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एटीएस ने मदरसे से भी साक्ष्य जुटाए
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:40 PM IST
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हाटा (कुशीनगर)। आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में कसया के सबया से पकड़े गए संदिग्ध की उम्र की तस्दीक के लिए साक्ष्य जुटाने निकली एटीएस की टीम बुधवार को मथौली बाजार के किसान इंटर कॉलेज पहुंची।
संदिग्ध शख्स इस विद्यालय में आठवीं का छात्र था। विद्यालय के रिकॉर्ड में उस दौरान इसके जन्म का वर्ष 1997 बताया गया। टीम ने लक्ष्मी नारायनपुर के मदरसे में भी जाकर रिकॉर्ड को देखा, जहां यह शख्स सातवीं का विद्यार्थी था।
बुधवार को एटीएम की टीम इस स्कूल में पहुंची।
पहले लोग यह नहीं समझ पाए कि यह टीम कहां से आई है। टीम के लोगों ने जैसे ही अपना परिचय दिया, स्कूल में खलबली मच गई। टीम के लोगों ने प्रधानाचार्य से मुलाकात की। प्रधानाचार्य को बताया गया कि टीम कसया में पिछले दिनों पकड़े गए संदिग्ध की सही उम्र की तहकीकात के सिलसिले में आई है।
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टीम की ओर से इस स्कूल के रिकॉर्ड में दर्ज उसकी उम्र के बारे में पूछा गया। उसके बाद पुराने रिकॉर्ड भी निकलवाए गए। तब पता चला कि उस शख्स का वर्ष 2009 में यहां आठवीं में नामांकन हुआ था। तब उसके जन्म का वर्ष 1997 दर्ज है। कप्तानगंज इलाके के लक्ष्मी नारायनपुर के एक मदरसे में सातवीं की तालीम लेकर इस स्कूल में प्रवेश कराया था।
प्रवेश लेने के दौरान जो टीसी और अंकपत्र मुहैया कराया गया था, उसमें इसकी जन्मतिथि 10 जुलाई 1997 दर्ज है। टीम के लोग इस रिकॉर्ड की छायाप्रति अपने साथ ले गए। यहां से टीम लक्ष्मी नारायनपुर के मदरसे पर पहुंची और वहां भी इससे जुड़े रिकॉर्ड को देखा।
इसके पहले टीम को कुशीनगर के बुद्ध इंटर कॉलेज के रिकॉर्ड से जो जानकारी मिली थी, उसमें इस शख्स की जन्मतिथि 12 मई 1999 दर्ज है, जिससे इसे नाबालिग माना जा रहा था। टीम सिर्फ इसी कॉलेज के रिकॉर्ड को आधार न मानकर अन्य स्रोतों से इसकी उम्र की हकीकत जानने में जुटी है।
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संदिग्ध शख्स इस विद्यालय में आठवीं का छात्र था। विद्यालय के रिकॉर्ड में उस दौरान इसके जन्म का वर्ष 1997 बताया गया। टीम ने लक्ष्मी नारायनपुर के मदरसे में भी जाकर रिकॉर्ड को देखा, जहां यह शख्स सातवीं का विद्यार्थी था।
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बुधवार को एटीएम की टीम इस स्कूल में पहुंची।
पहले लोग यह नहीं समझ पाए कि यह टीम कहां से आई है। टीम के लोगों ने जैसे ही अपना परिचय दिया, स्कूल में खलबली मच गई। टीम के लोगों ने प्रधानाचार्य से मुलाकात की। प्रधानाचार्य को बताया गया कि टीम कसया में पिछले दिनों पकड़े गए संदिग्ध की सही उम्र की तहकीकात के सिलसिले में आई है।
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टीम की ओर से इस स्कूल के रिकॉर्ड में दर्ज उसकी उम्र के बारे में पूछा गया। उसके बाद पुराने रिकॉर्ड भी निकलवाए गए। तब पता चला कि उस शख्स का वर्ष 2009 में यहां आठवीं में नामांकन हुआ था। तब उसके जन्म का वर्ष 1997 दर्ज है। कप्तानगंज इलाके के लक्ष्मी नारायनपुर के एक मदरसे में सातवीं की तालीम लेकर इस स्कूल में प्रवेश कराया था।
प्रवेश लेने के दौरान जो टीसी और अंकपत्र मुहैया कराया गया था, उसमें इसकी जन्मतिथि 10 जुलाई 1997 दर्ज है। टीम के लोग इस रिकॉर्ड की छायाप्रति अपने साथ ले गए। यहां से टीम लक्ष्मी नारायनपुर के मदरसे पर पहुंची और वहां भी इससे जुड़े रिकॉर्ड को देखा।
इसके पहले टीम को कुशीनगर के बुद्ध इंटर कॉलेज के रिकॉर्ड से जो जानकारी मिली थी, उसमें इस शख्स की जन्मतिथि 12 मई 1999 दर्ज है, जिससे इसे नाबालिग माना जा रहा था। टीम सिर्फ इसी कॉलेज के रिकॉर्ड को आधार न मानकर अन्य स्रोतों से इसकी उम्र की हकीकत जानने में जुटी है।