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Kushinagar News: नहर टूटने से खेतों में भरा पानी, रोपाई प्रभावित
Sun, 05 Jul 2026 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 05 Jul 2026 02:42 AM IST
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सोहसा मठिया गांव के समीप टूटी खजुरिया नहर शाखा।
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कसया। तहसील क्षेत्र के सोहसा मठिया चौराहे से गुजर रही खजुरिया नहर की शाखा शुक्रवार देर शाम सोहसा गांव स्थित उपकेंद्र के पास पश्चिम दिशा में टूट गई। इससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और धान की रोपाई के साथ रोपाई के लिए तैयार धान की नर्सरी डूब गई। नहर का पानी प्राथमिक विद्यालय सोहसा और आसपास के कई घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। कसया एसडीओ करुणाकर तिवारी, रामकोला एसडीओ राज नारायण यादव और जेई दीपक कुमार ने नहर का पानी कम कराकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। नहर का पानी खेतों में भरने से किसानों की रोपी गई धान की फसल और रोपाई के लिए तैयार नर्सरी को नुकसान हुआ। वहीं खेतों का पानी छोटी गंडक नदी में जाने से श्मशान घाट के पास नदी किनारे मिट्टी का कटाव भी हो गया।
इस संबंध में एक्सईएन सिंचाई बुधई राम ने बताया कि नहर टूटने की सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची। त्वरित कार्रवाई करते हुए मरम्मत कराई गई और नहर में पानी का संचालन फिर से सुचारु करा दिया गया है।
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मेन लाइन पर पेड़ गिरने से 10 घंटे ठप रही बिजली
कसया। खजुरिया नहर शाखा टूटने की घटना का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। सोहसा मठिया विद्युत उपकेंद्र के समीप नहर का पानी फैलने के कारण शुक्रवार देर रात 33 केवी की मुख्य लाइन पर पेड़ गिर गया। इससे करीब चार दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
भीषण उमस के बीच रातभर बिजली नहीं रहने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इनवर्टर जवाब दे गए और घरों की पानी की टंकियां भी खाली हो गईं। विद्युत विभाग के अवर अभियंता एवं कर्मचारियों ने लगातार अभियान चलाकर करीब 10 घंटे बाद लाइन दुरुस्त की, जिसके बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
स्थानीय उपभोक्ता ब्रजेश सिंह, विपिन पटेल, महंथ यादव, मंटू राव, प्रधान प्रतिनिधि कमलेश चौधरी, आशुतोष मिश्र उर्फ गुड्डू बाबा, अखिलेश ओझा और रविशंकर पांडेय ने बताया कि उपकेंद्र तक आने वाली 33 केवी लाइन नहर की पटरी पर पेड़ों के घने झुरमुट से होकर गुजरती है। हल्की बारिश या तेज हवा में पेड़ और टहनियां लाइन पर गिर जाती हैं, जिससे बार-बार आपूर्ति बाधित होती है।
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सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। कसया एसडीओ करुणाकर तिवारी, रामकोला एसडीओ राज नारायण यादव और जेई दीपक कुमार ने नहर का पानी कम कराकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। नहर का पानी खेतों में भरने से किसानों की रोपी गई धान की फसल और रोपाई के लिए तैयार नर्सरी को नुकसान हुआ। वहीं खेतों का पानी छोटी गंडक नदी में जाने से श्मशान घाट के पास नदी किनारे मिट्टी का कटाव भी हो गया।
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इस संबंध में एक्सईएन सिंचाई बुधई राम ने बताया कि नहर टूटने की सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची। त्वरित कार्रवाई करते हुए मरम्मत कराई गई और नहर में पानी का संचालन फिर से सुचारु करा दिया गया है।
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मेन लाइन पर पेड़ गिरने से 10 घंटे ठप रही बिजली
कसया। खजुरिया नहर शाखा टूटने की घटना का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। सोहसा मठिया विद्युत उपकेंद्र के समीप नहर का पानी फैलने के कारण शुक्रवार देर रात 33 केवी की मुख्य लाइन पर पेड़ गिर गया। इससे करीब चार दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
भीषण उमस के बीच रातभर बिजली नहीं रहने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इनवर्टर जवाब दे गए और घरों की पानी की टंकियां भी खाली हो गईं। विद्युत विभाग के अवर अभियंता एवं कर्मचारियों ने लगातार अभियान चलाकर करीब 10 घंटे बाद लाइन दुरुस्त की, जिसके बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
स्थानीय उपभोक्ता ब्रजेश सिंह, विपिन पटेल, महंथ यादव, मंटू राव, प्रधान प्रतिनिधि कमलेश चौधरी, आशुतोष मिश्र उर्फ गुड्डू बाबा, अखिलेश ओझा और रविशंकर पांडेय ने बताया कि उपकेंद्र तक आने वाली 33 केवी लाइन नहर की पटरी पर पेड़ों के घने झुरमुट से होकर गुजरती है। हल्की बारिश या तेज हवा में पेड़ और टहनियां लाइन पर गिर जाती हैं, जिससे बार-बार आपूर्ति बाधित होती है।