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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   The kidnapping itself was crafted story

खुद के अपहरण की गढ़ी थी कहानी

Mon, 19 Oct 2015 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 19 Oct 2015 11:54 PM IST
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रामकोला। कोचिंग के बहाने घर से भागने वाले कक्षा नौ के छात्र के अपहरण की घटना खुद उसी की तरफ से रची गई एक साजिश थी, जिसे छात्र ने खुद कुबूल किया।
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वह रविवार की देर रात घर आ गया। उसने बताया कि अपने बाबा की जेब से 3600 रुपये चुराकर भाग गया था। बाद में उसने खुद ही घर पर फोन कराकर अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी।
उसकी बातें सुनकर लोग भौंचक रह गए। रामकोला थाने के कुसम्हा भगवनापुर के निवासी रामजीत ने रविवार को एसओ को तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने कक्षा नौ में पढ़ने वाले अपने 14 वर्षीय पोते मनीष के अपहरण की सूचना दी थी।
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उन्होंने बताया था कि फोन पर उनसे पांच लाख रुपये फिरौती मांगी गई है। इस बारे में एसपी को भी अवगत कराया था, जिस पर स्वॉट टीम रविवार को उनके घर गई थी।
पुलिस ने अपहरण का केस भी दर्ज कर लिया था। पुलिस ने इस प्रकरण की छानबीन शुरू कर दी थी। लेकिन रविवार की रात में ही मनीष कुर्मीपट्टी गांव में पहुंच गया।
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उसने अपने बाबा रामजीत को फोन करके आने की सूचना दी, जिस पर वह किशोर के पास पहुंचे और अपने साथ घर लाए। उसने एसएसआई नरेंद्र सिंह के सामने जो बयान दिया, उसे सुनकर लोग चौंक गए।

उसने बताया कि आठ अक्टूबर को उसने बाबा की जेब से 3600 रुपये निकाला और उसी दिन ट्रेन से गोरखपुर गया। वहां 1300 रुपये में उसने मोबाइल और नया सिमकार्ड खरीदा।
लखनऊ होते हुए मुंबई गया और वहां घूमा। पिटाई के डर से उसने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी और दूसरे व्यक्ति से फोन कराकर फिरौती मांगी।
इस संबंध में थाना प्रभारी कमला यादव का कहना था कि छात्र के नाबालिग होने की वजह से उसे समझाकर छोड़ दिया गया।
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