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बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली नाव पर पलटी
kushinagar
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:44 PM IST
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तमकुहीरोड। बड़ी गंडक नदी के उस पार से बालू लदी चार ट्रैक्टर-ट्रॉली लादकर लौट रही नाव बृहस्पतिवार की देर शाम जंगलीपट्टी स्थित बालू घाट पर पलट गई। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। गनीमत थी कि किसी जानमाल की क्षति नहीं हुई। नदी में गिरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को शुक्रवार को सुबह चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया।
जंगलीपट्टी में प्रशासन ने बड़ी गंडक के उस पार बालू खनन का पट्टा किया है। ठेकेदार प्रतिदिन बड़ी नावों को लगाकर बालू खनन कराता है और उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर बड़ी नावों के जरिए इस पार लाया जाता है। शाम नदी के उस पार से चार ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर बालू लादकर बड़ी नाव से इस पार लाया जा रहा था। घाट से 30-40 मीटर की दूरी पर नाव डगमगा गई और वह नदी में ही पलट गई। इससे बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी नदी में गिर गई। इसे देखते ही नाव पर सवार चारों वाहनों के चालक भी सन्न रह गए। किसी तरह उन्हें भी नदी से बाहर निकाला गया। चूंकि यह दुर्घटना शाम को हुई थी, इसलिए ट्रैक्टर ट्रालियों को नदी से बाहर निकालने का कार्य गोताखोरों के माध्यम से शुक्रवार को शुरू हुआ। गोताखोरों ने नदी में डूबे ट्रैक्टर ट्रॉली को जेसीबी व ट्रैक्टर की मदद से गहरे पानी से खिंचवाया। बालू घाट के मुंशी संतोष बरनवाल ने बताया कि नदी में डूबने से नए ट्रैक्टर के कुछ कलपुर्जे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, लेकिन बालू निकालने का कार्य सरकारी मानक के अनुसार फिर शुरू करा दिया गया है।
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जंगलीपट्टी में प्रशासन ने बड़ी गंडक के उस पार बालू खनन का पट्टा किया है। ठेकेदार प्रतिदिन बड़ी नावों को लगाकर बालू खनन कराता है और उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर बड़ी नावों के जरिए इस पार लाया जाता है। शाम नदी के उस पार से चार ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर बालू लादकर बड़ी नाव से इस पार लाया जा रहा था। घाट से 30-40 मीटर की दूरी पर नाव डगमगा गई और वह नदी में ही पलट गई। इससे बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी नदी में गिर गई। इसे देखते ही नाव पर सवार चारों वाहनों के चालक भी सन्न रह गए। किसी तरह उन्हें भी नदी से बाहर निकाला गया। चूंकि यह दुर्घटना शाम को हुई थी, इसलिए ट्रैक्टर ट्रालियों को नदी से बाहर निकालने का कार्य गोताखोरों के माध्यम से शुक्रवार को शुरू हुआ। गोताखोरों ने नदी में डूबे ट्रैक्टर ट्रॉली को जेसीबी व ट्रैक्टर की मदद से गहरे पानी से खिंचवाया। बालू घाट के मुंशी संतोष बरनवाल ने बताया कि नदी में डूबने से नए ट्रैक्टर के कुछ कलपुर्जे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, लेकिन बालू निकालने का कार्य सरकारी मानक के अनुसार फिर शुरू करा दिया गया है।
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