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कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव की निवासी थी विवाहिता
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:22 AM IST
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दहेज के पीछे तेजाब पिलाकर हत्या
विवाहिता के प्रति देवर की बदनीयति का भी मढ़ा आरोप
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से विवाहिता की मौत की वजह होगी स्पष्ट
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना (कुुशीनगर)। कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव में दहेज के लिए तेजाब पिलाकर कर एक विवाहिता की हत्या कर दी गई। मायके वालों ने दहेज के साथ विवाहिता के प्रति उसके देवर की बदनीयति का भी आरोप लगाया है। सूचना के बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही विवाहिता की मौत की वजह स्पष्ट होगी। उसके बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करने की बात बता रही है।
क्षेत्र के मिश्रौली गांव के निवासी अब्बास के दो बेटों और दो बेटियों में 25 वर्षीय नूरी हलीमा सबसे छोटी थी। उसका निकाह सितंबर 2017 में पडरौना कोतवाली क्षेत्र के ही सेमरा बाजार समसुद्दीन के साथ हुआ था। मृतका की भाभी रुखसाना पत्नी जहीरुद्दीन का आरोप है कि उसकी ननद नूरी हलीमा के ससुराल जाने के बाद से ही शौहर, ससुर, सास और देवर दहेज के लिए अक्सर मारते पीटते थे। बार-बार प्रताड़ित होने के चलते वह कई बार मायके भी आई थी। आरोप है कि 24 अक्टूबर की सुबह नूरी हलीमा के ससुराल के लोग उसे जबरदस्ती तेजाब पिला दिए। उसके बाद दोपहर में उन्हें फोन पर सूचना दी। जब वह परिवार के लोगों के साथ गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचीं तो डॉक्टर ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही उसके ननद की मौत हो गई। उसने यह भी आशंका जताई कि ससुरालवाले शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही दफन करने की तैयारी में थे। पीड़ित भाभी ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
रुखसाना की इस शिकायत की तस्दीक पोस्टमार्टम हाउस आए नूरी हलीमा के चचेरे भाई इरशाद आलम, मामा मंजर अली, चाचा अमीरुद्दीन और मौसेरे भाई सरफराज अहमद ने भी की। इन लोगों ने भी नूरी हलीमा को जबरन तेजाब पिलाकर उसकी जान लेने की बात बताई। आरोप है कि दहेज में एक लाख रुपये नकद, एक बाइक और एक सोने की चेन की मांग की जा रही थी। जबकि नूरी हलीमा के देवर की उस पर गलत निगाह थी। एसएसआई जगमोहन राय ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। नूरी हलीमा की मौत टायलेट सफाई के लिए प्रयुक्त होने वाले तेजाब के पीने की वजह से होने की बात सामने आ रही है। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी। तहरीर मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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खेत बेचकर किया था बेटी नूरी हलीमा का निकाह
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना/पिपरा बाजार। तेजाब की वजह से नूरी हलीमा की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर एकत्र हुए उसके रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों ने परिवार की दु:खभरी दास्तां बयां की। इन लोगों की बात पर यकीन किया जाए तो गरीबी से जूझ रहे मायकेवालों ने नूरी हलीमा के निकाह के लिए खेत तक बेंच दिया था।
नूरी हलीमा का मायका पडरौना कोतवाली क्षेत्र के मिश्रौली गांव में है। उसके पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। नूरी के चचेरे भाई इरशाद आलम, मामा मंजर अली, चाचा अमीरुद्दीन और मौसेरे भाई सरफराज अहमद ने बताया कि वह दो भाई शेर अफगन और जहीरुद्दीन, बहन शमरल्ीन में सबसे छोटी थी। पिता के वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण मां मेहरू नेसा ने बच्चों की परवरिश की। अब रोजगार के सिलसिले में बड़े भाई शेर अफगन विदेश में तो छोटे भाई जहीरुद्दीन महाराष्ट्र में रहते हैं। बड़े भाई की गृहस्थी अलग है। घर में पिता अब्बास, मां मेहरू नेसा और जहीरुद्दीन की बीवी रुखसाना रहती हैं। 14 सितंबर 2017 को पडरौना कोतवाली क्षेत्र के सेमरा बाजार में नूरी हलीमा का निकाह हुआ था। बहन की मौत की सूचना मिलने के बाद जहीरुद्दीन महाराष्ट्र से घर के लिए रवाना हो गए हैं। इन लोगों ने बताया कि खेत बेंचकर नूरी के ससुरालवालों को एक लाख रुपये दहेज दिया गया था, बावजूद इसके दहेज के लिए उसे बार-बार मारा-पीटा जाता था, धमकी दी जाती थी और अंतत: उसकी हत्या कर दी गई।
