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छात्रों का प्रदर्शन, परीक्षा कराने की मांग
Kushinagar
Updated Mon, 20 Jun 2016 11:48 PM IST
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छात्र-छात्राओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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आठ अप्रैल को ज्ञानभारती महाविद्यालय रगड़गंज में निरस्त हुई हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा अब तक न कराए जाने से परेशान छात्र-छात्राओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया। महाविद्यालय परिसर में एकत्र इन विद्यार्थियों ने प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा कराने की मांग की।
महाविद्यालय परिसर में सोमवार सुबह दस बजे मनीष कुशवाहा, अजय यादव, रामनिवास प्रजापति, अमन जायसवाल, प्रीती, अंगीरा, आरती, मंशा, रीना, किरन, संजू, पूनम, पूजा आदि छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि महाविद्यालय के 72 छात्र-छात्राआें के हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा आठ अप्रैल को थी। उस दिन परीक्षा शुरू होने से पहले प्रात: सात बजे एसडीएम कप्तानगंज ने छापा मारा था।
वहां 12 से अधिक लिखी हुई उत्तर पुस्तिकाएं बरामद हुई थीं। इसके बाद महाविद्यालय के एक कर्मचारी और लिपिक पर केस दर्ज हुआ था और गोरखपुर विश्वविद्यालय के वीसी ने केंद्र की परीक्षा निरस्त कर दी थी। उनके निर्देश पर महाविद्यालय के छात्रों की आगे की परीक्षाएं कुशीनगर के बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संपन्न कराई गई थीं। छात्र-छात्राओं ने कहा कि उनकी हिन्दी की परीक्षा अब तक नहीं कराई गई। इस वजह से उनका परीक्षाफल भी रुका हुआ है। इन लोगों ने महाविद्यालय की प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा कराने की मांग की।
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इस संबंध में ज्ञानभारती महाविद्यालय की प्रबंधक उमा सर्राफ का कहना था कि छात्रा-छात्राआें ने ज्ञापन दिया है। उन्हें बताया गया है कि परीक्षा नियंत्रक से वार्ता हुई है। 25 जून तक परीक्षा की तिथि तय हो जानी है। यदि ऐसा नहीं होता है तो वह खुद उनके साथ विश्वविद्यालय जाएंगी। परीक्षा हर हाल में कराई जाएगी।
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महाविद्यालय परिसर में सोमवार सुबह दस बजे मनीष कुशवाहा, अजय यादव, रामनिवास प्रजापति, अमन जायसवाल, प्रीती, अंगीरा, आरती, मंशा, रीना, किरन, संजू, पूनम, पूजा आदि छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि महाविद्यालय के 72 छात्र-छात्राआें के हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा आठ अप्रैल को थी। उस दिन परीक्षा शुरू होने से पहले प्रात: सात बजे एसडीएम कप्तानगंज ने छापा मारा था।
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वहां 12 से अधिक लिखी हुई उत्तर पुस्तिकाएं बरामद हुई थीं। इसके बाद महाविद्यालय के एक कर्मचारी और लिपिक पर केस दर्ज हुआ था और गोरखपुर विश्वविद्यालय के वीसी ने केंद्र की परीक्षा निरस्त कर दी थी। उनके निर्देश पर महाविद्यालय के छात्रों की आगे की परीक्षाएं कुशीनगर के बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संपन्न कराई गई थीं। छात्र-छात्राओं ने कहा कि उनकी हिन्दी की परीक्षा अब तक नहीं कराई गई। इस वजह से उनका परीक्षाफल भी रुका हुआ है। इन लोगों ने महाविद्यालय की प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा कराने की मांग की।
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इस संबंध में ज्ञानभारती महाविद्यालय की प्रबंधक उमा सर्राफ का कहना था कि छात्रा-छात्राआें ने ज्ञापन दिया है। उन्हें बताया गया है कि परीक्षा नियंत्रक से वार्ता हुई है। 25 जून तक परीक्षा की तिथि तय हो जानी है। यदि ऐसा नहीं होता है तो वह खुद उनके साथ विश्वविद्यालय जाएंगी। परीक्षा हर हाल में कराई जाएगी।