{"_id":"581f64964f1c1bfb02b3750f","slug":"buddha-statue-established","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरैनाघाट पर बुद्ध की 3.5 फिट की प्रतिमा स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरैनाघाट पर बुद्ध की 3.5 फिट की प्रतिमा स्थापित
kushinagar
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रहसू बाजार। फाजिलनगर क्षेत्र के रहसू जनोबीपट्टी के पुरैना घाट पर रविवार की शाम महात्मा बुद्ध की साढ़े तीन फिट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई। इस प्रतिमा का अनावरण अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ के अध्यक्ष भंते महेंद्र ने किया।
उन्होंने कहा कि कुकुत्था नदी के किनारे पुरैना घाट पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण करने का बड़ा उद्देश्य है। यह बहुत ही प्राचीन नदी है। भगवान बुद्ध ने अंतिम बार यहीं पर जल ग्रहण किया था। इसके बाद वह कुशीनगर में महापरिनिर्वाण को प्राप्त किए थे। इस स्थल के महत्व को देखते हुए यहां पर पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगे चलकर भगवान बुद्ध की 108 प्रतिमाआें का अनावरण किया जाएगा। आज केवल एक प्रतिमा स्थापित की गई है। पर्यटन के दृष्टिकोण से इसके महत्व को देखते हुए देश विदेश के बुद्धिस्ट आएंगे, जिससे यहां के लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व पर्यटन विभाग से इसके विकास के संबंध में वार्ता की जाएगी। ग्राम प्रधान अरविंद सिंह ने कहा कि भगवान बुद्ध की प्रतिमा लगाने के लिए जितनी भी जमीन की आवश्यकता पड़ेगी, उतनी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान भदंत ज्ञानेश्वर, डॉ. रमाकांत सिंह, तारकेश्वर सिंह, महेंद्र, कुशवाहा, मुहम्मद शफी, तपेश्वर भगत, प्रदीप सिंह, रामआशीष सिंह, गुड्डू, चिरंजी गुप्ता, रामजीत प्रसाद, रियाजुद्दीन, परशुराम शर्मा, छोटेलाल यादव सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कुकुत्था नदी के किनारे पुरैना घाट पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण करने का बड़ा उद्देश्य है। यह बहुत ही प्राचीन नदी है। भगवान बुद्ध ने अंतिम बार यहीं पर जल ग्रहण किया था। इसके बाद वह कुशीनगर में महापरिनिर्वाण को प्राप्त किए थे। इस स्थल के महत्व को देखते हुए यहां पर पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगे चलकर भगवान बुद्ध की 108 प्रतिमाआें का अनावरण किया जाएगा। आज केवल एक प्रतिमा स्थापित की गई है। पर्यटन के दृष्टिकोण से इसके महत्व को देखते हुए देश विदेश के बुद्धिस्ट आएंगे, जिससे यहां के लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व पर्यटन विभाग से इसके विकास के संबंध में वार्ता की जाएगी। ग्राम प्रधान अरविंद सिंह ने कहा कि भगवान बुद्ध की प्रतिमा लगाने के लिए जितनी भी जमीन की आवश्यकता पड़ेगी, उतनी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान भदंत ज्ञानेश्वर, डॉ. रमाकांत सिंह, तारकेश्वर सिंह, महेंद्र, कुशवाहा, मुहम्मद शफी, तपेश्वर भगत, प्रदीप सिंह, रामआशीष सिंह, गुड्डू, चिरंजी गुप्ता, रामजीत प्रसाद, रियाजुद्दीन, परशुराम शर्मा, छोटेलाल यादव सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
विज्ञापन