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बर्ड फ्लू : प्रशासन अलर्ट, गोरखपुर से मुर्गा मंगाने पर लगाई रोक

Mon, 02 Jun 2025 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 02 Jun 2025 12:38 AM IST
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Bird flu: Administration on alert, ban imposed on importing chicken from Gorakhpur
पोल्ट्री फाॅर्म में जांच करते पशु चिकित्साधिकारी।संवाद 
कुशीनगर। गोरखपुर में मुर्गा की दुकानों पर जांच में बर्ड फ्लू मिलने के बाद जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। छह सर्विलांस टीम को पशु पालन विभाग ने सक्रिय कर दिया है। गोरखपुर से आने वाले मुर्गा पर रोेक लगा दी गई है। वहीं बिहार व देवरिया बार्डर भी सर्विलांस टीम तैनात है। इसके लिए स्थानीय पुलिस से भी टीम मदद ले रही है। रविवार को मुर्गा व बिरयानी की मांग शहर की दुकानों पर कम रही।
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गोरखपुर के चिड़ियाघर के जानवरों में बर्ड फ्लू का वायरस मिलने के बाद 500 से अधिक मुर्गा का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया था। जांच में सभी रिपोर्ट निगेटिव आई है। गोरखपुर के मुर्गा का सैंपल पाजिटिव मिलने के बाद जिले में भी हड़कंप मच गया है। पशु पालन विभाग की ओर से छह सर्विलांस टीम इसकी रोकथाम के लिए गठित की गई है। तीन टीमों की ड्यूटी जिले को गोरखपुर से जोड़ने वाले बार्डर पर सक्रिय किया गया है, ताकि गोरखपुर से आने वाले मुर्गा की जिले में आवक न हो।
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इसके अलावा देवरिया से जिले को जोड़ने वाली सड़क पर भी टीम की नजर है, जबकि बिहार से आने वाले मुर्गा पर अभी रोक नहीं लगाया गया है। आबादी के बीच बने अंडा फाॅर्म व पोल्ट्री फार्म संचालकों को सफाई के लिए निर्देश दिया गया है। इसके लिए ब्लाक स्तरीय पशु पालन विभाग के कर्मचारी भी पहुंच कर सफाई कराने के लिए कह रहे हैं। बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद शहर के बिरयानी और मुर्गा की दुकानों पर लोगों की भीड़ कम देखी गई। शहर के कोतवाली रोड के समीप एक बिरयानी दुकानदार ने बताया कि आज सिर्फ दो ग्राहक बिरयानी शाम 4 बजे तक आए हैं, नहीं तो प्रति दिन 40 से 45 ग्राहक आते थे।
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स्थानीय पशु पालन विभाग के डॉक्टर मुर्गी फार्म की जांच करेंगे, निगरानी करेंगे। साथ लक्षण मिलने पर जांच करने के साथ ही इलाज करेंगे। वहीं, आकड़ों की बात करें तो जनपद में 100 से अधिक मुर्गी फार्म संचालित हो रहा है और लाखों का कारोबार प्रतिदिन का है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुर्गी में अधिक होता है। ऐसे में अगर बिरयानी या फिर चिकन के शौकीन हैं तो सतर्क हो जाएं और बचकर खाएं, क्योंकि संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में बीमारी के नियंत्रित होने तक बचने की जरूरत है।

ऐसे फैलता है बर्ड फ्लू : मनुष्य को बर्ड फ्लू हो सकता है यदि वे संक्रमित जानवर के शरीर के तरल पदार्थ, जैसे थूक (लार), दूध, श्वसन बूंदों या पूप (मल) के संपर्क में आते हैं। आप इसे जानवरों के आवास में छोटे धूल कणों से सांस के माध्यम से अंदर ले सकते हैं या शरीर के तरल पदार्थ को छूने के बाद इसे अपनी आंखों, नाक या मुंह में ले सकते हैं। बर्ड फ्लू के जोखिम जो लोग मुर्गीपालन, जलपक्षी (जैसे बत्तख या हंस) और डेयरी गायों के साथ काम करते हैं, उनमें बर्ड फ्लू का खतरा सबसे अधिक होता है।
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