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डीएम के आदेश पर छापेमारी, दो अस्पताल सीज
kushinagar
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:08 PM IST
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छापा
- फोटो : santosh verma
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खड्डा। तहसील दिवस में शामिल होने मंगलवार को खड्डा तहसील में पहुंचे डीएम ने क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे बिना लाइसेंस के अस्पतालों पर छापेमारी का आदेश दिया। उनके आदेशानुसार खड्डा और नेबुआ नौरंगिया पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने टीम के साथ छापेमारी की। लेकिन इसकी सूचना लगते ही उन अस्पतालों के लोग भाग निकले। दो अस्पतालों की ओटी गंदगी से पटी थी। दोनों अस्पताल सीज कर दिए गए। इस कार्रवाई से खड्डा और नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में ऐसे अस्पतालों का संचालन कर रहे लोगों में खलबली मची रही।
इस बार मंगलवार का तहसील दिवस खड्डा तहसील में आयोजित था। डीएम शम्भु कुमार ने तहसील दिवस में पहुंचने पर जैसे ही अवैध रूप से अस्पतालों के संचालन और सर्जरी की जानकारी हुई, छापेमारी का आदेश दे दिया। खड्डा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी संतोष कुमार और कोटवा के विमलेंदु भूषण की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम ने खड्डा के एक अस्पताल पर छापा मारा। वहां के कथित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी गायब थे। अस्पताल के अंदर एक महिला मौजूद थी। महिला ने बताया कि उसका ऑपरेशन इसी अस्पताल में हुआ था। ओटी गंदगी में पसरी हुई थी। टीम ने महिला को तुर्कहां स्थित सीएचसी भेजकर अस्पताल सीज कर दिया।
उसके बाद टीम खड्डा कस्बे के ही एक अन्य अस्पताल पर गई। वहां भी टीम के पहुंचने से पहले ही उन्हें भनक लग चुकी थी और वे सभी भाग निकले थे। वहां एक बाइक लावारिस हाल में मिली। स्वास्थ्य टीम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल संचालकों का वहां से गायब हो जाना चर्चा का विषय बना रहा। अन्य संचालक भी अपने अस्पताल बंद कर चलते बने। यहां बता दें कि खड्डा और नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में ऐसे कई अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं, जहां अल्पशिक्षित और अप्रशिक्षित लोग बड़े डॉक्टरों के बोर्ड लगाकर सर्जरी कर रहे हैं। इसकी खबर अमर उजाला ने अपने 20 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। तब सीएमओ ने टीम गठित कर कार्रवाई का आश्वासन तो दिया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।
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खड्डा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता का कहना था कि कस्बे के दो अस्पतालों पर छापा मारा गया था। दोनों अस्पताल सीज कर दिए गए। डीएम और सीएमओ को रिपोर्ट देने के साथ ही अस्पताल संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। अन्य अस्पतालों के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।
झोलाछाप के खिलाफ तहसील दिवस में शिकायत
कप्तानगंज। मंगलवार को तहसील दिवस में जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार सिंह ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने लक्ष्मीगंज, चंदरपुर, रामपुर भाठ सहित अन्य स्थानों पर अवैध रूप से अप्रशिक्षित व्यक्तियों की तरफ से की जा रही सर्जरी पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए सीएमओ कार्यालय को पत्र भेजा। खड्डा के तहसील दिवस पर मंगलवार को कुल 49 मामले आए, जिनमें केवल आठ का ही मौके पर निस्तारण हो पाया।
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इस बार मंगलवार का तहसील दिवस खड्डा तहसील में आयोजित था। डीएम शम्भु कुमार ने तहसील दिवस में पहुंचने पर जैसे ही अवैध रूप से अस्पतालों के संचालन और सर्जरी की जानकारी हुई, छापेमारी का आदेश दे दिया। खड्डा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी संतोष कुमार और कोटवा के विमलेंदु भूषण की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम ने खड्डा के एक अस्पताल पर छापा मारा। वहां के कथित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी गायब थे। अस्पताल के अंदर एक महिला मौजूद थी। महिला ने बताया कि उसका ऑपरेशन इसी अस्पताल में हुआ था। ओटी गंदगी में पसरी हुई थी। टीम ने महिला को तुर्कहां स्थित सीएचसी भेजकर अस्पताल सीज कर दिया।
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उसके बाद टीम खड्डा कस्बे के ही एक अन्य अस्पताल पर गई। वहां भी टीम के पहुंचने से पहले ही उन्हें भनक लग चुकी थी और वे सभी भाग निकले थे। वहां एक बाइक लावारिस हाल में मिली। स्वास्थ्य टीम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल संचालकों का वहां से गायब हो जाना चर्चा का विषय बना रहा। अन्य संचालक भी अपने अस्पताल बंद कर चलते बने। यहां बता दें कि खड्डा और नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में ऐसे कई अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं, जहां अल्पशिक्षित और अप्रशिक्षित लोग बड़े डॉक्टरों के बोर्ड लगाकर सर्जरी कर रहे हैं। इसकी खबर अमर उजाला ने अपने 20 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। तब सीएमओ ने टीम गठित कर कार्रवाई का आश्वासन तो दिया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।
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खड्डा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता का कहना था कि कस्बे के दो अस्पतालों पर छापा मारा गया था। दोनों अस्पताल सीज कर दिए गए। डीएम और सीएमओ को रिपोर्ट देने के साथ ही अस्पताल संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। अन्य अस्पतालों के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।
झोलाछाप के खिलाफ तहसील दिवस में शिकायत
कप्तानगंज। मंगलवार को तहसील दिवस में जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार सिंह ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने लक्ष्मीगंज, चंदरपुर, रामपुर भाठ सहित अन्य स्थानों पर अवैध रूप से अप्रशिक्षित व्यक्तियों की तरफ से की जा रही सर्जरी पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए सीएमओ कार्यालय को पत्र भेजा। खड्डा के तहसील दिवस पर मंगलवार को कुल 49 मामले आए, जिनमें केवल आठ का ही मौके पर निस्तारण हो पाया।