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परिषदीय स्कूलों का लाइव
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विद्यार्थियों तक नहीं पहुंचीं किताबें, पढ़ाई प्रभावित
सितंबर माह समाप्त होने को है, विद्यार्थी कर रहे इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
डिबनी बंजरवा। कोरोना संकटकाल के लंबे अंतराल के बाद बीते एक सितंबर से परिषदीय विद्यालयों के साथ अन्य सभी स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई। इससे पटरी से उतर चुकी बच्चों की पढ़ाई पुन: पटरी पर लौटने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों की उम्मीदें प्रबल हो गईं। लेकिन सितंबर माह समाप्त होने को है और अभी तक कई परिषदीय विद्यालयों तक सरकार की तरफ से मिलने वाली निशुल्क किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है।
तमकुहीराज ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का बुधवार को पड़ताल की गई। इसमें पता चला कि ब्लॉक क्षेत्र के कई विद्यालयों तक अभी तक पुस्तकें नहीं पहुंच सकी है। क्षेत्र के माधोपुर बुजुर्ग गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुल 115 बच्चे नामांकित हैं। लेकिन विद्यालय को ही अभी तक पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। प्रधानाध्यापक अमिता मल्ल ने बताया कि अभी तक विद्यालय को विभाग की तरफ से कोई पुस्तकें नहीं मिली हैं और इस संदर्भ में उन्हें विभाग की तरफ से कोई निर्देश नहीं मिला है। कक्षा पांच के छात्र संजीव कुशवाहा ने बताया कि स्कूल से पुस्तक नहीं मिलने से श्यामपट्ट पर जो लिखा जाता है उसे ही कॉपी में उतार कर पढ़ाई करते हैं। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कुल 82 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन यहां भी किसी भी छात्र को अभी पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। विद्यालय की कक्षा आठवीं की छात्रा ममता कुशवाहा और ध्रुव चौहान ने बताया कि उन्हें अभी कोई पुस्तक नहीं मिली हैं। एक दो पुरानी पुस्तकों के सहारे पढ़ाई हो रही हैं। कक्षा सातवीं की छात्रा निधि पांडेय ने बताया कि बिना पुस्तकों के ही रोज पढ़ने आते हैं। इससे स्कूल में मिलने वाले गृहकार्य को पूरा करने में परेशानी होती है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मोरवन मठिया में पुस्तक वितरण की स्थिति सही नहीं मिली। इस विद्यालय की कक्षा छठीं की छात्रा अंशु गुप्ता और राधा ने बताया कि स्कूल से इस वर्ष पुस्तकें नहीं मिलने की वजह से सहपाठियों की पुरानी किताबें लेकर पढ़ाई की जा रही है। प्रधानाध्यापक निशा श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की तरफ से पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए बीते एक माह से आश्वासन मिल रहा है। लेकिन स्कूल को अभी तक कोई पुस्तकें नहीं मिली हैं।
प्राथमिक विद्यालय गोंसाईपट्टी में भी कुल 114 बच्चे नामांकित हैं। लेकिन विभाग की तरफ से पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने छात्र-छात्राएं पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक नुरूल हक अंसारी ने बताया कि पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों के सहारे बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। विभाग की तरफ से विद्यालय को किताबें उपलब्ध होते ही छात्र-छात्राओं में वितरण करा दिया जाएगा। बीईओ तमकुहीराज अंकित सिंह ने बताया कि अधिकांश किताबें बीईओ कार्यालय को मिल चुकी हैं। शेष किताबें भी शीघ्र मिलने की संभावना है। अगले सप्ताह तक सभी विद्यालयों में पहुंचा दी जाएंगी।
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सितंबर माह समाप्त होने को है, विद्यार्थी कर रहे इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
डिबनी बंजरवा। कोरोना संकटकाल के लंबे अंतराल के बाद बीते एक सितंबर से परिषदीय विद्यालयों के साथ अन्य सभी स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई। इससे पटरी से उतर चुकी बच्चों की पढ़ाई पुन: पटरी पर लौटने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों की उम्मीदें प्रबल हो गईं। लेकिन सितंबर माह समाप्त होने को है और अभी तक कई परिषदीय विद्यालयों तक सरकार की तरफ से मिलने वाली निशुल्क किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है।
तमकुहीराज ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का बुधवार को पड़ताल की गई। इसमें पता चला कि ब्लॉक क्षेत्र के कई विद्यालयों तक अभी तक पुस्तकें नहीं पहुंच सकी है। क्षेत्र के माधोपुर बुजुर्ग गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुल 115 बच्चे नामांकित हैं। लेकिन विद्यालय को ही अभी तक पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। प्रधानाध्यापक अमिता मल्ल ने बताया कि अभी तक विद्यालय को विभाग की तरफ से कोई पुस्तकें नहीं मिली हैं और इस संदर्भ में उन्हें विभाग की तरफ से कोई निर्देश नहीं मिला है। कक्षा पांच के छात्र संजीव कुशवाहा ने बताया कि स्कूल से पुस्तक नहीं मिलने से श्यामपट्ट पर जो लिखा जाता है उसे ही कॉपी में उतार कर पढ़ाई करते हैं। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कुल 82 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन यहां भी किसी भी छात्र को अभी पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। विद्यालय की कक्षा आठवीं की छात्रा ममता कुशवाहा और ध्रुव चौहान ने बताया कि उन्हें अभी कोई पुस्तक नहीं मिली हैं। एक दो पुरानी पुस्तकों के सहारे पढ़ाई हो रही हैं। कक्षा सातवीं की छात्रा निधि पांडेय ने बताया कि बिना पुस्तकों के ही रोज पढ़ने आते हैं। इससे स्कूल में मिलने वाले गृहकार्य को पूरा करने में परेशानी होती है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मोरवन मठिया में पुस्तक वितरण की स्थिति सही नहीं मिली। इस विद्यालय की कक्षा छठीं की छात्रा अंशु गुप्ता और राधा ने बताया कि स्कूल से इस वर्ष पुस्तकें नहीं मिलने की वजह से सहपाठियों की पुरानी किताबें लेकर पढ़ाई की जा रही है। प्रधानाध्यापक निशा श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की तरफ से पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए बीते एक माह से आश्वासन मिल रहा है। लेकिन स्कूल को अभी तक कोई पुस्तकें नहीं मिली हैं।
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प्राथमिक विद्यालय गोंसाईपट्टी में भी कुल 114 बच्चे नामांकित हैं। लेकिन विभाग की तरफ से पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने छात्र-छात्राएं पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक नुरूल हक अंसारी ने बताया कि पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों के सहारे बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। विभाग की तरफ से विद्यालय को किताबें उपलब्ध होते ही छात्र-छात्राओं में वितरण करा दिया जाएगा। बीईओ तमकुहीराज अंकित सिंह ने बताया कि अधिकांश किताबें बीईओ कार्यालय को मिल चुकी हैं। शेष किताबें भी शीघ्र मिलने की संभावना है। अगले सप्ताह तक सभी विद्यालयों में पहुंचा दी जाएंगी।
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