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Kushinagar News: पीएम किसान सम्मान निधि दिलाने के लिए गांव-गांव में लग रहा है कैंप
Wed, 24 May 2023 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 24 May 2023 11:59 PM IST
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ई-केवाईसी नहीं कराए तो पीएम सम्मान निधि से वंचित हो जाएंगे एक लाख 80 हजार किसान
जिले में पंजीकृत हैं छह लाख छह हजार किसान
उन्हें पीएम सम्मान निधि का योजना का लाभ देने के लिए गांव-गांव में लग रहा है कैंप
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। केंद्र सरकार की तरफ से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों को दो-दो हजार रुपये वर्ष में दो बार दिए जाते हैं। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में भेजी जाती है, लेकिन जिले के एक लाख 80 हजार से अधिक किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी ही नहीं कराई है। यदि वे समय रहते केवाईसी नहीं कराए तो उन्हें जून में मिलने वाली धनराशि नहीं दी जाएगी। हालांकि, किसानों को इस योजना का लाभ समय से मिल सके, इसके लिए गांव-गांव विशेष शिविर लगाकर ईकेवाईसी समेत अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
जिले में कुल छह लाख छह हजार किसान पंजीकृत हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए सभी किसानों को ई-केवाईसी, भूलेख अंकन समेत अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी है। यह योजना लागू होने के समय जितने किसानों ने आवेदन किया, उन्हें तत्काल इस योजना का लाभ दे दिया गया था। सरकार की इस योजना का लाभ अपात्रों को न मिले, इसके लिए शासन की तरफ से कई जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का नियम बना दिया गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस योजना का लाभ निर्बाध रूप से किसानों को मिल सके, इसके लिए उन्हें भूलेख अंकन, ई-केवाईसी, बैंक से आधार लिंक कराने, आधार में हुई गड़बड़ी को ठीक कराने और बैंक खाते को नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एपीसीटी) से डीबीटी एनेबल कराना जरूरी है, लेकिन जिले के करीब 25 हजार किसान अभी तक भूलेख अंकन नहीं कराए हैं। इसके अलावा एक लाख 80 हजार से अधिक किसान अभी तक अपना ई-केवाईसी ही नहीं करा सके हैं, जबकि 68 हजार से अधिक किसानों का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है। इससे इन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। हालांकि, किसानों की इन समस्याओं को दूर करने के लिए कृषि विभाग ने खास पहल की है। विभाग की तरफ से गांव-गांव में विशेष शिविर लगाकर किसानों से जरूरी प्रपत्र एकत्र कर पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
कृषि विभाग की तरफ से प्रत्येक गांव में लगेगा विशेष शिविर
कृषि विभाग की तरफ से प्रत्येक गांव में विशेष शिविर लगाया जा रहा है। इसमें कृषि विभाग के अधिकारियों के अलावा लेखपाल और सहज जन सेवा केंद्र व संबंधित बैंक के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। गांव में शिविर लगने के दो से तीन दिन पहले ग्राम प्रधान को शिविर की तिथि के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा गांव के सभी सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाकर उसके बारे में प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि शिविर का लाभ गांव के प्रत्येक किसान उठा सकें। इस शिविर में नए किसानों का पंजीकरण समेत भूलेख अंकन, ई-केवाईसी, बैंक खाता को आधार से लिंक करने समेत आधार में हुई अन्य गड़बड़ियों को ठीक कराया जाएगा। फेसियल एप से कर सकते हैं अपनी समस्या दूर
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किसानों की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से फेसियल एप लांच किया गया है। इसे पीएम किसान की सरकारी वेबसाइट को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस एप को डाउनलोड करने के बाद किसान पीएम सम्मान निधि योजना से संबंधित ई-केवाईसी के अलावा अन्य कमियों को दूर कर सकते हैं।
कोट
भूलेख अंकन, ई-केवाईसी, बैंक से आधार लिंक और एनपीसीआई समेत अन्य गड़बड़ियों को दूर करने के लिए 22 मई से 10 जून तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना का वृहद संतृप्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी राजस्व गांवों में विभाग की तरफ से विशेष कैंप सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक लगाया जाएगा। इस शिविर में विभागीय कर्मचारियों के अलावा लेखपाल, गांव के सचिव, सीएससी के कर्मचारी एवं इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। शिविर लगने के तीन दिन पहले ग्राम प्रधान को इसके बारे में जानकारी दे दी जाएगी। संबंधित शिविर किसान पहुंचकर अपनी समस्या दूर करा सकते हैं, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी न हो।
