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जेई और कार्य प्रभारी को नोटिस जारी
कुशीनगर
Updated Tue, 29 Mar 2016 10:48 PM IST
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नाोिटटिस
- फोटो : demo pic
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पडरौना। दुदही क्षेत्र की खड़ंजा, मिट्टी, नाली और पुलिया निर्माण से जुड़ी पांच परियोजनाओं के शुरू कराए बिना ही भुगतान करने के मामले में अनुशासनात्मक जांच की कार्रवाई शुरू हो गई है। बीडीओ ने जेई और कार्यप्रभारी सेक्रेट्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
क्षेत्र के विजयपुर उत्तरपट्टी व पडरौन मडुरही गांव में खड़ंजा, विजयपुर दक्षिणपट्टी में मिट्टी की भराई और खड़ंजा, दुदही के गद्दी टोला में रेलवे पुल के पास एचपी पुलिया का निर्माण तथा पडरौन मडुरही में भी खड़ंजे का निर्माण होना था।
ये सभी परियोजनाएं वित्तीय वर्ष 2015-16 में राज्य वित्त के धन से पूरी कराई जानी थीं। कार्य प्रभारी और जेई की इस संस्तुति पर कि काम शुरू हो गया है और एमवी भी कर ली गई है, इसलिए विभाग ने भुगतान कर दिया जाए।
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उसके बाद गोरखपुर के एक फर्म को ब्लॉक कार्यालय की तरफ से कुल 645240 रुपये का भुगतान कर दिया गया था। जबकि हकीकत यह थी कि काम शुरू कराना तो दूर संबंधित फर्म ने ईट तक उपलब्ध नहीं कराया था।
वित्तीय वर्ष समाप्ति की तारीख नजदीक आने और ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल बदल जाने के बाद संबंधित जेई और कार्यप्रभारी ग्राम पंचायत अधिकारी ने कमी छिपाने के लिए आनन फानन में यह लिखकर दे दिया कि 21 मार्च तक कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ है।
‘अमर उजाला’ ने 28 मार्च के अपने अंक में ‘बिना काम शुरू हुए ही कर दिया रुपये 6.45 लाख का भुगतान’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद विभाग ने संबंधित जेई और कार्य प्रभारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे क्षेत्र में ऐसी गड़बड़ी करने वालों में खलबली मच गई है।
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क्षेत्र के विजयपुर उत्तरपट्टी व पडरौन मडुरही गांव में खड़ंजा, विजयपुर दक्षिणपट्टी में मिट्टी की भराई और खड़ंजा, दुदही के गद्दी टोला में रेलवे पुल के पास एचपी पुलिया का निर्माण तथा पडरौन मडुरही में भी खड़ंजे का निर्माण होना था।
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ये सभी परियोजनाएं वित्तीय वर्ष 2015-16 में राज्य वित्त के धन से पूरी कराई जानी थीं। कार्य प्रभारी और जेई की इस संस्तुति पर कि काम शुरू हो गया है और एमवी भी कर ली गई है, इसलिए विभाग ने भुगतान कर दिया जाए।
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उसके बाद गोरखपुर के एक फर्म को ब्लॉक कार्यालय की तरफ से कुल 645240 रुपये का भुगतान कर दिया गया था। जबकि हकीकत यह थी कि काम शुरू कराना तो दूर संबंधित फर्म ने ईट तक उपलब्ध नहीं कराया था।
वित्तीय वर्ष समाप्ति की तारीख नजदीक आने और ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल बदल जाने के बाद संबंधित जेई और कार्यप्रभारी ग्राम पंचायत अधिकारी ने कमी छिपाने के लिए आनन फानन में यह लिखकर दे दिया कि 21 मार्च तक कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ है।
‘अमर उजाला’ ने 28 मार्च के अपने अंक में ‘बिना काम शुरू हुए ही कर दिया रुपये 6.45 लाख का भुगतान’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद विभाग ने संबंधित जेई और कार्य प्रभारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे क्षेत्र में ऐसी गड़बड़ी करने वालों में खलबली मच गई है।