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खेतों से लिए मिट्टी के नमूने,भेजा लैब
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 19 Nov 2017 11:00 PM IST
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खेत से नमूने लेते कृषि विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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गुरवलिया बाजार। तमकुही क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में रविवार को मिट्टी की जांच के लिए नमूने लिए गए। नमूने लेने का यह कार्यक्रम कृषि विभाग ने मिट्टी पहचानों अभियान के तहत शुरू किया है। कर्मचारियों ने किसानों को खेत की मिट्टी की जांच कराने के फायदे भी बताए।
धान की फसल कटने के बाद इन दिनों किसानों के खेत खाली हो चुके हैं। इसलिए उन्हें खेतों में अंधाधुंध उर्वरकों के प्रयोग रोकने और मिट्टी की सेहत जांचने के लिए कृषि विभाग की ओर से मिट्टी पहचानो अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान से जुड़े कर्मचारियों ने रविवार को श्रीराम पट्टी, सोंदिया बुजुर्ग, बेलवा, तिरमासाहुन आदि गांवों के किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्रित किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
क्षेत्रीय कर्मचारी चंद्रशेखर कुशवाहा ने किसानों को बताया कि मिट्टी पहचानो अभियान का मूल उद्देश्य किसानों के खेतों की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की जांच करना है, ताकि इस बात की जानकारी प्राप्त की जा सके कि खेतों में किन पोषक तत्वों की कमी है। साथ ही उसे समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने किसानों को जरुरी टिप्स भी दिए। बताया कि किसानों को वर्तमान समय में अपने खेतों में गोबर व हरी खाद का प्रयोग करने की जरुरत है। इससे खेत की उर्वरा शक्ति में वृद्घि होगी। मिट्टी की जांच से इस बात का भी पता चल जाएगा कि भूमि में फास्फोरस, पोटाश व नाइट्रोजन की उपलब्धता कितनी है। साथ ही खेतों में गेहूं और अन्य फसलों के लिए कितनी खाद का प्रयोग करना होगा।
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इस दौरान रामअवध ओझा, नंदलाल यादव, छेदी राय, चिरंजीव ओझा, भोला राय, प्रभात लाल श्रीवास्तव, भरदुल यादव, खिलखिला यादव, भोला ओझा आदि किसान उपस्थित रहे।
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धान की फसल कटने के बाद इन दिनों किसानों के खेत खाली हो चुके हैं। इसलिए उन्हें खेतों में अंधाधुंध उर्वरकों के प्रयोग रोकने और मिट्टी की सेहत जांचने के लिए कृषि विभाग की ओर से मिट्टी पहचानो अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान से जुड़े कर्मचारियों ने रविवार को श्रीराम पट्टी, सोंदिया बुजुर्ग, बेलवा, तिरमासाहुन आदि गांवों के किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्रित किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
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क्षेत्रीय कर्मचारी चंद्रशेखर कुशवाहा ने किसानों को बताया कि मिट्टी पहचानो अभियान का मूल उद्देश्य किसानों के खेतों की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की जांच करना है, ताकि इस बात की जानकारी प्राप्त की जा सके कि खेतों में किन पोषक तत्वों की कमी है। साथ ही उसे समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने किसानों को जरुरी टिप्स भी दिए। बताया कि किसानों को वर्तमान समय में अपने खेतों में गोबर व हरी खाद का प्रयोग करने की जरुरत है। इससे खेत की उर्वरा शक्ति में वृद्घि होगी। मिट्टी की जांच से इस बात का भी पता चल जाएगा कि भूमि में फास्फोरस, पोटाश व नाइट्रोजन की उपलब्धता कितनी है। साथ ही खेतों में गेहूं और अन्य फसलों के लिए कितनी खाद का प्रयोग करना होगा।
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इस दौरान रामअवध ओझा, नंदलाल यादव, छेदी राय, चिरंजीव ओझा, भोला राय, प्रभात लाल श्रीवास्तव, भरदुल यादव, खिलखिला यादव, भोला ओझा आदि किसान उपस्थित रहे।