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Kushinagar News: सर्टिफिकेट फर्जीवाड़े का कई जिलों में फैला जाल, जांच तेज
Wed, 06 Aug 2025 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 06 Aug 2025 12:20 AM IST
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पडरौना। जिले में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) चलाने की आड़ में फर्जीवाड़े के खेल को अंजाम देने वाले पांचों आरोपियों का नेटवर्क पूर्वांचल से लेकर बिहार तक फैला है। रविंद्र नगर धूस पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और वाट्सएप ग्रुप से मिली जानकारी के आधार पर इसमें शामिल गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। जिले में धर्मांतरण के सामने आए मामलों में भी आधार कार्ड में एडिटिंग कर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जो साक्ष्य मिला है उस आधार पर पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचने में जुटी है।
जिला मुख्यालय के आसपास सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) खोलकर पांच युवक फर्जी तरीके से आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र बना रहे थे। यह गिरोह करीब दो साल से जिले में सक्रिय है। इनके मोबाइल से मिले नंबर और वाट्सएप ग्रुप से पता चला है कि जालसाजों का नेटवर्क पूर्वांचल के अलावा बिहार तक फैला है। इसमें कुछ ऐसे नंबर मिले हैं, जो राजस्थान का है। वाटस्एप ग्रुप पर ही प्रमाण पत्र बनाकर लोगों को भेजना और इससे जुड़े अभिलेख मांगाया जा रहा था। वाट्सएप मैसेज पर ही आधार कार्ड एडिटिंग और जन्म प्रमाण पत्र के अलावा आयुष्मान कार्ड में फर्जीवाड़े का रेट तय होता था। पुलिस इस गिरोह के सरगना तक पहुंचने में जुटी है। पुलिस ने सीएससी संचालक रामकोला थाना क्षेत्र के रोवारी गांव निवासी मोहन कुमार गोड़, नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बसडिला गांव निवासी दिलीप कुमार चौधरी, पटखौली गांव निवासी रजवंत, सौरहा बुजुर्ग गांव निवासी अशफाक अंसारी, भोज छपरा निवासी सोनू कुमार यादव को पुलिस जेल भेज चुकी है। फर्जीवाड़े के इस गिरोह का सरगना मोहन गोड़ है, उसका कनेक्शन बिहार, पूर्वांचल जिलों के अलावा राजस्थान तक पुलिस को मिला है। पडरौना सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपियों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस काम कर रही है।
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जिला मुख्यालय के आसपास सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) खोलकर पांच युवक फर्जी तरीके से आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र बना रहे थे। यह गिरोह करीब दो साल से जिले में सक्रिय है। इनके मोबाइल से मिले नंबर और वाट्सएप ग्रुप से पता चला है कि जालसाजों का नेटवर्क पूर्वांचल के अलावा बिहार तक फैला है। इसमें कुछ ऐसे नंबर मिले हैं, जो राजस्थान का है। वाटस्एप ग्रुप पर ही प्रमाण पत्र बनाकर लोगों को भेजना और इससे जुड़े अभिलेख मांगाया जा रहा था। वाट्सएप मैसेज पर ही आधार कार्ड एडिटिंग और जन्म प्रमाण पत्र के अलावा आयुष्मान कार्ड में फर्जीवाड़े का रेट तय होता था। पुलिस इस गिरोह के सरगना तक पहुंचने में जुटी है। पुलिस ने सीएससी संचालक रामकोला थाना क्षेत्र के रोवारी गांव निवासी मोहन कुमार गोड़, नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बसडिला गांव निवासी दिलीप कुमार चौधरी, पटखौली गांव निवासी रजवंत, सौरहा बुजुर्ग गांव निवासी अशफाक अंसारी, भोज छपरा निवासी सोनू कुमार यादव को पुलिस जेल भेज चुकी है। फर्जीवाड़े के इस गिरोह का सरगना मोहन गोड़ है, उसका कनेक्शन बिहार, पूर्वांचल जिलों के अलावा राजस्थान तक पुलिस को मिला है। पडरौना सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपियों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस काम कर रही है।
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