- आशीष कुमार, उपनिदेशक (कृषि)
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जिले में पंजीकृत हैं छह लाख छह हजार किसान
उन्हें पीएम सम्मान निधि का योजना का लाभ देने के लिए गांव-गांव में लग रहा है कैंप
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। केंद्र सरकार की तरफ से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों को दो-दो हजार रुपये वर्ष में दो बार दिए जाते हैं। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में भेजी जाती है, लेकिन जिले के एक लाख 80 हजार से अधिक किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी ही नहीं कराई है। यदि वे समय रहते केवाईसी नहीं कराए तो उन्हें जून में मिलने वाली धनराशि नहीं दी जाएगी। हालांकि, किसानों को इस योजना का लाभ समय से मिल सके, इसके लिए गांव-गांव विशेष शिविर लगाकर ईकेवाईसी समेत अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
जिले में कुल छह लाख छह हजार किसान पंजीकृत हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए सभी किसानों को ई-केवाईसी, भूलेख अंकन समेत अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी है। यह योजना लागू होने के समय जितने किसानों ने आवेदन किया, उन्हें तत्काल इस योजना का लाभ दे दिया गया था। सरकार की इस योजना का लाभ अपात्रों को न मिले, इसके लिए शासन की तरफ से कई जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का नियम बना दिया गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस योजना का लाभ निर्बाध रूप से किसानों को मिल सके, इसके लिए उन्हें भूलेख अंकन, ई-केवाईसी, बैंक से आधार लिंक कराने, आधार में हुई गड़बड़ी को ठीक कराने और बैंक खाते को नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एपीसीटी) से डीबीटी एनेबल कराना जरूरी है, लेकिन जिले के करीब 25 हजार किसान अभी तक भूलेख अंकन नहीं कराए हैं। इसके अलावा एक लाख 80 हजार से अधिक किसान अभी तक अपना ई-केवाईसी ही नहीं करा सके हैं, जबकि 68 हजार से अधिक किसानों का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है। इससे इन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। हालांकि, किसानों की इन समस्याओं को दूर करने के लिए कृषि विभाग ने खास पहल की है। विभाग की तरफ से गांव-गांव में विशेष शिविर लगाकर किसानों से जरूरी प्रपत्र एकत्र कर पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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कृषि विभाग की तरफ से प्रत्येक गांव में लगेगा विशेष शिविर
कृषि विभाग की तरफ से प्रत्येक गांव में विशेष शिविर लगाया जा रहा है। इसमें कृषि विभाग के अधिकारियों के अलावा लेखपाल और सहज जन सेवा केंद्र व संबंधित बैंक के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। गांव में शिविर लगने के दो से तीन दिन पहले ग्राम प्रधान को शिविर की तिथि के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा गांव के सभी सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाकर उसके बारे में प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि शिविर का लाभ गांव के प्रत्येक किसान उठा सकें। इस शिविर में नए किसानों का पंजीकरण समेत भूलेख अंकन, ई-केवाईसी, बैंक खाता को आधार से लिंक करने समेत आधार में हुई अन्य गड़बड़ियों को ठीक कराया जाएगा। फेसियल एप से कर सकते हैं अपनी समस्या दूर
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किसानों की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से फेसियल एप लांच किया गया है। इसे पीएम किसान की सरकारी वेबसाइट को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस एप को डाउनलोड करने के बाद किसान पीएम सम्मान निधि योजना से संबंधित ई-केवाईसी के अलावा अन्य कमियों को दूर कर सकते हैं।
कोट
भूलेख अंकन, ई-केवाईसी, बैंक से आधार लिंक और एनपीसीआई समेत अन्य गड़बड़ियों को दूर करने के लिए 22 मई से 10 जून तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना का वृहद संतृप्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी राजस्व गांवों में विभाग की तरफ से विशेष कैंप सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक लगाया जाएगा। इस शिविर में विभागीय कर्मचारियों के अलावा लेखपाल, गांव के सचिव, सीएससी के कर्मचारी एवं इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। शिविर लगने के तीन दिन पहले ग्राम प्रधान को इसके बारे में जानकारी दे दी जाएगी। संबंधित शिविर किसान पहुंचकर अपनी समस्या दूर करा सकते हैं, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी न हो।
- आशीष कुमार, उपनिदेशक (कृषि)