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मनबढ़ों ने महिलाओं और बच्चे को पीटा
कुशीनगर
Updated Sun, 22 May 2016 11:20 PM IST
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शराब की भट्टी खुलने से नाराज होकर नरहवा अचरज दुबे गांव की महिलाएं प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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दुदही। विशुनपुरा थानाक्षेत्र के नरहवा अचरज दुबे बाजार में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास शराब की दुकान खुलने से नाराज महिलाओं ने रविवार को प्रदर्शन किया।
वहां पहुंचे कुछ लोगों ने तीन महिलाओं सहित एक बच्चे को पीट दिया, जिस पर अन्य महिलाएं धरने पर बैठ गईं। वे शराब की दुकान बंद कराने और पिटाई करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रही थीं, लेकिन चार घंटे तक कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। नरहवा अचरज दुबे बाजार में 20 दिन पहले देशी शराब की दुकान खोली गई थी।
शराब की दुकान को बंद कराने पहुंची मीना देवी, सोनमती, कुंती, सरस्वती, विद्यावती, फ ूलमती, अनीता, तेतरी सहित कई महिलाओं का कहना है था कि जहां शराब की दुकान खोली गई है, वहां से 20 मीटर की दूरी पर मदरसा और 50 मीटर दूर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय है।
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शराब की दुकान से कुछ ही दूरी पर मस्जिद और मंदिर भी है। इसके अलावा निजी विद्यालय भी संचालित होता है। इन लोगों का आरोप था कि बिहार के पास होने के कारण इस दुकान पर वहां के लोग भी आ रहे हैं, जो विद्यालय की छात्राओं और बाजार की महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं।
महिलाएं अपने हाथ में डंडे ली हुई थीं। उनके तेवर देख शराब की दुकान का मुनीब वहां से खिसक लिया। आरोप है कि जिस मकान में दुकान है, उसके मालिक ने अपने बेटों के साथ मिलकर तीन महिलाओं और एक बच्चे को पीटा। उसके बाद गांव से और महिलाएं तथा अन्य लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए और धरना पर बैठ गए।
चार घंटे तक धरना देने के बाद भी कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो महिलाओं ने धरना समाप्त कर दिया। इस संबंध में एसओ ओपी राय का कहना था कि महिलाओं को समझा दिया गया। उनका कहना था कि शराब की दुकान के संबंध में निर्णय आबकारी विभाग के अधिकारी लेंगे।
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वहां पहुंचे कुछ लोगों ने तीन महिलाओं सहित एक बच्चे को पीट दिया, जिस पर अन्य महिलाएं धरने पर बैठ गईं। वे शराब की दुकान बंद कराने और पिटाई करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रही थीं, लेकिन चार घंटे तक कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। नरहवा अचरज दुबे बाजार में 20 दिन पहले देशी शराब की दुकान खोली गई थी।
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शराब की दुकान को बंद कराने पहुंची मीना देवी, सोनमती, कुंती, सरस्वती, विद्यावती, फ ूलमती, अनीता, तेतरी सहित कई महिलाओं का कहना है था कि जहां शराब की दुकान खोली गई है, वहां से 20 मीटर की दूरी पर मदरसा और 50 मीटर दूर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय है।
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शराब की दुकान से कुछ ही दूरी पर मस्जिद और मंदिर भी है। इसके अलावा निजी विद्यालय भी संचालित होता है। इन लोगों का आरोप था कि बिहार के पास होने के कारण इस दुकान पर वहां के लोग भी आ रहे हैं, जो विद्यालय की छात्राओं और बाजार की महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं।
महिलाएं अपने हाथ में डंडे ली हुई थीं। उनके तेवर देख शराब की दुकान का मुनीब वहां से खिसक लिया। आरोप है कि जिस मकान में दुकान है, उसके मालिक ने अपने बेटों के साथ मिलकर तीन महिलाओं और एक बच्चे को पीटा। उसके बाद गांव से और महिलाएं तथा अन्य लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए और धरना पर बैठ गए।
चार घंटे तक धरना देने के बाद भी कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो महिलाओं ने धरना समाप्त कर दिया। इस संबंध में एसओ ओपी राय का कहना था कि महिलाओं को समझा दिया गया। उनका कहना था कि शराब की दुकान के संबंध में निर्णय आबकारी विभाग के अधिकारी लेंगे।