्त निदेशक, व्यवसायिक शिक्षा (प्रशिक्षण/प्रशिक्षु) लखनऊ मनिपाल सिंह और आईटीआई चरगांव के प्राचार्य राजेश राम बुधवार को दोपहर में पडरौना आईटीआई में पहुंचे। इन दोनों अधिकारियों ने उपकरण खरीद समेत वित्तीय कार्यों से जुड़ी सभी फाइलों की जांच की। हालांकि हाटा आईटीआई के लिए खरीदे गए जो उपकरण नौरंगिया में रखे गए हैं, उनकी मौके पर जांच नहीं की गई। जेडी का कहना था कि नौरंगिया आईटीआई में सील किए गए उपकरणों के संबंध में भी पूछताछ की जाएगी।
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हाटा में स्थापित होने वाली निर्माणाधीन आईटीआई के लिए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पडरौना की तरफ से मार्च में लगभग 3.20 करोड़ रुपये की मशीनें और उपकरण खरीदे गए थे। इनमें एक करोड़ रुपये पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से और शेष रुपये सरकारी फंड से भुगतान किए गए थे। नौरंगिया आईटीआई के प्रभारी सहित वहां कार्यरत अन्य लोगों ने उस वक्त बताया था कि सामग्रियां तत्कालीन प्राचार्य ने खरीदकर रखवाई थीं। उसके एक पखवारे बाद ही उनका तबादला हो गया। उनकी जगह कार्यभार संभालने वाले वर्तमान प्राचार्य ने उपकरण से भरे दोनों कमरे तत्काल सील करा दिए थे।
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इस खबर को ‘अमर उजाला ने’ दो अप्रैल के अपने अंक में ‘तीन करोड़ के उपकरण खरीद में गोलमाल की आशंका’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर को मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया था। सचिव ने अपने पत्र में इस खबर का उल्लेख करते हुए जुलाई के अंत में व्यावसायिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के सचिव को जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच पूरी करने की अवधि 13 अगस्त तक निर्धारित की गई थी।
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यहां बता दें कि जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशक, शिक्षक सहित कई पदों पर कार्यरत कर्मचारी दस वर्ष से अधिक समय से जमे हैं। उन्हें इस तरह की कई अतिरिक्त महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जांच टीम में शामिल संयुक्त निदेशक, व्यवसायिक शिक्षा (प्रशिक्षण/प्रशिक्षु) लखनऊ मनिपाल सिंह और आईटीआई चरगांव के प्राचार्य राजेश राम बुधवार को दोपहर में पडरौना आईटीआई में पहुंचे। इन दोनों अधिकारियों ने उपकरण खरीद समेत वित्तीय कार्यों से जुड़ी सभी फाइलों की जांच की। हालांकि हाटा आईटीआई के लिए खरीदे गए जो उपकरण नौरंगिया में रखे गए हैं, उनकी मौके पर जांच नहीं की गई। जेडी का कहना था कि नौरंगिया आईटीआई में सील किए गए उपकरणों के संबंध में भी पूछताछ की जाएगी।