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हत्यारोपी पति को आजीवन कारावास
कुशीनगर
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:29 PM IST
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बेशर्मी भरे सवालों पर जज के खिलाफ मुकदमा
- फोटो : डेलीमेल
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पडरौना। पांच साल पहले हुई विवाहिता की हत्या के मामले में एडीजे ने आरोपी पति को आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
रामकोला थानाक्षेत्र के गांव मोतीपाकड़ निवासी बलाकत अंसारी की शादी खुश मोहम्मद की बेटी शकीना से हुई थी। 13 जून 2011 की आधी रात को शकीना बुरी तरह से झुलस गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
इस मामले में शकीना के पिता खुश मोहम्मद की तहरीर पर रामकोला पुलिस ने बलाकत अंसारी के विरुद्ध दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई एडीजे राजीव कमल पांडेय के कोर्ट में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय त्रिपाठी ने नौ गवाह प्रस्तुत किए।
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अदालत ने इसे दहेज हत्या की बजाय हत्या का मामला मानते हुए आरोपी बलाकत को सश्रम आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को एक वर्ष के अतिरिक्त सश्रम की सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाने के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया।
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रामकोला थानाक्षेत्र के गांव मोतीपाकड़ निवासी बलाकत अंसारी की शादी खुश मोहम्मद की बेटी शकीना से हुई थी। 13 जून 2011 की आधी रात को शकीना बुरी तरह से झुलस गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
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इस मामले में शकीना के पिता खुश मोहम्मद की तहरीर पर रामकोला पुलिस ने बलाकत अंसारी के विरुद्ध दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई एडीजे राजीव कमल पांडेय के कोर्ट में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय त्रिपाठी ने नौ गवाह प्रस्तुत किए।
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अदालत ने इसे दहेज हत्या की बजाय हत्या का मामला मानते हुए आरोपी बलाकत को सश्रम आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को एक वर्ष के अतिरिक्त सश्रम की सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाने के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया।