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Kushinagar News: बैकरोलिंग से कंक्रीट ब्लॉक गंडक नदी में विलीन
Fri, 23 Aug 2024 05:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 23 Aug 2024 05:28 AM IST
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खड्डा/तमकुहीरोड। गंडक नदी का जलस्तर तीन दिन से चेतावनी बिंदु से 50 सेमी ऊपर है। बृहस्पतिवार को छितौनी तटबंध के स्पर सी के डाउन स्ट्रीम में नदी के तेज बैकरोलिंग से कंक्रीट ब्लाक सहित जमीन भूमि नदी में विलीन हो गई। इससे तटवर्ती लोग भयभीत हैं। हालांकि, बाढ़ खंड ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। बोल्डर गिराकर कटान को रोकने की कवायद की जा रही है।
गंडक नदी के डिस्चार्ज पिछले तीन दिन से डेढ़ लाख क्यूसेक से ऊपर बना हुआ है। इससे विरवट कोन्हवलिया में कट एंड टू बांध सहित एपी तटबंध के कई स्थानों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, खतरे से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को कुछ हिस्सों में बोल्डर डंपिंग कराया गया। लोगों का कहना है कि जब तक सभी कटान वाले स्थानों के साथ ठोकरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं बनाई जाएगी, कटान की समस्या से निजात मुश्किल है।
भैसहा गांव के पीपा पुल वाले स्थान के समीप नदी की धारा तेज हो गई और छितौनी तटबंध के किलोमीटर 6.800 के ठोकर (स्पर सी) से टकराने लगी। डाउन स्ट्रीम में बैकरोलिंग शुरू होने से ठोकर के पास कटान तेज हो गई। ठोकर की सुरक्षा के लिए बनाए गए कंक्रीट ब्लॉक का कुछ हिस्सा नदी में समा गया। इसकी खबर मिलने के बाद बाढ़ खंड विभाग के जिम्मेदार पहुंच गए और कटान से बचाव का कार्य शुरू कर दिया।
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अचानक कटान तेज होने से तटवर्ती गांव के लोग सहम गए हैं। तीन दिन से वाल्मीकि गंडक बैराज से नदी में पानी का डिस्चार्ज डेढ़ लाख क्यूसेक के ऊपर दो लाख के करीब बना हुआ है, बृहस्पतिवार शाम 5 बजे डिस्चार्ज 1,86,200 क्यूसेक था। डिस्चार्ज में बढ़ोतरी से भैंसहा गेज पर शाम पांच बजे तक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 48 सेमी ऊपर 95.48 मीटर था। तीन दिन से कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन चौधरी ने दूरभाष पर बताया कि ठोकर के पास कटान हो रही थी। बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
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गंडक नदी के डिस्चार्ज पिछले तीन दिन से डेढ़ लाख क्यूसेक से ऊपर बना हुआ है। इससे विरवट कोन्हवलिया में कट एंड टू बांध सहित एपी तटबंध के कई स्थानों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, खतरे से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को कुछ हिस्सों में बोल्डर डंपिंग कराया गया। लोगों का कहना है कि जब तक सभी कटान वाले स्थानों के साथ ठोकरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं बनाई जाएगी, कटान की समस्या से निजात मुश्किल है।
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भैसहा गांव के पीपा पुल वाले स्थान के समीप नदी की धारा तेज हो गई और छितौनी तटबंध के किलोमीटर 6.800 के ठोकर (स्पर सी) से टकराने लगी। डाउन स्ट्रीम में बैकरोलिंग शुरू होने से ठोकर के पास कटान तेज हो गई। ठोकर की सुरक्षा के लिए बनाए गए कंक्रीट ब्लॉक का कुछ हिस्सा नदी में समा गया। इसकी खबर मिलने के बाद बाढ़ खंड विभाग के जिम्मेदार पहुंच गए और कटान से बचाव का कार्य शुरू कर दिया।
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अचानक कटान तेज होने से तटवर्ती गांव के लोग सहम गए हैं। तीन दिन से वाल्मीकि गंडक बैराज से नदी में पानी का डिस्चार्ज डेढ़ लाख क्यूसेक के ऊपर दो लाख के करीब बना हुआ है, बृहस्पतिवार शाम 5 बजे डिस्चार्ज 1,86,200 क्यूसेक था। डिस्चार्ज में बढ़ोतरी से भैंसहा गेज पर शाम पांच बजे तक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 48 सेमी ऊपर 95.48 मीटर था। तीन दिन से कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन चौधरी ने दूरभाष पर बताया कि ठोकर के पास कटान हो रही थी। बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।