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Kushinagar News: जमीन के बदले जमीन की जगह मिलेगा मुआवजा, राजस्व विभाग को भूमि अधिग्रहण के निर्देश
Tue, 29 Jul 2025 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:40 AM IST
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कृषि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों की जानकारी लेते प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार व अन्य।
पकवा इनार। कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र कुमार ने सोमवार निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कार्यालय में निर्माण कार्यों की समीक्षा हुई।
उन्होंने तय समय में निर्माण कार्य गुणवत्ता व मानक के साथ पूरा करने के लिए सख्त हिदायत भी दी। बैठक में विवि के नोडल और आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह व डीएम महेंद्र सिंह तंवर सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यालय में रविवार की शाम करीब चार बजे शुरू हुई बैठक में प्रमुख सचिव ने बताया कि विवि निर्माण के लिए दो किस्तों में धन आवंटन हो चुका है। तीसरी किस्त कार्यों के मूल्यांकन के बाद किया जाएगा। विवि निर्माण के बीच बीच में पड़ने वाले किसानों की भूमि को अधिग्रहित करने के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिया है। किसानों को इसके बदले मुआवजा दिया जाएगा। हालाकि प्रभावित किसान को जमीन के बदले जमीन ही चाहिए। सचिव ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय को हस्तांतरित होने वाली 145 एकड़ से अधिक भूमि अब भी संस्कृति विभाग की है। उसका विवि को हस्तांतरण शासन स्तर से हो जाएगा। कार्यदायी एजेंसी को विवि निर्माण व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के नोटिस को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने का काम पूरा होना चाहिए, ताकि निर्माण में कोई परेशानी न आए। सचिव ने निर्माणाधीन कृषि विश्वविद्यालय के मानचित्र का भी अवलोकन किया। प्रत्येक बिंदु की जानकारी हासिल की। इसके पूर्व होटल पथिक निवास पहुंचने पर उन्हें बुके व बुद्ध प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया गया।
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इस मौके पर एडीएम वैभव मिश्रा, एसडीएम आशुतोष कुमार, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, उप कृषि निदेशक अतीन्द्र सिंह, संयुक्त निदेशक शहरी एवं आवासीय गिरीश चंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका, पर्यटन सूचना अधिकारी डाॅ. प्राण रंजन आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने तय समय में निर्माण कार्य गुणवत्ता व मानक के साथ पूरा करने के लिए सख्त हिदायत भी दी। बैठक में विवि के नोडल और आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह व डीएम महेंद्र सिंह तंवर सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
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कार्यालय में रविवार की शाम करीब चार बजे शुरू हुई बैठक में प्रमुख सचिव ने बताया कि विवि निर्माण के लिए दो किस्तों में धन आवंटन हो चुका है। तीसरी किस्त कार्यों के मूल्यांकन के बाद किया जाएगा। विवि निर्माण के बीच बीच में पड़ने वाले किसानों की भूमि को अधिग्रहित करने के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिया है। किसानों को इसके बदले मुआवजा दिया जाएगा। हालाकि प्रभावित किसान को जमीन के बदले जमीन ही चाहिए। सचिव ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय को हस्तांतरित होने वाली 145 एकड़ से अधिक भूमि अब भी संस्कृति विभाग की है। उसका विवि को हस्तांतरण शासन स्तर से हो जाएगा। कार्यदायी एजेंसी को विवि निर्माण व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के नोटिस को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने का काम पूरा होना चाहिए, ताकि निर्माण में कोई परेशानी न आए। सचिव ने निर्माणाधीन कृषि विश्वविद्यालय के मानचित्र का भी अवलोकन किया। प्रत्येक बिंदु की जानकारी हासिल की। इसके पूर्व होटल पथिक निवास पहुंचने पर उन्हें बुके व बुद्ध प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया गया।
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इस मौके पर एडीएम वैभव मिश्रा, एसडीएम आशुतोष कुमार, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, उप कृषि निदेशक अतीन्द्र सिंह, संयुक्त निदेशक शहरी एवं आवासीय गिरीश चंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका, पर्यटन सूचना अधिकारी डाॅ. प्राण रंजन आदि मौजूद रहे।