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शव लाने के लिए मध्य प्रदेश गए लोग
कुशीनगर
Updated Sun, 22 May 2016 11:16 PM IST
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शवों के आने का इंतजार करते घर पर बैठे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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कुबेरस्थान। मध्यप्रदेश में शनिवार को सड़क हादसे में शिवराजपुर निवासी कृष्णमोहन सिंह और उनके घरवालों के शिकार होने की जानकारी मिलने के बाद रविवार को उनके घर पर सुबह ही भीड़ एकत्र हो गई।
कई रिश्तेदार भी पहुंचे। लेकिन हादसे में मरने वाले कृष्णमोहन सिंह, उनकी पत्नी और पौत्र तथा लू से मरे उनके बेटे का शव रास्ते में होने के कारण लोग इंतजार करते रहे। उनकी पुत्रवधू और पौत्री का इलाज अब भी मध्य प्रदेश के अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सखवनिया के टोला शिवराजपुर निवासी कृष्णमोहन सिंह (65) अपने पौत्र शिवांश (5) की मनौती पूर्ण करने के लिए पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ 12 मई को ट्रेन से सिंहस्थ महाकुंभ की यात्रा पर गए थे।
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महाकुंभ में स्नान के बाद वे उज्जैन के धार्मिक स्थलों का दर्शन करने जा रहे थे कि शुक्रवार को दोपहर में उनके बेटे ऋषि 35 वर्ष को लू लग गई, जिससे यात्रा के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने यात्रा बीच में छोड़ दी और किराए की गाड़ी से ऋषि का शव लेकर साथ घर आने लगे।
वे मध्यप्रदेश के बदरवास थाने के कुल्हाड़ी गांव के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रहे ट्रक की चपेट में आ गए। इससे गाड़ी के परखचे उड़ गए और गाड़ी में सवार कृष्णमोहन सिंह, उनकी पत्नी निर्मला तथा पौत्र शिवांश सहित कुल नौ लोगाें की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मृतक ऋ षि की पत्नी नीतू और 10 वर्षीय बेटी पलक गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां रविवार को भी उनकी हालत चिंताजनक बनी रही।
इस हादसे की सूचना मिलने पर कृष्णमोहन के परिचित और रिश्तेदार शवों को लाने के लिए शनिवार को ही रवाना हो गए थे। रविवार की देर रात तक शव लाए जाने की उम्मीद है। इधर, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की खबर सुनकर लोग शोकाकुल हैं।
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कई रिश्तेदार भी पहुंचे। लेकिन हादसे में मरने वाले कृष्णमोहन सिंह, उनकी पत्नी और पौत्र तथा लू से मरे उनके बेटे का शव रास्ते में होने के कारण लोग इंतजार करते रहे। उनकी पुत्रवधू और पौत्री का इलाज अब भी मध्य प्रदेश के अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
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कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सखवनिया के टोला शिवराजपुर निवासी कृष्णमोहन सिंह (65) अपने पौत्र शिवांश (5) की मनौती पूर्ण करने के लिए पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ 12 मई को ट्रेन से सिंहस्थ महाकुंभ की यात्रा पर गए थे।
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महाकुंभ में स्नान के बाद वे उज्जैन के धार्मिक स्थलों का दर्शन करने जा रहे थे कि शुक्रवार को दोपहर में उनके बेटे ऋषि 35 वर्ष को लू लग गई, जिससे यात्रा के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने यात्रा बीच में छोड़ दी और किराए की गाड़ी से ऋषि का शव लेकर साथ घर आने लगे।
वे मध्यप्रदेश के बदरवास थाने के कुल्हाड़ी गांव के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रहे ट्रक की चपेट में आ गए। इससे गाड़ी के परखचे उड़ गए और गाड़ी में सवार कृष्णमोहन सिंह, उनकी पत्नी निर्मला तथा पौत्र शिवांश सहित कुल नौ लोगाें की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मृतक ऋ षि की पत्नी नीतू और 10 वर्षीय बेटी पलक गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां रविवार को भी उनकी हालत चिंताजनक बनी रही।
इस हादसे की सूचना मिलने पर कृष्णमोहन के परिचित और रिश्तेदार शवों को लाने के लिए शनिवार को ही रवाना हो गए थे। रविवार की देर रात तक शव लाए जाने की उम्मीद है। इधर, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की खबर सुनकर लोग शोकाकुल हैं।