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बिजली का बकाया ‘सरकार’ ने पचाया
कुशीनगर
Updated Tue, 15 Mar 2016 11:42 PM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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राकेश कुमार गौंड़
पडरौना। अगर आप आम आदमी हैं तो बिजली महकमा पांच हजार से ज्यादा के बकाए पर आपकी लाइन काट सकती है। इतने से बात नहीं बनी तो एफआईआर और आरसी तक की कार्रवाई में भी देरी नहीं लगती।
50 हजार का बकाया होने पर विजिलेंस वसूली में लग जाती है, लेकिन करोड़ों के बकाएदार ‘सरकार’ के खिलाफ महकमा ‘लोड’ नहीं ले पा रहा है। पडरौना विद्युत वितरण खंड के अंतर्गत आने वाले सरकारी महकमों पर छह करोड़ से अधिक बकाया है।
पडरौना विद्युत वितरण खंड को पॉवर कॉरपोरेशन की ओर से इस वित्तीय वर्ष में 51 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि विभाग के मुख्य अभियंता ने इसे घटाकर 29 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया था। अब तक महकमा इसमें से 21 करोड़ रुपये वसूल चुका है।
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अब अगर सरकारी बकाया मिल जाए तो तो इस बार मिले वसूली के लक्ष्य से विभाग महज दो करोड़ रुपये पीछे रह जाएगा। लेकिन सरकारी महकमों से बकाया वसूली में बिजली विभाग को पसीने छूट रहे हैं। जबकि आम आदमी से बकाया वसूली के लिए विभाग डंडा चला रहा है।
बकाए में लाइन कटने के बाद फिर से जोड़ने वाले 120 उपभोक्ताओं पर इस माह एफआईआर कराई गई। 250 लोगों पर फरवरी में और 180 उपभोक्ताओं पर जनवरी माह में केस दर्ज कराया गया। कलेक्ट्रेट, विकास भवन, डीआरडीए, जिला पंचायत, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय सहित कई विभागों के बकाया का पूरा ब्योरा अभी विद्युत विभाग के पास नहीं है।
मुख्य अभियंता की तरफ से दिए गए 29 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 21 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। यही वजह है कि बकाया देयों की रिकवरी 73 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत पर आ गई है। इस माह के अंत तक और बकाया राजस्व भी मिल जाएगा। 50 हजार रुपये से बड़े बकाएदारों से वसूली विजलेंस करेगी। इसके अलावा सरकारी विभागों से भी बकाया देयों का भुगतान लेने का प्रयास किया जा रहा है।
-संजय कुमार सिंह, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड, पडरौना।
विद्युत देयों का भुगतान न करने वाले विभाग
बेसिक शिक्षा विभाग - 2.78 करोड़ रुपये।
स्वास्थ्य विभाग - 14034622 रुपये।
टेलीफोन विभाग - 5398303 रुपये।
पुलिस विभाग - 1808837 रुपये।
बाढ़ खंड - 1714891 रुपये।
पशु चिकित्सालय - 565816 रुपये।
ब्लॉक कार्यालय - 1887052 रुपये।
लोक निर्माण विभाग - 360924 रुपये।
तहसील - 4794233 रुपये।
रोजगार कार्यालय - 132714 रुपये
एआरटीओ कार्यालय - 165145 रुपये।
कोआपरेटिव बैंक एवं समितियां - 1506835 रुपये।
पडरौना नगरपालिका - 891582 रुपये।
कृषि विभाग - 536512 रुपये।
बीज भंडार - 147894 रुपये।
आबकारी विभाग - 51272 रुपये।
उपनिबंधक कार्यालय - 80299 रुपये।
व्यापार कर विभाग - 79586 रुपये।
आबकारी विभाग - 54000 रुपये।
पंचायत भवन तमकुही - 295834 रुपये।
जिला उपभोक्ता फोरम - 554849 रुपये।
केन यूनियन - 517405 रुपये।
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पडरौना। अगर आप आम आदमी हैं तो बिजली महकमा पांच हजार से ज्यादा के बकाए पर आपकी लाइन काट सकती है। इतने से बात नहीं बनी तो एफआईआर और आरसी तक की कार्रवाई में भी देरी नहीं लगती।
50 हजार का बकाया होने पर विजिलेंस वसूली में लग जाती है, लेकिन करोड़ों के बकाएदार ‘सरकार’ के खिलाफ महकमा ‘लोड’ नहीं ले पा रहा है। पडरौना विद्युत वितरण खंड के अंतर्गत आने वाले सरकारी महकमों पर छह करोड़ से अधिक बकाया है।
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पडरौना विद्युत वितरण खंड को पॉवर कॉरपोरेशन की ओर से इस वित्तीय वर्ष में 51 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि विभाग के मुख्य अभियंता ने इसे घटाकर 29 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया था। अब तक महकमा इसमें से 21 करोड़ रुपये वसूल चुका है।
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अब अगर सरकारी बकाया मिल जाए तो तो इस बार मिले वसूली के लक्ष्य से विभाग महज दो करोड़ रुपये पीछे रह जाएगा। लेकिन सरकारी महकमों से बकाया वसूली में बिजली विभाग को पसीने छूट रहे हैं। जबकि आम आदमी से बकाया वसूली के लिए विभाग डंडा चला रहा है।
बकाए में लाइन कटने के बाद फिर से जोड़ने वाले 120 उपभोक्ताओं पर इस माह एफआईआर कराई गई। 250 लोगों पर फरवरी में और 180 उपभोक्ताओं पर जनवरी माह में केस दर्ज कराया गया। कलेक्ट्रेट, विकास भवन, डीआरडीए, जिला पंचायत, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय सहित कई विभागों के बकाया का पूरा ब्योरा अभी विद्युत विभाग के पास नहीं है।
मुख्य अभियंता की तरफ से दिए गए 29 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 21 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। यही वजह है कि बकाया देयों की रिकवरी 73 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत पर आ गई है। इस माह के अंत तक और बकाया राजस्व भी मिल जाएगा। 50 हजार रुपये से बड़े बकाएदारों से वसूली विजलेंस करेगी। इसके अलावा सरकारी विभागों से भी बकाया देयों का भुगतान लेने का प्रयास किया जा रहा है।
-संजय कुमार सिंह, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड, पडरौना।
विद्युत देयों का भुगतान न करने वाले विभाग
बेसिक शिक्षा विभाग - 2.78 करोड़ रुपये।
स्वास्थ्य विभाग - 14034622 रुपये।
टेलीफोन विभाग - 5398303 रुपये।
पुलिस विभाग - 1808837 रुपये।
बाढ़ खंड - 1714891 रुपये।
पशु चिकित्सालय - 565816 रुपये।
ब्लॉक कार्यालय - 1887052 रुपये।
लोक निर्माण विभाग - 360924 रुपये।
तहसील - 4794233 रुपये।
रोजगार कार्यालय - 132714 रुपये
एआरटीओ कार्यालय - 165145 रुपये।
कोआपरेटिव बैंक एवं समितियां - 1506835 रुपये।
पडरौना नगरपालिका - 891582 रुपये।
कृषि विभाग - 536512 रुपये।
बीज भंडार - 147894 रुपये।
आबकारी विभाग - 51272 रुपये।
उपनिबंधक कार्यालय - 80299 रुपये।
व्यापार कर विभाग - 79586 रुपये।
आबकारी विभाग - 54000 रुपये।
पंचायत भवन तमकुही - 295834 रुपये।
जिला उपभोक्ता फोरम - 554849 रुपये।
केन यूनियन - 517405 रुपये।