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Kushinagar News: पिता-पुत्र समेत छह पर केस, तलाश में पुलिस
Fri, 25 Jul 2025 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 25 Jul 2025 12:37 AM IST
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गुरवलिया बाजार। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के गांगीटीकर गांव विजेधरा टोला में जमीन के विवाद में दो पक्षों में हुई मारपीट और बोलरो से चार लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने चंद्रदेव सहित छह लोगों पर केस दर्ज किया है। वारदात के एक दिन बाद भी आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं। विजेधरा में विवाद के बाद अब भी तनाव का माहौल है। आरोपियों के पकड़े न जाने के कारण लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि चंद्रदेव का बेटा बोलेरो से कृष्णा सिंह सहित चार को कुचल कर फरार हो गया और पुलिस देखती रही। वीडियो में तथ्य मिलने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हालाकि श्रीराम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने चंद्रदेव तिवारी, व्यास, सुभाष, विनोद, लालचंद, सूरज पर धारा 191 (2), 115 (2), 352, 391 (3) और 109 बीएनएस में केस दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जल्द ही गिरफ्तारी होगी। गांगीटीकर के टोला विजेधरा में श्रीराम सिंह और चंद्रदेव तिवारी के बीच 12 डिसमिल सीलिंग की भूमि का विवाद 25 वर्ष बाद हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट के दौरान विवाद ऐसा बढ़ा कि चंद्रदेव तिवारी के बेटे ने बोलेरो से श्रीराम सिंह पक्ष के कृष्ण सिंह सहित चार को कुचल दिया। कृष्ण सिंह मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में जिंदगी से जंग लड़ रहे हैं।
तीन अन्य लोग भी घायल हैं। लोगों ने पुलिस पर पैसे लेकर कब्जा दिलाने का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग की है। आरोप है कि थानाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद ही उक्त जमीन पर बुधवार को तेजी से कब्जा होने लगा, जिसके बाद विवाद हो गया। वहीं कब्जे में हस्तक्षेप न करने को लेकर कोर्ट ने चंद्रदेव तिवारी को पहले ही आदेश दिए थे, लेकिन कभी चंद्रदेव उक्त जमीन को पट्टे की जमीन बताकर शिकायत कर देता तो कभी श्रीराम सिंह द्वारा पुश्तैनी कब्जा बताकर न्यायालय तक गुहार लगाई जाती रही। जब किसी एक पक्ष द्वारा शिकायत किया जाता था तो दूसरा भी पहुंच कर पत्र के माध्यम से शिकायत कर देता था। लगभग तीन दशक तक जमीन के लिए न केवल न्यायालय तक दोनों पक्ष ने दौड़ लगाया बल्कि कई बार उक्त जमीन के लिए मारपीट भी हुआ। अब जब श्रीराम सिंह ने दल-बल के साथ बुधवार को पक्का कब्जा करना शुरू किया तो विरोध की ज्वाला भड़क उठी। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि रुपये मिलने के कारण ही जब एक पक्ष द्वारा कब्जे की सूचना दी गई फिर भी थाने की पुलिस नहीं पहुंची ।
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तीन अन्य लोग भी घायल हैं। लोगों ने पुलिस पर पैसे लेकर कब्जा दिलाने का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग की है। आरोप है कि थानाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद ही उक्त जमीन पर बुधवार को तेजी से कब्जा होने लगा, जिसके बाद विवाद हो गया। वहीं कब्जे में हस्तक्षेप न करने को लेकर कोर्ट ने चंद्रदेव तिवारी को पहले ही आदेश दिए थे, लेकिन कभी चंद्रदेव उक्त जमीन को पट्टे की जमीन बताकर शिकायत कर देता तो कभी श्रीराम सिंह द्वारा पुश्तैनी कब्जा बताकर न्यायालय तक गुहार लगाई जाती रही। जब किसी एक पक्ष द्वारा शिकायत किया जाता था तो दूसरा भी पहुंच कर पत्र के माध्यम से शिकायत कर देता था। लगभग तीन दशक तक जमीन के लिए न केवल न्यायालय तक दोनों पक्ष ने दौड़ लगाया बल्कि कई बार उक्त जमीन के लिए मारपीट भी हुआ। अब जब श्रीराम सिंह ने दल-बल के साथ बुधवार को पक्का कब्जा करना शुरू किया तो विरोध की ज्वाला भड़क उठी। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि रुपये मिलने के कारण ही जब एक पक्ष द्वारा कब्जे की सूचना दी गई फिर भी थाने की पुलिस नहीं पहुंची ।
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