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शाम सात बजे के बाद नहीं मिलतीं बसें

Mon, 15 Feb 2021 12:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2021 12:08 AM IST
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Buses do not meet after seven in the evening
पडरौना रोडवेज में खड़ीं बसें। - फोटो : KUSHINAGAR
शाम सात बजे के बाद नहीं मिलतीं बसें
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पडरौना। जिला बनने के ढाई दशक बाद भी जनपद के लोगों के लिए रोडवेज की पर्याप्त बसें नहीं हैं। पडरौना से कप्तानगंज और पडरौना से तमकुहीराज मार्ग पर रोडवेज की नियमित बसें नहीं हैं। पडरौना-खड्डा और पडरौना-जटहां मार्ग पर प्राइवेट बसें ही चलती हैं। केवल पडरौना-कसया-गोरखपुर और तमकुहीराज-कसया-गोरखपुर रूट पर ही रोडवेज बसों का संचालन होता है। इससे यात्रियों को दिक्कत हो रही है। अधिक किराया भी देना पड़ता है। शाम सात बजे के बाद बसें ही नहीं मिलती हैं।
वर्ष-2012 में बसपा के कार्यकाल में पडरौना डिपो की स्थापना हुई थी। पडरौना डिपो से निगम की 21 बसें संचालित होती हैं। इसमें से एक बस छितौनी-गोरखपुर, एक बस जटहां बाजार-गोरखपुर, दो लोहिया बसें भेड़िहारी-लखनऊ, तीन बसें पडरौना-दिल्ली, दस बसें पडरौना-लखनऊ और शेष चार बसें डिपो में रिजर्व में रहती हैं। इसके अलावा 14 अनुबंधित बसें भी संचालित होती हैं। इनमें आठ बसें ग्रामीण क्षेत्रों से पडरौना के रास्ते गोरखपुर तक संचालित होती हैं, जो निर्धारित स्थान से सुबह पडरौना से गोरखपुर तक चलाई जाती हैं। यही बसें शाम को सवारियों को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के निर्धारित स्थल तक पहुंचती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बसों का संचालन नहीं होता है। पडरौना बस स्टेशन से शाम सात बजे के बाद पडरौना-कसया-गोरखपुर को छोड़कर किसी भी मार्ग पर बस सेवा नहीं है। इससे शाम सात बजे के बाद पडरौना में फंसे लोगों के लिए यात्रा करना मुश्किल होता है। ये यात्री या तो निजी वाहनों से घर जाते हैं या देर तक मदद की आस में सड़क पर भटकते हैं। पडरौना जिला मुख्यालय होने के कारण जिले भर से लोग विभिन्न कार्यों से आते हैं, लेकिन पडरौना-तमकुहीरोड, पडरौना-समउर, पडरौना-खड्डा, पडरौना-जटहां बाजार, पडरौना-छितौनी, पडरौना-कप्तानगंज समेत अन्य कई मार्गों पर परिवहन निगम की तरफ से नियमित बसों का संचालन नहीं किया जाता है। इससे लोग प्राइवेट बसों और टैक्सियों से यात्रा करते हैं। ऐसे में यात्रियों को कम दूरी के लिए अधिक किराया देना पड़ता है।
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‘पर्याप्त यात्री नहीं मिलते हैं’
एआरएम बिंदू प्रसाद ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों के अनुसार जिले के अधिकांश सड़क मार्गों पर बसों का संचालन कर जिला मुख्यालय से जोड़ने का प्रयास किया गया है। जिला मुख्यालय पर अधिकांश यात्री सुबह आते हैं और अपना कार्य निपटाकर शाम को घर चले जाते हैं। इसे देखते हुए बसों का संचालन किया गया है। दिन में पर्याप्त यात्री नहीं मिलने से नियमित संचालन में कठिनाई होती है। जिन सड़क मार्गों पर पर्याप्त सवारी मिलने का प्रस्ताव मिलता है, वहां बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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परिवहन मंत्री को भेजा जाएगा पत्र
सदर विधायक व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने अथवा बस सेवा कम होने की जानकारी है। जिला मुख्यालय आने वाले यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों की संख्या बढ़ाने और जहां बस सेवा शुरू नहीं हुई है, वहां के लिए परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा।
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