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Kushinagar News: घेराबंदी बढ़ी तो अलाउद्दीन ने किया सरेंडर
Tue, 21 Jan 2025 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 21 Jan 2025 12:06 AM IST
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तमकुहीराज। डॉक्टरों की फर्जी डिग्री बनाकर बेचने का आरोपी अलाउद्दीन ने मुकामी पुलिस के बढ़ते दबाव से गोरखपुर कोर्ट में सोमवार को सरेंडर कर दिया। करीब पांच माह से वह गोरखपुर और कुशीनगर की पुलिस को छका रहा था।
आरोपी के रात में घर पर रुकने और दिन में गायब होने की सूचना मिलने पर करीब दस दिन पूर्व एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने तमकुहीराज थानाध्यक्ष की जमकर क्लास लगाई। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने आरोपी के परिजनों और संपर्क में रहने वालों पर दबाव बनाया, जिसका नतीजा सोमवार को सरेंडर के रूप में देखने को मिला।
गोरखपुर के गुलरिहा थाने में बीते मई माह डॉ. राहुल नायक की तहरीर पर डॉक्टरों की फर्जी डिग्री बेचने के आरोप में तमकुहीराज नगर के वार्ड नंबर तीन के तुलसी नगर निवासी अलाउद्दीन समेत कुछ लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया। जांच के बाद गोरखपुर पुलिस जालसाज अलाउद्दीन की तलाश में अगस्त में तमकुहीराज उसके घर पहुंची थी। सूचना लीक होने के कारण अलाउद्दीन फरार हो गया। गोरखपुर पुलिस आरोपी अलाउद्दीन की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन लोकल पुलिस विभाग में नेटवर्क तगड़ा होने के चलते वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। पुलिस ने 25 हजार का इनाम भी आरोपी पर घोषित किया था।
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सितंबर में अलाउद्दीन ने गोरखपुर न्यायालय में सरेंडर का प्रयास किया, लेकिन गोरखपुर सिटी एसपी अभिनव त्यागी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स न्यायालय के बाहर अलाउद्दीन को दबोचने के मौजूद रही। इसकी जानकारी होने के बाद अलाउद्दीन सरेंडर नहीं किया और पुलिस को चकमा देने लगा। बीते कुछ दिनों से अलाउद्दीन ने पैतृक घर और बिहार के आसपास के इलाकों को अपना सेफ ठिकाना बना लिया था।
गोरखपुर पुलिस कई बार इसकी गिरफ्तारी के लिए तमकुही पहुंची, सूचना लीक होने के कारण वह पकड़ में नहीं आया। इससे जुड़ी खबरों को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। एसपी को इसकी जानकारी हुई तो तमकुहीराज इंस्पेक्टर अमित शर्मा को बुलाकर क्लास ली और अलाउद्दीन की शीघ्र गिरफ्तार कर गोरखपुर पुलिस को सौंपने का निर्देश दिए थे। इसके बाद तमकुहीराज पुलिस सक्रिय हुई और अलाउद्दीन के करीबियों पर दबाव बनाना शुरू किया। अलाउद्दीन को लगा कि अब वह पुलिस से नहीं बच पाएगा तो गोरखपुर कोर्ट मेंं सरेंडर कर दिया।
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आरोपी के रात में घर पर रुकने और दिन में गायब होने की सूचना मिलने पर करीब दस दिन पूर्व एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने तमकुहीराज थानाध्यक्ष की जमकर क्लास लगाई। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने आरोपी के परिजनों और संपर्क में रहने वालों पर दबाव बनाया, जिसका नतीजा सोमवार को सरेंडर के रूप में देखने को मिला।
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गोरखपुर के गुलरिहा थाने में बीते मई माह डॉ. राहुल नायक की तहरीर पर डॉक्टरों की फर्जी डिग्री बेचने के आरोप में तमकुहीराज नगर के वार्ड नंबर तीन के तुलसी नगर निवासी अलाउद्दीन समेत कुछ लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया। जांच के बाद गोरखपुर पुलिस जालसाज अलाउद्दीन की तलाश में अगस्त में तमकुहीराज उसके घर पहुंची थी। सूचना लीक होने के कारण अलाउद्दीन फरार हो गया। गोरखपुर पुलिस आरोपी अलाउद्दीन की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन लोकल पुलिस विभाग में नेटवर्क तगड़ा होने के चलते वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। पुलिस ने 25 हजार का इनाम भी आरोपी पर घोषित किया था।
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सितंबर में अलाउद्दीन ने गोरखपुर न्यायालय में सरेंडर का प्रयास किया, लेकिन गोरखपुर सिटी एसपी अभिनव त्यागी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स न्यायालय के बाहर अलाउद्दीन को दबोचने के मौजूद रही। इसकी जानकारी होने के बाद अलाउद्दीन सरेंडर नहीं किया और पुलिस को चकमा देने लगा। बीते कुछ दिनों से अलाउद्दीन ने पैतृक घर और बिहार के आसपास के इलाकों को अपना सेफ ठिकाना बना लिया था।
गोरखपुर पुलिस कई बार इसकी गिरफ्तारी के लिए तमकुही पहुंची, सूचना लीक होने के कारण वह पकड़ में नहीं आया। इससे जुड़ी खबरों को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। एसपी को इसकी जानकारी हुई तो तमकुहीराज इंस्पेक्टर अमित शर्मा को बुलाकर क्लास ली और अलाउद्दीन की शीघ्र गिरफ्तार कर गोरखपुर पुलिस को सौंपने का निर्देश दिए थे। इसके बाद तमकुहीराज पुलिस सक्रिय हुई और अलाउद्दीन के करीबियों पर दबाव बनाना शुरू किया। अलाउद्दीन को लगा कि अब वह पुलिस से नहीं बच पाएगा तो गोरखपुर कोर्ट मेंं सरेंडर कर दिया।