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पुजारी के बेटे की करंट से मौत
कुशीनगर
Updated Sat, 11 Jun 2016 11:36 PM IST
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प्रियांशु उर्फ गोलू
- फोटो : अमर उजाला
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कुबेरस्थान। क्षेत्र के प्रसिद्ध खन्हवार बकलोलही दुर्गा मंदिर के मुख्य पुजारी के बेटे को मंदिर में करंट लगने से मौत हो गई। वह मंदिर में मोटर चालू कर रहे थे, तभी करंट की जद में आ गए। खन्हवार बकलोलही के प्राचीन दुर्गा मंदिर के मुख्य पुजारी गिरीशचंद्र पांडेय इसी गांव के निवासी हैं।
वह मंदिर की देखरेख और पूजा करते हैं। बताया जा रहा है कि उनके बेटे प्रियांशु उर्फ गोलू भी मंदिर की सफाई में पिता का हाथ बंटाते थे। शनिवार को भोर में तकरीबन साढ़े चार बजे प्रियांशु फर्श की धुलाई करने के लिए घर से मंदिर के लिए निकले थे।
वहां पानी का मोटर चालू करने के लिए बोर्ड में प्लग लगाते समय कटे हुए तार के संपर्क में आ गए। लोग प्रियांशु को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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उसके बाद परिवारीजन प्रियांशु का शव लेकर घर आए और दाह संस्कार कर दिया। प्रियांशु ही अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। वह नंदिनीनगर महाविद्यालय फैजाबाद में बीकाम अंतिम वर्ष के छात्र थे।
इस घटना के बाद प्रियांशु की बड़ी बहन रंजना, स्वीटी और लवली को लोग ढांढस बंधा रहे थे। बहनों में रंजना और स्वीटी की ही शादी हुई है। उनकी मां मधुबाला, दादी अतरावती, पिता गिरीशचंद्र पांडेय और दादा जनार्दन पांडेय का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
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वह मंदिर की देखरेख और पूजा करते हैं। बताया जा रहा है कि उनके बेटे प्रियांशु उर्फ गोलू भी मंदिर की सफाई में पिता का हाथ बंटाते थे। शनिवार को भोर में तकरीबन साढ़े चार बजे प्रियांशु फर्श की धुलाई करने के लिए घर से मंदिर के लिए निकले थे।
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वहां पानी का मोटर चालू करने के लिए बोर्ड में प्लग लगाते समय कटे हुए तार के संपर्क में आ गए। लोग प्रियांशु को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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उसके बाद परिवारीजन प्रियांशु का शव लेकर घर आए और दाह संस्कार कर दिया। प्रियांशु ही अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। वह नंदिनीनगर महाविद्यालय फैजाबाद में बीकाम अंतिम वर्ष के छात्र थे।
इस घटना के बाद प्रियांशु की बड़ी बहन रंजना, स्वीटी और लवली को लोग ढांढस बंधा रहे थे। बहनों में रंजना और स्वीटी की ही शादी हुई है। उनकी मां मधुबाला, दादी अतरावती, पिता गिरीशचंद्र पांडेय और दादा जनार्दन पांडेय का भी रो-रोकर बुरा हाल था।