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चैता गीत गाकर संजोली ने बांधा समा
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:45 PM IST
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गीत गाती संजोली।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
तुर्कपट्टी। सूर्य महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को आयोजित सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रम में पहुंचे डीएम आंद्रा वामसी ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि भगवान सूर्य से सबको ऊर्जा प्राप्त होती है। इस दौरान संजोली पांडेय की ओर से प्रस्तुत चैता- ‘चइत में लागल बा कटनिया हो सैया मोर पलटनिया..’ तथा स्वच्छता गीत ‘कुशीनगर के स्वच्छ बनाई कि चल करि मिल के सफाई’ ने पूरे परिसर में समा बांध दिया। वहीं क्षेत्रीय कलाकार निप्पू यादव, सुनील मिश्र, धीरज राव व बलराम बाली की प्रस्तुति पर श्रोता पूरी रात झूमते रहे। संचालन कवि व पत्रकार मनंजय तिवारी ने किया। सुरक्षा की दृष्टि से एसओ दुर्गेश कुमार सिंह अपनी पूरी टीम के साथ मुस्तैद दिखे।
कार्यक्रम के दौरान डीएम ने कहा कि पाषाण काल में सूर्य की शुरू हुई उपासना आज भी पूरे विश्व में अपने-अपने मान्यता एवं पद्धति के अनुसार की जाती है। ऐसे में सूर्य नगरी में मनाए जाने वाले इस महोत्सव से निाश्चित ही इस स्थली की ख्याति संपूर्ण भारत वर्ष में फैलेगी।
डीएम आंद्रा वामसी ने कहा कि भोजपुरी माटी की बोली है, जिसके भाव में प्रेम, अपनत्व व वात्सल्य का अद्भुत संगम है। यह भाषा हमें एक दूसरे की संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। दक्षिण भारत से ताल्लुक रखने वाले श्री वामसी ने कहा कि हमारे यहां भी भोजपूरी फिल्में देखी व पसंद की जाती हैं। उन्होंने सूर्य महोत्सव के आयोजक विनय राय की प्रसंशा की। तुर्कपट्टी बाजार को नगर पंचायत व एक राष्ट्रीयकृत बैंक खोलने की मांग पर डीएम ने कहा कि इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख नारायणी शाही ने कहा कि सूर्य महोत्सव की नींव 10वीं सदी में प्रसिद्ध कवि भवभूति ने रखी थी। उस एतिहासिक परंपरा की कड़ी से जोड़ने के लिए विनय राय व डीएम के प्रति आभार जताया।
विनय राय व नारायणी शाही ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। डीएम ने कार्यक्रम की मुख्य कलाकार संजोली पांडेय, स्थानीय कलाकारों सहित कई लोगों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस दौरान शशिकांत राव, देवेंद्र सिंह, रविभूषण सिंह, महिमा राय, दिनेश तिवारी, प्रज्ञा राय, अंकुर मिश्र, विरेंद्र शाही, आनंदेश्वर शाही, धीरज श्रीवास्तव, सुरेश जायसवाल, व्यास राय, प्रवीण शाही, ब्रजेश राय, संजय शाही, केदार शाही, शैलेन्द्र तिवारी, राज कुमार गिरी, राजेश शाही, संतोष राय, पवन यादव एवं बैजू गुप्ता सहित अधिक संख्या में दर्शक मौजूद थे।
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कार्यक्रम के दौरान डीएम ने कहा कि पाषाण काल में सूर्य की शुरू हुई उपासना आज भी पूरे विश्व में अपने-अपने मान्यता एवं पद्धति के अनुसार की जाती है। ऐसे में सूर्य नगरी में मनाए जाने वाले इस महोत्सव से निाश्चित ही इस स्थली की ख्याति संपूर्ण भारत वर्ष में फैलेगी।
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डीएम आंद्रा वामसी ने कहा कि भोजपुरी माटी की बोली है, जिसके भाव में प्रेम, अपनत्व व वात्सल्य का अद्भुत संगम है। यह भाषा हमें एक दूसरे की संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। दक्षिण भारत से ताल्लुक रखने वाले श्री वामसी ने कहा कि हमारे यहां भी भोजपूरी फिल्में देखी व पसंद की जाती हैं। उन्होंने सूर्य महोत्सव के आयोजक विनय राय की प्रसंशा की। तुर्कपट्टी बाजार को नगर पंचायत व एक राष्ट्रीयकृत बैंक खोलने की मांग पर डीएम ने कहा कि इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख नारायणी शाही ने कहा कि सूर्य महोत्सव की नींव 10वीं सदी में प्रसिद्ध कवि भवभूति ने रखी थी। उस एतिहासिक परंपरा की कड़ी से जोड़ने के लिए विनय राय व डीएम के प्रति आभार जताया।
विनय राय व नारायणी शाही ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। डीएम ने कार्यक्रम की मुख्य कलाकार संजोली पांडेय, स्थानीय कलाकारों सहित कई लोगों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस दौरान शशिकांत राव, देवेंद्र सिंह, रविभूषण सिंह, महिमा राय, दिनेश तिवारी, प्रज्ञा राय, अंकुर मिश्र, विरेंद्र शाही, आनंदेश्वर शाही, धीरज श्रीवास्तव, सुरेश जायसवाल, व्यास राय, प्रवीण शाही, ब्रजेश राय, संजय शाही, केदार शाही, शैलेन्द्र तिवारी, राज कुमार गिरी, राजेश शाही, संतोष राय, पवन यादव एवं बैजू गुप्ता सहित अधिक संख्या में दर्शक मौजूद थे।