{"_id":"687d43ad256eb0ec6d0dbeea","slug":"asha-worker-had-admitted-the-pregnant-woman-in-an-illegal-hospital-notice-issued-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-141941-2025-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: प्रसूता को अवैध अस्पताल में आशा कार्यकर्ता ने कराया था भर्ती, नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: प्रसूता को अवैध अस्पताल में आशा कार्यकर्ता ने कराया था भर्ती, नोटिस जारी
Mon, 21 Jul 2025 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 21 Jul 2025 12:59 AM IST
विज्ञापन
हाटा। कस्बे के देवरिया रोड पर बेसमेंट में संचालित अवैध सिया हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों में एक आशा कार्यकर्ता और दूसरा दलाल का नाम स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताया है। गर्भवती महिला को तो आशा कार्यकर्ता बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पताल में ले जाकर प्रसव कराई थी। आशा कार्यकर्ता को नोटिस देने के साथ अवैध अस्पताल संचालक पर केस दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। वहीं सीएचसी अधीक्षक ने हाटा ब्लॉक में संचालित 14 अस्पतालों को नोटिस जारी कर रजिस्ट्रेशन से जुड़े पेपर मांगे हैं। इसके अलावा अभी कई निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिसकी सूची सीएमओ कार्यालय से सीएचसी अधीक्षक ने मांगी है।
कस्बे के अवैध अस्पताल में अमारी गांव के रहने वाले अरुण ने बताया कि अपनी पत्नी शशिकला के प्रसव के लिए सरकारी हॉस्पिटल लेकर गए थे। गांव की आशा कार्यकर्ता ने कहा कि यहां पर प्रसव कराने में दिक्कत है, एक निजी अस्पताल में बेहतर इलाज की बात कह कर लेती गई। हम लोगों को नहीं पता था कि इस हॉस्पिटल का पंजीकरण नहीं है। वहीं रामपुर पौटवा गांव के प्रकाश प्रसाद ने बताया कि पत्नी सोनकेशा के बच्चेदानी का इलाज के लिए सीएचसी पर लेकर गए, वहां एक दलाल अपनी बातों में फंसा लिया और अवैध अस्पताल में लाकर ऑपरेशन करा दिया। 15 हजार रुपये जमा किया था, बाकी डिस्चार्ज होने के बाद देना था, तब तक जांच में पता चला कि इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। दोनों मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि ऐसे अस्पतालों पर अभियान चलाकर स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करना चाहिए। हाटा के सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ता की पहचान कर लिया गया है। नोटिस जारी किया जाएगा। इसके अलावा 14 निजी अस्पतालों को नोटिस देकर रजिस्ट्रेशन का पेपर जांच के लिए मांगा गया है। सीएमओ कार्यालय से भी नई सूची मांगी गई है ताकि कितने अस्पताल, अल्ट्रासाउंड सेंटर ब्लॉक में संचालित हो रहे हैं। इसकी जानकारी हो सके। जांच पूरा होने के बाद अवैध अस्पताल संचालकों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन
कस्बे के अवैध अस्पताल में अमारी गांव के रहने वाले अरुण ने बताया कि अपनी पत्नी शशिकला के प्रसव के लिए सरकारी हॉस्पिटल लेकर गए थे। गांव की आशा कार्यकर्ता ने कहा कि यहां पर प्रसव कराने में दिक्कत है, एक निजी अस्पताल में बेहतर इलाज की बात कह कर लेती गई। हम लोगों को नहीं पता था कि इस हॉस्पिटल का पंजीकरण नहीं है। वहीं रामपुर पौटवा गांव के प्रकाश प्रसाद ने बताया कि पत्नी सोनकेशा के बच्चेदानी का इलाज के लिए सीएचसी पर लेकर गए, वहां एक दलाल अपनी बातों में फंसा लिया और अवैध अस्पताल में लाकर ऑपरेशन करा दिया। 15 हजार रुपये जमा किया था, बाकी डिस्चार्ज होने के बाद देना था, तब तक जांच में पता चला कि इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। दोनों मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि ऐसे अस्पतालों पर अभियान चलाकर स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करना चाहिए। हाटा के सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ता की पहचान कर लिया गया है। नोटिस जारी किया जाएगा। इसके अलावा 14 निजी अस्पतालों को नोटिस देकर रजिस्ट्रेशन का पेपर जांच के लिए मांगा गया है। सीएमओ कार्यालय से भी नई सूची मांगी गई है ताकि कितने अस्पताल, अल्ट्रासाउंड सेंटर ब्लॉक में संचालित हो रहे हैं। इसकी जानकारी हो सके। जांच पूरा होने के बाद अवैध अस्पताल संचालकों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन