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स्नान-दान के बाद लिया मेले का आनंद
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:44 PM IST
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मेले में मौजूद लोग।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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खड्डा। गंडक नदी के भैंसहा घाट पर शनिवार को चैत्रवरणी मेला में बड़ी संख्या में श्रद्घालु पहुंचे। सुबह से ही स्नान व दुर्गा मंदिर में पूजा के बाद लोगों ने अपने अन्य धार्मिक क्रिया कलाप पूर्ण किया। इसके बाद मेले में खरीददारी की। दिन भर मेले में भीड़ रही।
चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर गंडक नदी के भैंसहा घाट पर मेला लगता है। इस मेले में कुशीनगर व महराजगंज जिले के अलावा पड़ोसी देश नेपाल तथा पड़ोसी राज्य बिहार के भी लोग आते हैं। मौसम खराब होने के बावजूद श्रद्घालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। दिन भर यहां मुंडन संस्कार से लेकर कथा आदि का क्रम चलता रहा। महिलाओं ने दुर्गा मंदिर परिसर में कड़ाही चढ़ाकर परिवार के सुख-समृद्घि की कामना की।
भैंसहा घाट पर लगे इस मेले से क्षेत्र के लोगों की आस्था जुड़ी है। इसी के तहत शनिवार को कई ऐसे परिवार भी पहुंचे थे जिनके घर की लड़की या लड़के की शादी तय हो रही है। मेला में पहुंचे ये लोग परिवार समेत लड़की देखने व शादी तय करने के लिए बातचीत में जुटे थे। ऐसे परिवारों की तरफ से वहीं भोजन बनाने व खिलाने का कार्य भी होता रहा।
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चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर गंडक नदी के भैंसहा घाट पर मेला लगता है। इस मेले में कुशीनगर व महराजगंज जिले के अलावा पड़ोसी देश नेपाल तथा पड़ोसी राज्य बिहार के भी लोग आते हैं। मौसम खराब होने के बावजूद श्रद्घालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। दिन भर यहां मुंडन संस्कार से लेकर कथा आदि का क्रम चलता रहा। महिलाओं ने दुर्गा मंदिर परिसर में कड़ाही चढ़ाकर परिवार के सुख-समृद्घि की कामना की।
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भैंसहा घाट पर लगे इस मेले से क्षेत्र के लोगों की आस्था जुड़ी है। इसी के तहत शनिवार को कई ऐसे परिवार भी पहुंचे थे जिनके घर की लड़की या लड़के की शादी तय हो रही है। मेला में पहुंचे ये लोग परिवार समेत लड़की देखने व शादी तय करने के लिए बातचीत में जुटे थे। ऐसे परिवारों की तरफ से वहीं भोजन बनाने व खिलाने का कार्य भी होता रहा।
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