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विवाहिता के प्रति देवर की बदनीयति का भी मढ़ा आरोप
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से विवाहिता की मौत की वजह होगी स्पष्ट
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना (कुुशीनगर)। कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव में दहेज के लिए तेजाब पिलाकर कर एक विवाहिता की हत्या कर दी गई। मायके वालों ने दहेज के साथ विवाहिता के प्रति उसके देवर की बदनीयति का भी आरोप लगाया है। सूचना के बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही विवाहिता की मौत की वजह स्पष्ट होगी। उसके बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करने की बात बता रही है।
क्षेत्र के मिश्रौली गांव के निवासी अब्बास के दो बेटों और दो बेटियों में 25 वर्षीय नूरी हलीमा सबसे छोटी थी। उसका निकाह सितंबर 2017 में पडरौना कोतवाली क्षेत्र के ही सेमरा बाजार समसुद्दीन के साथ हुआ था। मृतका की भाभी रुखसाना पत्नी जहीरुद्दीन का आरोप है कि उसकी ननद नूरी हलीमा के ससुराल जाने के बाद से ही शौहर, ससुर, सास और देवर दहेज के लिए अक्सर मारते पीटते थे। बार-बार प्रताड़ित होने के चलते वह कई बार मायके भी आई थी। आरोप है कि 24 अक्टूबर की सुबह नूरी हलीमा के ससुराल के लोग उसे जबरदस्ती तेजाब पिला दिए। उसके बाद दोपहर में उन्हें फोन पर सूचना दी। जब वह परिवार के लोगों के साथ गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचीं तो डॉक्टर ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही उसके ननद की मौत हो गई। उसने यह भी आशंका जताई कि ससुरालवाले शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही दफन करने की तैयारी में थे। पीड़ित भाभी ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
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रुखसाना की इस शिकायत की तस्दीक पोस्टमार्टम हाउस आए नूरी हलीमा के चचेरे भाई इरशाद आलम, मामा मंजर अली, चाचा अमीरुद्दीन और मौसेरे भाई सरफराज अहमद ने भी की। इन लोगों ने भी नूरी हलीमा को जबरन तेजाब पिलाकर उसकी जान लेने की बात बताई। आरोप है कि दहेज में एक लाख रुपये नकद, एक बाइक और एक सोने की चेन की मांग की जा रही थी। जबकि नूरी हलीमा के देवर की उस पर गलत निगाह थी। एसएसआई जगमोहन राय ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। नूरी हलीमा की मौत टायलेट सफाई के लिए प्रयुक्त होने वाले तेजाब के पीने की वजह से होने की बात सामने आ रही है। वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी। तहरीर मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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खेत बेचकर किया था बेटी नूरी हलीमा का निकाह
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना/पिपरा बाजार। तेजाब की वजह से नूरी हलीमा की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर एकत्र हुए उसके रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों ने परिवार की दु:खभरी दास्तां बयां की। इन लोगों की बात पर यकीन किया जाए तो गरीबी से जूझ रहे मायकेवालों ने नूरी हलीमा के निकाह के लिए खेत तक बेंच दिया था।
नूरी हलीमा का मायका पडरौना कोतवाली क्षेत्र के मिश्रौली गांव में है। उसके पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। नूरी के चचेरे भाई इरशाद आलम, मामा मंजर अली, चाचा अमीरुद्दीन और मौसेरे भाई सरफराज अहमद ने बताया कि वह दो भाई शेर अफगन और जहीरुद्दीन, बहन शमरल्ीन में सबसे छोटी थी। पिता के वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण मां मेहरू नेसा ने बच्चों की परवरिश की। अब रोजगार के सिलसिले में बड़े भाई शेर अफगन विदेश में तो छोटे भाई जहीरुद्दीन महाराष्ट्र में रहते हैं। बड़े भाई की गृहस्थी अलग है। घर में पिता अब्बास, मां मेहरू नेसा और जहीरुद्दीन की बीवी रुखसाना रहती हैं। 14 सितंबर 2017 को पडरौना कोतवाली क्षेत्र के सेमरा बाजार में नूरी हलीमा का निकाह हुआ था। बहन की मौत की सूचना मिलने के बाद जहीरुद्दीन महाराष्ट्र से घर के लिए रवाना हो गए हैं। इन लोगों ने बताया कि खेत बेंचकर नूरी के ससुरालवालों को एक लाख रुपये दहेज दिया गया था, बावजूद इसके दहेज के लिए उसे बार-बार मारा-पीटा जाता था, धमकी दी जाती थी और अंतत: उसकी हत्या कर दी गई।